नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो में पिछले पांच दिनों से चल रहे संकट ने यात्रियों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। तकनीकी खराबी और अन्य कारणों से इंडिगो ने 1000 से ज्यादा उड़ानें रद कर दी हैं, जिससे देशभर के हवाई अड्डों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। इस स्थिति का फायदा उठाते हुए अन्य एयरलाइन कंपनियां मनमाने तरीके से किराए वसूल रही थीं। हालांकि अब केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए सभी रूटों पर हवाई किराए की सीमा तय कर दी है।
इंडिगो संकट से बढ़ी यात्रियों की परेशानी
पिछले पांच दिनों से इंडिगो की सेवाओं में आई खराबी ने लाखों यात्रियों की योजनाओं पर पानी फेर दिया है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और अन्य प्रमुख शहरों के हवाई अड्डों पर यात्रियों की लंबी कतारें देखी गईं। कई लोगों की जरूरी मीटिंग्स रद हो गईं तो कुछ को पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो पाने का दुख झेलना पड़ा। इंडिगो भारत की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन है और देश के कुल हवाई यातायात का लगभग 60 फीसदी हिस्सा इसी के पास है। ऐसे में इसकी सेवाओं में आई खराबी का असर पूरे देश में देखने को मिला।
अन्य एयरलाइन्स ने बढ़ाए किराए
इंडिगो की उड़ानें रद होने से अचानक अन्य एयरलाइन कंपनियों के पास यात्रियों की भीड़ बढ़ गई। मांग और आपूर्ति के इस असंतुलन का फायदा उठाते हुए कई एयरलाइनों ने अपने टिकट के दाम कई गुना बढ़ा दिए। जो टिकट सामान्य दिनों में 3000 से 4000 रुपये में मिल जाते थे, वे 15000 से 20000 रुपये तक पहुंच गए। दिल्ली से मुंबई, बेंगलुरु से हैदराबाद जैसे व्यस्त रूटों पर टिकट की कीमतें आसमान छूने लगीं। इससे आम यात्रियों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ा।
सरकार का ऐतिहासिक फैसला
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने शनिवार को एक बड़ा फैसला लिया। मंत्रालय ने सभी प्रभावित रूटों पर हवाई किराए की अधिकतम सीमा तय कर दी है। इस फैसले के तहत अब कोई भी एयरलाइन कंपनी निर्धारित सीमा से अधिक किराया नहीं वसूल सकेगी। सिविल एविएशन मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि यात्रियों के हित में और वाजिब किराया सुनिश्चित करने के लिए नियामक शक्तियों का उपयोग किया गया है।
किन रूटों पर लागू होगा ये नियम
हालांकि सरकार ने अभी तक विस्तृत रूट की सूची जारी नहीं की है, लेकिन सूत्रों के अनुसार जिन रूटों पर इंडिगो की सबसे ज्यादा उड़ानें रद हुई हैं और जहां किराए में असामान्य वृद्धि देखी गई है, वहां ये नियम लागू होगा। इसमें दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-बेंगलुरु, मुंबई-गोवा, दिल्ली-कोलकाता जैसे व्यस्त रूट शामिल होने की संभावना है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक ये किराया सीमा लागू रहेगी।
एयरलाइंस को सख्त चेतावनी
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी एयरलाइन कंपनियों को आधिकारिक निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में साफ तौर पर कहा गया है कि तय की गई किराया सीमा का सख्ती से पालन करना अनिवार्य है। किसी भी प्रकार के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने एयरलाइनों को चेतावनी दी है कि संकट की स्थिति में यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यात्रियों को कैसे मिलेगी राहत
इस फैसले से आने वाले दिनों में हवाई यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को सीधा फायदा होगा। जो लोग पहले ऊंची कीमतों के कारण हवाई यात्रा से बचना चाह रहे थे, वे अब निश्चिंत होकर टिकट बुक कर सकेंगे। विशेष रूप से इमरजेंसी या जरूरी काम से यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह बड़ी राहत है। किराया सीमा से बाजार में प्रतिस्पर्धा भी स्वस्थ रहेगी और एयरलाइनों को मनमानी करने का मौका नहीं मिलेगा।
इंडिगो संकट की असली वजह
इंडिगो ने अपने बयान में कहा है कि विमानों के रखरखाव और तकनीकी जांच के कारण कई उड़ानें अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ी हैं। कंपनी ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हालांकि उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ते बेड़े और पायलट की कमी भी इस संकट के पीछे प्रमुख कारण हो सकते हैं।
आगे की राह
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा है कि वह लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है। इंडिगो के साथ भी विस्तृत चर्चा की जा रही है ताकि जल्द से जल्द सेवाएं सामान्य हो सकें। सरकार ने अन्य एयरलाइनों से भी अपील की है कि वे अतिरिक्त क्षमता लगाकर यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करें। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले एक सप्ताह में स्थिति में सुधार देखने को मिल सकता है।
यह घटना भारतीय विमानन क्षेत्र में नियामक ढांचे की जरूरत को रेखांकित करती है। सरकार का यह कदम दर्शाता है कि संकट के समय यात्रियों के हितों की रक्षा सर्वोपरि है। आने वाले समय में ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए और मजबूत नियम बनाए जा सकते हैं।