ग्रामीण समुदायों में मानसिक स्वास्थ्य का महत्त्व
सौंसर, मध्यप्रदेश में हाल ही में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें प्रसिद्ध अभिनेत्री और द लिव लव लाफ फाउंडेशन की संस्थापक दीपिका पादुकोण ने हिस्सा लिया। अपने व्यक्तिगत यात्रा कार्यक्रम के दौरान दीपिका नागपुर होते हुए सौंसर पहुँचीं और यहां ग्रामीण आदिवासी समाज विकास संस्थान के सहयोग से चल रहे सामुदायिक मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम का जमीनी स्तर पर निरीक्षण किया।
इस कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ाने, जागरूकता फैलाने और समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने पर विशेष ध्यान दिया गया। दीपिका पादुकोण ने ग्रामीण क्षेत्र में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी वास्तविक चुनौतियों और समाधान को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर प्राप्त किया।
जमीनी स्तर पर हो रहे प्रयासों का अवलोकन
दीपिका पादुकोण ने कार्यक्रम के दौरान मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे व्यक्तियों और उनके परिवारों से व्यक्तिगत संवाद किया। उन्होंने उनके अनुभवों, दैनिक संघर्षों और संस्था से मिले सहयोग को गहराई से समझा।
सौंसर में, फाउंडेशन की सीईओ अनिशा पादुकोण, ट्रस्टी डॉ. श्याम भट और ग्रामीण आदिवासी समाज विकास संस्थान के निदेशक विजय धवले भी मौजूद थे। दीपिका ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समाज की बदलती सोच पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा,
“अब लोग मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को छुपाने के बजाय उपचार के लिए आगे आ रहे हैं। यह समाज में सबसे बड़ा बदलाव है।”

मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच बनाने में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका
दीपिका ने कार्यक्रम के दौरान मानसिक रोगी देखभालकर्ताओं और आशा कार्यकर्ताओं के साथ भी गहन संवाद किया। उन्होंने इनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर ये कार्यकर्ता मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को हाशिए पर पड़े समुदायों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इन प्रयासों से न केवल मानसिक बीमारियों के प्रति कलंक कम हो रहा है, बल्कि समाज में जागरूकता बढ़ रही है और लोग उपचार के लिए खुलकर आगे आ रहे हैं।
फाउंडेशन की व्यापक पहल
दीपिका पादुकोण का द लिव लव लाफ फाउंडेशन वर्तमान में भारत के सात राज्यों के 20 जिलों में सक्रिय है। इसका उद्देश्य उन समुदायों तक मानसिक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना है जिन्हें इनकी सर्वाधिक आवश्यकता है।
फाउंडेशन की टीम ग्रामीण समुदायों में मानसिक स्वास्थ्य प्रशिक्षण कार्यक्रम, जागरूकता अभियान और व्यक्तिगत परामर्श से स्थानीय लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग कर रही है। दीपिका के नेतृत्व में यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
सामाजिक दृष्टिकोण में बदलाव
दीपिका पादुकोण ने अपने संवाद में कहा कि अब समाज मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को समझने और स्वीकारने लगा है। यह बदलाव केवल जागरूकता अभियान से ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्यरत संस्थाओं और कार्यकर्ताओं के लगातार प्रयासों से संभव हुआ है।
उन्होंने यह भी बताया कि फाउंडेशन का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और मजबूत किया जाए, ताकि देश के प्रत्येक समुदाय में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित हो सके।
निष्कर्ष
दीपिका पादुकोण की इस पहल से यह स्पष्ट होता है कि सामुदायिक मानसिक स्वास्थ्य अब केवल बड़े शहरों या शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रह गया है। ग्रामीण और हाशिए पर पड़े क्षेत्रों में भी लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उनके जमीनी प्रयास और कार्यक्रम प्रेरणादायक हैं, जो ग्रामीण समुदायों में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक साबित हो रहे हैं।