Attack on Venezuela: दुनिया के कई हिस्से पहले ही युद्ध और तनाव की आग में झुलस रहे हैं, ऐसे में वेनेजुएला की राजधानी काराकास से आई खबरों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता और बढ़ा दी है। आज तड़के स्थानीय समयानुसार करीब रात दो बजे काराकास में एक के बाद एक कम से कम सात जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। इन धमाकों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पूरे शहर में दहशत का माहौल बन गया। कई इलाकों में लोगों ने अपने घरों से बाहर निकलकर आसमान में धुएं के गुबार उठते देखे और कम ऊंचाई पर उड़ते विमानों की आवाजें सुनीं।
शहर के दक्षिणी हिस्से में, जहां एक प्रमुख सैन्य ठिकाना स्थित है, वहां अचानक बिजली गुल हो गई। यह संयोग नहीं बल्कि किसी बड़े घटनाक्रम का संकेत माना जा रहा है। धमाकों की गूंज केवल एक इलाके तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे काराकास में महसूस की गई। लोग नींद से जागकर सड़कों पर आ गए और हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
धमाकों के बाद सड़कों पर उतरे लोग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाकों के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। कई लोग मोबाइल फोन पर वीडियो रिकॉर्ड करने लगे, जो कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। इन वीडियो में धुएं के गुबार, सायरन की आवाजें और दहशत में भागते लोग साफ दिखाई दे रहे हैं। आम नागरिकों के बीच यह सवाल तेजी से फैल गया कि आखिर शहर पर हमला हुआ है या कोई सैन्य अभ्यास चल रहा है।
सैन्य ठिकानों के पास ज्यादा हलचल
स्थानीय पत्रकारों और मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि ला कार्लोटा एयरपोर्ट के आसपास धुएं के घने गुबार देखे गए। यह इलाका रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया नेटवर्क सीएनएन की टीम ने भी मौके पर मौजूद रहते हुए इन धमाकों को रिकॉर्ड किया। टीम के मुताबिक एक धमाका इतना जोरदार था कि आसपास की इमारतों की खिड़कियां तक हिल गईं।
कोलंबिया के राष्ट्रपति ने जताई हमले की आशंका
इस घटनाक्रम के बाद सबसे तीखी प्रतिक्रिया कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो की ओर से सामने आई। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि काराकास पर बमबारी की जा रही है और पूरी दुनिया को सतर्क हो जाना चाहिए। उनके अनुसार वेनेजुएला पर मिसाइलों से हमला किया जा रहा है और इस स्थिति में अमेरिकी देशों के संगठन और संयुक्त राष्ट्र को तुरंत बैठक बुलानी चाहिए।
पेट्रो ने यह भी कहा कि कोलंबिया अब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का सदस्य है और उसे वेनेजुएला के खिलाफ संभावित हमले की अंतरराष्ट्रीय वैधता पर तत्काल चर्चा करनी चाहिए। उनके इस बयान ने पूरे घटनाक्रम को और गंभीर बना दिया।
सीमा क्षेत्रों में बढ़ाई गई सतर्कता
कोलंबिया सरकार ने बताया कि सीमा के पास कुकुटा क्षेत्र में यूनिफाइड कमांड पोस्ट को सक्रिय कर दिया गया है। बॉर्डर पर ऑपरेशनल प्लान लागू कर दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। यह कदम इस बात का संकेत है कि पड़ोसी देश भी हालात को सामान्य नहीं मान रहे हैं।
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच पहले से तनाव
हालांकि अभी तक यह आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है कि ये धमाके किसी अमेरिकी हमले का नतीजा हैं या नहीं। अमेरिका और वेनेजुएला के संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के दौरान अमेरिका ने वेनेजुएला की मादुरो सरकार पर नार्को-टेररिज्म के आरोप लगाए थे। बीते महीनों में ड्रग तस्करी के आरोपों के तहत वेनेजुएला से जुड़ी नावों पर हमले किए गए थे।
दिसंबर में एक डॉक सुविधा पर सीआईए ड्रोन स्ट्राइक की रिपोर्ट्स ने पहले ही माहौल को गरमा दिया था। ऐसे में काराकास में हुए ये धमाके उसी कड़ी का हिस्सा माने जा रहे हैं, हालांकि इसकी पुष्टि अभी बाकी है।
तेल संसाधन और भू-राजनीतिक हित
वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देशों में से एक है। अमेरिका लंबे समय से वहां की सरकार पर दबाव बनाता रहा है। निकोलस मादुरो सरकार पर आरोप लगाए जाते रहे हैं कि वह ड्रग तस्करी को संरक्षण देती है, जबकि मादुरो सरकार इन आरोपों को सिरे से खारिज करती रही है। हाल ही में मादुरो ने ड्रग तस्करी के मुद्दे पर बातचीत की पेशकश भी की थी, लेकिन इसके बावजूद तनाव कम नहीं हुआ।
दुनिया की नजरें आधिकारिक बयान पर
अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि वेनेजुएला सरकार और अमेरिकी पेंटागन इस घटनाक्रम पर क्या आधिकारिक बयान जारी करते हैं। अब तक दोनों ही पक्षों की ओर से चुप्पी बनी हुई है, जिसने अटकलों को और हवा दे दी है। यदि यह किसी सैन्य हमले की पुष्टि होती है, तो इसके दूरगामी अंतरराष्ट्रीय परिणाम हो सकते हैं।