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पीएम मोदी ने केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के आवास पर मनाया पोंगल, देखिए VIDEO

पीएम मोदी ने एल मुरुगन के आवास पर मनाया पोंगल
पीएम मोदी ने एल मुरुगन के आवास पर मनाया पोंगल (Source- X @airnews_mumbai)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोंगल पर्व तमिल परंपराओं के साथ मनाते हुए देश को सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पोंगल प्रकृति, परिवार और समाज के संतुलन का पर्व है और यह ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करता है।
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PM Modi Celebrate Pongal: पोंगल के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने पूरे विधि-विधान के साथ पोंगल की पूजा-अर्चना की। पोंगल केवल तमिलनाडु का फसल पर्व नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। इस पर्व में सूर्य, धरती और पशुधन के प्रति सम्मान की भावना जुड़ी होती है। प्रधानमंत्री मोदी ने पूजा के बाद गाय और उसके बछड़े को चारा खिलाया और माला पहनाकर पूजा की। यह दृश्य उस भारतीय परंपरा को जीवंत करता है, जिसमें पशुधन को केवल साधन नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा माना जाता है।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि पोंगल हमें यह सिखाता है कि प्रकृति, परिवार और समाज के बीच संतुलन कैसे बनाए रखा जाए। यह संतुलन ही भारत की सांस्कृतिक आत्मा है, जो सदियों से हमारी परंपराओं में झलकती रही है।

देशभर के त्योहार, एक भावना

प्रधानमंत्री मोदी ने पोंगल के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों में मनाए जा रहे त्योहारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस समय देश के विभिन्न राज्यों में लोहड़ी, मकर संक्रांति, माघ बिहू जैसे पर्व मनाए जा रहे हैं और हर त्योहार का भाव एक ही है—आभार, उल्लास और सामूहिकता।

उन्होंने भारत और विदेशों में रहने वाले तमिल समाज को पोंगल की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व सीमाओं से परे जाकर लोगों को जोड़ने का काम करता है।

तमिल संस्कृति को बताया भारत की साझा धरोहर

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि बीते वर्षों में उन्हें तमिल संस्कृति से जुड़े कई ऐतिहासिक और आध्यात्मिक स्थलों पर जाने का अवसर मिला। गंगईकोंडा चोलपुरम मंदिर में पूजा से लेकर काशी तमिल संगम तक, हर अनुभव ने उन्हें भारत की सांस्कृतिक एकता का अहसास कराया।

रामेश्वरम में पंबन पुल के उद्घाटन के दौरान तमिल इतिहास की भव्यता देखकर उन्हें यह और स्पष्ट हुआ कि तमिल संस्कृति केवल एक राज्य की पहचान नहीं, बल्कि पूरे भारत की साझा विरासत है।

एक भारत श्रेष्ठ भारत की जीवंत तस्वीर

प्रधानमंत्री ने कहा कि पोंगल जैसे त्योहार ही ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करते हैं। जब देश का हर नागरिक दूसरे राज्य की परंपराओं को अपनाता और सम्मान देता है, तब राष्ट्रीय एकता केवल नारा नहीं रहती, बल्कि जीवन का हिस्सा बन जाती है।

यह संदेश खासकर युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है, जो तेजी से बदलते समय में अपनी जड़ों से जुड़ने की तलाश में हैं।

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Dipali Kumari

दीपाली कुमारी पिछले तीन वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में कार्यरत हैं। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर लिखने में उनकी विशेष रुचि है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को धारदार लेखन के माध्यम से सामने लाना उनका प्रमुख लक्ष्य है।