जरूर पढ़ें

Petrol-Diesel Price: जारी हुए पेट्रोल-डीजल के दाम, जानिए 19 जनवरी के ताजा रेट

जारी हुए पेट्रोल-डीजल के दाम, जानिए 19 जनवरी के ताजा रेट
जारी हुए पेट्रोल-डीजल के दाम, जानिए 19 जनवरी के ताजा रेट
19 जनवरी 2026 को पेट्रोल-डीजल की कीमतें देशभर में स्थिर बनी हुई हैं। अलग-अलग शहरों में टैक्स के कारण दाम अलग हैं। मई 2022 के बाद से कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी नहीं हुई है, जिससे आम आदमी और महंगाई दोनों को राहत मिली है।
Updated:

Petrol-Diesel Price: आज के समय में दिन की शुरुआत सिर्फ अलार्म या सूरज की रोशनी से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की कीमत देखकर होती है। खासतौर पर उन लोगों के लिए, जिनकी रोजमर्रा की जिंदगी सीधे ईंधन पर निर्भर है। ऑफिस जाने वाले कर्मचारी हों, ऑटो-टैक्सी चालक हों या फिर सब्जी और फल बेचने वाले छोटे व्यापारी—सबकी नजर सुबह 6 बजे जारी होने वाले पेट्रोल-डीजल के दामों पर रहती है।

देश की तेल विपणन कंपनियां हर दिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत और डॉलर-रुपए की विनिमय दर को ध्यान में रखते हुए नए रेट जारी करती हैं। यही वजह है कि ईंधन की कीमतें सिर्फ वाहन चलाने का खर्च नहीं बढ़ातीं, बल्कि महंगाई की पूरी चेन को प्रभावित करती हैं।

19 जनवरी 2026: प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

19 जनवरी 2026 को जारी दरों के अनुसार, देश के अलग-अलग शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल ₹94.72 और डीजल ₹87.62 प्रति लीटर है। वहीं आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल ₹104.21 और डीजल ₹92.15 प्रति लीटर बिक रहा है।

कोलकाता में पेट्रोल ₹103.94 और डीजल ₹90.76 है, जबकि चेन्नई में पेट्रोल ₹100.75 और डीजल ₹92.34 प्रति लीटर दर्ज किया गया है। अन्य शहरों की बात करें तो बेंगलुरु, हैदराबाद और पटना जैसे शहरों में पेट्रोल के दाम ₹102 से ₹107 प्रति लीटर तक पहुंच चुके हैं।

राज्यों और शहरों में दाम अलग क्यों होते हैं

अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि एक ही देश में पेट्रोल-डीजल के दाम हर शहर में अलग क्यों हैं। इसका सीधा कारण है राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले वैट और स्थानीय कर। केंद्र सरकार द्वारा लगाई जाने वाली एक्साइज ड्यूटी पूरे देश में समान होती है, लेकिन राज्य सरकारों के टैक्स अलग-अलग होने की वजह से कीमतों में अंतर आ जाता है।

इसके अलावा परिवहन लागत और स्थानीय खर्च भी दामों को प्रभावित करते हैं। यही वजह है कि चंडीगढ़ जैसे कुछ शहरों में डीजल ₹82.45 प्रति लीटर है, जबकि हैदराबाद और पटना में यही डीजल ₹93 से ₹95 प्रति लीटर तक पहुंच जाता है।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें

मई 2022 के बाद से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अपेक्षाकृत स्थिरता देखी जा रही है। उस समय केंद्र सरकार और कई राज्य सरकारों ने ईंधन पर लगने वाले टैक्स में कटौती की थी। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में भले ही कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव होता रहा हो, लेकिन घरेलू स्तर पर आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली।

विशेषज्ञ मानते हैं कि सरकार ने महंगाई पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए ईंधन की कीमतों को स्थिर रखने की रणनीति अपनाई है, क्योंकि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ते ही परिवहन, खाद्य पदार्थ और रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम भी बढ़ जाते हैं।

आम आदमी की जिंदगी पर सीधा असर

पेट्रोल-डीजल सिर्फ गाड़ियों का ईंधन नहीं है, बल्कि यह पूरी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। जब ईंधन महंगा होता है, तो ट्रांसपोर्टेशन लागत बढ़ती है, जिसका असर सब्जियों, दूध, दवाइयों और अन्य जरूरी सामानों पर पड़ता है। यही कारण है कि ईंधन की कीमतों में स्थिरता आम आदमी के लिए राहत की खबर मानी जाती है।

शहरों में रहने वाले लोग जहां निजी वाहनों पर निर्भर हैं, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में डीजल खेती और सिंचाई से जुड़ा हुआ है। ऐसे में डीजल की कीमत बढ़ना सीधे किसानों की लागत बढ़ा देता है।

पारदर्शिता की सरकारी नीति

हर दिन सुबह 6 बजे कीमतों की घोषणा करना सरकार और तेल कंपनियों की पारदर्शी नीति का हिस्सा है। इससे उपभोक्ताओं को सही और ताजा जानकारी मिलती है और अफवाहों की गुंजाइश कम हो जाती है। आज के डिजिटल दौर में लोग मोबाइल ऐप और वेबसाइट के जरिए अपने शहर के रेट आसानी से देख सकते हैं।

आगे क्या रह सकता है रुझान

आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल, वैश्विक राजनीति और डॉलर-रुपए की चाल पर निर्भर करेंगी। यदि कच्चे तेल के दाम लंबे समय तक ऊंचे रहते हैं, तो सरकार के सामने कीमतों को लेकर बड़ा फैसला लेने की चुनौती होगी। फिलहाल, उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यही है कि दाम स्थिर बने हुए हैं।

समझदारी और योजना जरूरी

ईंधन की कीमतें भले स्थिर हों, लेकिन ईंधन का समझदारी से उपयोग करना आज भी जरूरी है। सार्वजनिक परिवहन, कार पूलिंग और ईंधन बचाने वाली आदतें न सिर्फ जेब पर बोझ कम करती हैं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी बेहतर साबित होती हैं।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Dipali Kumari

दीपाली कुमारी पिछले तीन वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में कार्यरत हैं। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर लिखने में उनकी विशेष रुचि है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को धारदार लेखन के माध्यम से सामने लाना उनका प्रमुख लक्ष्य है।