उत्तर और मध्य भारत इन दिनों भीषण ठंड की चपेट में है। तेज सर्द हवाओं और गिरते तापमान ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है। खासतौर पर छोटे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी को देखते हुए कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाने और कक्षा समय में बदलाव करने का फैसला लिया गया है। सरकारों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
इस बार ठंड ने कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सुबह और रात के समय ठंड इतनी ज्यादा हो रही है कि घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। मौसम विभाग पहले ही चेतावनी दे चुका है कि आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है। ऐसे में स्कूलों में पढ़ने वाले छोटे बच्चों को सुबह जल्दी स्कूल भेजना खतरे से खाली नहीं है।
उत्तर भारत में ठंड का सबसे ज्यादा असर
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान जैसे राज्यों में ठंड का असर साफ दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में घना कोहरा छाया हुआ है और सर्द हवाएं चल रही हैं। तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है। इसी कारण राज्य सरकारों ने एहतियात के तौर पर स्कूलों को बंद रखने या समय बदलने का फैसला लिया है।
उत्तर प्रदेश में छुट्टियां बढ़ीं
उत्तर प्रदेश सरकार ने नर्सरी से लेकर कक्षा 8 तक के छात्रों के लिए सर्दियों की छुट्टियां 15 जनवरी तक बढ़ा दी हैं। वहीं, गौतम बुद्ध नगर जिले में कक्षा 8 से ऊपर के छात्रों के लिए भी छुट्टियों को उसी तारीख तक बढ़ाया गया है। प्रशासन का कहना है कि सुबह के समय ठंड बहुत ज्यादा है, जिससे बच्चों के बीमार होने का खतरा है।
हरियाणा और दिल्ली में एहतियात
हरियाणा सरकार ने नर्सरी से कक्षा 5 तक के स्कूलों को 15 जनवरी तक बंद रखने का आदेश दिया है। दिल्ली में भी कई निजी और सरकारी स्कूलों ने अपने स्तर पर समय में बदलाव किया है। कुछ स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर दी हैं ताकि पढ़ाई का नुकसान न हो।
पंजाब में स्कूल बंद
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में 13 जनवरी तक छुट्टियां घोषित करने का निर्देश दिया है। सरकार का कहना है कि ठंड के कारण बच्चों और शिक्षकों की सेहत पर असर पड़ सकता है, इसलिए यह फैसला जरूरी था।
मध्य भारत में बदला स्कूल समय
मध्य भारत के राज्यों में भी ठंड का असर बढ़ता जा रहा है। हालांकि यहां कुछ जगहों पर स्कूल पूरी तरह बंद करने के बजाय समय में बदलाव किया गया है।
मध्य प्रदेश में नया समय
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्कूलों को सुबह 9.30 बजे के बाद खोलने का आदेश दिया गया है। यह नियम नर्सरी से लेकर कक्षा 8 तक के छात्रों पर लागू है। प्रशासन का कहना है कि इससे बच्चों को सुबह की तेज ठंड से राहत मिलेगी।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के कई जिलों में ठंड को लेकर अलर्ट जारी किया है। आने वाले दिनों में तापमान और गिर सकता है। प्रशासन को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर आगे भी फैसले लेने के निर्देश दिए गए हैं।
अन्य राज्यों में भी असर
ठंड का असर सिर्फ उत्तर और मध्य भारत तक सीमित नहीं है। पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में भी मौसम बदला हुआ नजर आ रहा है।
झारखंड और तेलंगाना में छुट्टियां
झारखंड में कक्षा 6 तक के छात्रों के लिए 14 जनवरी तक स्कूल बंद रखने का आदेश दिया गया है। वहीं, तेलंगाना सरकार ने भी 16 जनवरी तक स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी हैं। ठंडी हवाओं और गिरते तापमान को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
जम्मू-कश्मीर में लंबा शीतकालीन अवकाश
जम्मू-कश्मीर में ठंड हर साल कड़ी होती है, लेकिन इस बार हालात ज्यादा गंभीर हैं। कश्मीर घाटी में तापमान शून्य से नीचे चला गया है। सरकार ने कक्षा 8 तक के स्कूल फरवरी के अंत तक बंद रखने का फैसला किया है। इससे ऊपर की कक्षाएं 22 फरवरी से शुरू होंगी।
बच्चों की सुरक्षा सबसे जरूरी
सरकारों और प्रशासन का कहना है कि पढ़ाई जरूरी है, लेकिन बच्चों की जान और सेहत उससे भी ज्यादा अहम है। छोटे बच्चों को ठंड में जल्दी बाहर निकलने से सर्दी, खांसी और बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए यह कदम उठाया गया है।
अभिभावकों के लिए सलाह
प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे स्कूल से जुड़ी आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान दें। अफवाहों पर भरोसा न करें और बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर रखें। अगर बच्चा बीमार महसूस करे तो उसे स्कूल न भेजें।
आगे भी हो सकते हैं बदलाव
मौसम विभाग के अनुसार ठंड अभी कुछ दिन और बनी रह सकती है। ऐसे में आने वाले समय में छुट्टियों को और बढ़ाया जा सकता है या स्कूल समय में फिर बदलाव हो सकता है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।