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झारग्राम के सांकराईल में सात दिनों से हाथियों का तांडव, दर्जनों गांवों में दहशत – सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद

झारग्राम के सांकराईल में सात दिनों से हाथियों का तांडव, दर्जनों गांवों में दहशत – सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद
Elephant Attack Jhargram Sankrail West Bengal: झाड़ग्राम के सांकरेल क्षेत्र में सात दिन से हाथियों का आतंक, गांवों में डर और भारी फसल नुकसान (Image: AI)

Elephant Attack Jhargram Sankrail West Bengal: झाड़ग्राम जिले के सांकरेल ब्लॉक में सात दिनों से हाथियों का बड़ा झुंड गांवों में घुसकर फसल और घरों को नुकसान पहुंचा रहा है। कई गांव प्रभावित हैं और सैकड़ों बीघा खेती बर्बाद हो चुकी है। ग्रामीण डरे हुए हैं और प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप तथा मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

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Asfi Shadab
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सात दिन से गांवों में हाथियों का हमला, लोगों में गहरा डर

झारग्राम (पश्चिम बंगाल): झारग्राम जिले के सांकराईल ब्लॉक के नेपुरा क्षेत्र में पिछले सात दिनों से हाथियों के एक विशाल दल ने भारी तबाही मचा रखी है। ग्रामीणों के अनुसार, नयाग्राम के जंगल से सुबर्णरेखा नदी पार कर यह हाथी दल हर शाम लोकालय में घुस आता है और गहरी रात को वापस जंगल लौट जाता है।

इस तांडव की चपेट में नेपुरा, आमलादांड़ी, दक्षिण रगड़ा, इटामांडुआ, गड़धरा और तेंतुलिया समेत कई गांव आ चुके हैं। इटामांडुआ गांव में भूखे हाथियों ने एक घर का दरवाजा तोड़ दिया और एक चारपहिया वाहन के शीशे भी चकनाचूर कर दिए।

किसानों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। सैकड़ों बीघा रोपा धान बर्बाद हो गया है। इसके अलावा 10-12 बीघा गन्ना, 2-3 बीघा कद्दू, और 5-10 बीघा सरसों व मिर्च की फसल को भी भारी क्षति पहुंची है।

पीड़ित किसान पूर्णेंदु सिंह ने कहा, “बनदप्तर के अधिकारी पेड़ या पाला काटने पर तुरंत आकर रोकते हैं, जुर्माना भी लगाते हैं। लेकिन पांच दिनों से हाथियों का दल जो भारी नुकसान कर रहा है, वह खबर उन तक पहुंच ही नहीं रही। पहले भी कई बार नुकसान हुआ, लेकिन आज तक कोई मुआवजा नहीं मिला।”

फसल और घरों को नुकसान, प्रशासन से तुरंत कदम उठाने की मांग

ग्रामीण भवानी शंकर पैड़ा ने बताया, “हर दिन उन्हीं खेतों और सब्जी के बगीचों में 50 से 60 हाथियों का विशाल दल तांडव करे, तो उन जमीनों का क्या हाल होगा, यह समझना मुश्किल नहीं। हम चरम दहशत में हैं। रात-दर-रात डर के कारण ठीक से नींद भी नहीं आ रही।”

ग्रामीण अब प्रशासन और वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप, हाथियों की आवाजाही पर नियंत्रण और पीड़ितों को उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं।


रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

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