Sundargarh Violence: ओडिशा के सुंदरगढ़ शहर में गुरुवार को हालात अचानक उस वक्त बिगड़ गए, जब संदिग्ध मांस को लेकर फैली एक अफवाह ने दो समुदायों के बीच तनाव को हिंसा में बदल दिया। शांत माने जाने वाले इस शहर में कुछ ही घंटों के भीतर बाजार बंद हो गए, सड़कों पर सन्नाटा पसर गया और प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाने पड़े। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि अफवाहें किस तरह सामाजिक ताने-बाने को झकझोर सकती हैं।
रीजेंट मार्केट और आसपास के इलाकों में हुई इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को डराया, बल्कि प्रशासन के सामने भी बड़ी चुनौती खड़ी कर दी। उग्र भीड़ द्वारा एक घर में तोड़फोड़ और पिकअप वैन को आग के हवाले किए जाने की घटना ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया। पुलिस के मौके पर पहुंचते ही पत्थरबाजी शुरू हो गई, जिसके बाद पूरे शहर में एहतियातन इंटरनेट सेवाएं बंद करनी पड़ीं।
संदिग्ध मांस की अफवाह से शुरू हुआ विवाद
तनाव की शुरुआत उस वक्त हुई, जब सुंदरगढ़ के मुख्य बाजार और रीजेंट मार्केट इलाके में यह खबर फैल गई कि एक घर में संदिग्ध मांस पाया गया है। देखते ही देखते यह सूचना अफवाह का रूप लेती चली गई और भावनाएं भड़क उठीं। एक समुदाय की उग्र भीड़ ने नारी कल्याण केंद्र के पास स्थित घर को निशाना बनाया। इस दौरान घर में तोड़फोड़ की गई और बाहर खड़ी पिकअप वैन को आग के हवाले कर दिया गया।
हिंसा में बदली भीड़ की नाराजगी
भीड़ का गुस्सा यहीं नहीं थमा। घटना के दौरान एक कार और एक स्कूटी को भी नुकसान पहुंचाया गया। बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और आम लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। यह सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि प्रशासन को तुरंत सख्त कदम उठाने पड़े।
पुलिस की मौजूदगी में बढ़ा तनाव
डीआईजी ब्रजेश राय के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी और एसडीपीओ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच बातचीत के जरिए हालात को शांत करने की कोशिश की गई, लेकिन अचानक माहौल बिगड़ गया और पत्थरबाजी शुरू हो गई। पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया और अतिरिक्त सुरक्षा बल बुलाए गए।
इंटरनेट बंद और धारा 163 का सहारा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने गुरुवार शाम 6 बजे से पूरे सुंदरगढ़ शहर में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं। प्रशासन का मानना है कि सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए अफवाहें तेजी से फैलती हैं, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं।
कानून-व्यवस्था के लिए सख्त कदम
सुंदरगढ़ के जिलापाल शुभंकर मोहपात्रा ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत सार्वजनिक गतिविधियों पर नियंत्रण लगाया गया है और भीड़ जमा होने पर रोक लगाई गई है। प्रभावित इलाकों में 10 प्लाटून पुलिस बल तैनात किया गया है और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त की जा रही है।
शांति बहाली की कोशिशें
प्रशासन ने मामले को सुलझाने और आपसी संवाद को बढ़ावा देने के लिए शांति समिति की बैठक बुलाने का फैसला किया है। इसमें दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। उद्देश्य साफ है—भाईचारे को बहाल करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना।
जिलापाल ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।