Nitin Gadkari: नागपुर शहर बीते वर्षों में जिस तेजी से बदला है, वह केवल इमारतों और सड़कों का बदलाव नहीं है, बल्कि सोच और प्राथमिकताओं में आए परिवर्तन का भी संकेत है। इसी बदले हुए नागपुर की तस्वीर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पश्चिम और उत्तर नागपुर के मतदाताओं के सामने रखी। महानगरपालिका चुनाव के मौके पर महायुति उम्मीदवारों के समर्थन में आयोजित संवाद कार्यक्रमों में उन्होंने विकास को केवल आंकड़ों की भाषा में नहीं, बल्कि आम और गरीब नागरिक के जीवन से जोड़कर प्रस्तुत किया।
नितिन गडकरी ने कहा कि उनका मूल उद्देश्य गरीबों का जीवन सुगम बनाना है। सड़क, पानी, स्वास्थ्य, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाएं किसी भी शहर की रीढ़ होती हैं, और इन्हीं बुनियादी जरूरतों को मजबूत करने पर पिछले वर्षों में विशेष ध्यान दिया गया है।
बीस वर्षों में बदला नागपुर का बुनियादी ढांचा
गडकरी ने याद दिलाया कि दो दशक पहले नागपुर की स्थिति आज जैसी नहीं थी। सीमित संसाधन, अधूरी योजनाएं और बुनियादी सुविधाओं की कमी शहर की पहचान बन चुकी थी। लेकिन निरंतर प्रयासों और योजनाबद्ध विकास ने इस तस्वीर को बदला।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1997 में नागपुर में केवल आठ पानी की टंकियां थीं, जो बढ़ती आबादी की जरूरतें पूरी करने में असमर्थ थीं। आज यह संख्या बढ़कर 103 हो चुकी है। यह बदलाव केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि उस सोच का परिणाम है जिसमें पानी को हर घर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया।
जलापूर्ति और पाइपलाइन सुधार की दिशा में कदम
नागपुर में 24 घंटे जलापूर्ति योजना को गडकरी ने एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि पानी की समस्या केवल आपूर्ति से नहीं, बल्कि पुरानी और जर्जर पाइपलाइनों से भी जुड़ी होती है। इसी कारण शहर में चरणबद्ध तरीके से पुरानी पाइपलाइनों को बदला जा रहा है।
सड़कों और परिवहन में दीर्घकालिक सोच
नितिन गडकरी ने नागपुर की सड़कों को लेकर दीर्घकालिक दृष्टिकोण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज जो सड़कें बन रही हैं, वे केवल आज की जरूरत के लिए नहीं, बल्कि आने वाले 50 वर्षों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही हैं।
नए फ्लाईओवर, चौड़ी सड़कें और रिंग रोड परियोजनाएं शहर में यातायात को सुगम बनाने की दिशा में अहम कदम हैं। उन्होंने बताया कि रिंग रोड पर जल्द ही 135 वातानुकूलित बसें शुरू की जाएंगी, जिससे आम लोगों को सस्ती और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन सेवा मिलेगी।
शहर के सौंदर्य और जीवन गुणवत्ता पर ध्यान
विकास केवल सीमेंट और डामर तक सीमित नहीं होता। गडकरी ने उद्यानों, खेल मैदानों और शहर के सौंदर्यीकरण का भी जिक्र किया। फूटाला फाउंटेन जैसी परियोजनाओं को उन्होंने शहर की पहचान से जोड़ा।
उनका कहना था कि जब शहर में खुली जगहें, खेल के मैदान और हरियाली होती है, तो इसका सीधा असर नागरिकों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। यह विकास का वह पहलू है, जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
चुनावी संवाद नहीं, जवाबदेही का मंच
पश्चिम नागपुर के विभिन्न प्रभागों और उत्तर नागपुर की म्हाडा कॉलोनी में आयोजित सभाओं में गडकरी ने खुद को केवल भाषण देने वाले नेता के रूप में पेश नहीं किया। उन्होंने मतदाताओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान का भरोसा दिया।
बीते दो दिनों में 11 बैठकों और 6 जनसभाओं के माध्यम से उन्होंने जनता से संवाद किया।