Petrol-Diesel Price: हर सुबह देश में करोड़ों लोग मोबाइल उठाकर एक ही सवाल का जवाब ढूंढते हैं—आज पेट्रोल-डीजल के दाम क्या हैं? वजह साफ है, क्योंकि ईंधन की कीमतें सिर्फ वाहन चलाने तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि दूध, सब्जी, फल, किराया और रोजमर्रा की हर जरूरत पर असर डालती हैं। यही कारण है कि पेट्रोल-डीजल के भाव आम आदमी की जिंदगी से सीधे जुड़े हुए हैं।
देश की तेल विपणन कंपनियां रोज सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल के ताजा रेट जारी करती हैं। ये कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और टैक्स ढांचे को ध्यान में रखकर तय की जाती हैं। सरकार की यह प्रक्रिया पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अपनाई गई है, ताकि उपभोक्ताओं को सही और स्पष्ट जानकारी मिल सके।
दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं आज के रेट
21 जनवरी 2026 को देश के बड़े शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल ₹94.72 और डीजल ₹87.62 प्रति लीटर पर बना हुआ है। मुंबई में पेट्रोल ₹104.21 और डीजल ₹92.15 प्रति लीटर बिक रहा है।
कोलकाता में पेट्रोल ₹103.94 और डीजल ₹90.76 पर स्थिर है, जबकि चेन्नई में पेट्रोल ₹100.75 और डीजल ₹92.34 प्रति लीटर के भाव पर उपलब्ध है।
अन्य बड़े शहरों का हाल
अहमदाबाद में पेट्रोल ₹94.49 और डीजल ₹90.17 है। बेंगलुरु में पेट्रोल ₹102.92 और डीजल ₹89.02 प्रति लीटर दर्ज किया गया है। हैदराबाद में ईंधन के दाम अपेक्षाकृत ज्यादा हैं, जहां पेट्रोल ₹107.46 और डीजल ₹95.70 प्रति लीटर बिक रहा है।
जयपुर में पेट्रोल ₹104.72 और डीजल ₹90.21 है। लखनऊ में पेट्रोल ₹94.69 और डीजल ₹87.80 पर बना हुआ है। पुणे में पेट्रोल ₹104.04 और डीजल ₹90.57 प्रति लीटर है।
उत्तर और मध्य भारत में कीमतों की तस्वीर
चंडीगढ़ में पेट्रोल ₹94.30 और डीजल ₹82.45 है, जो कई शहरों की तुलना में कम माना जाता है। इंदौर में पेट्रोल ₹106.48 और डीजल ₹91.88 है। पटना में पेट्रोल ₹105.58 और डीजल ₹93.80 प्रति लीटर के भाव पर मिल रहा है।
सूरत में पेट्रोल ₹95.00 और डीजल ₹89.00 है, जबकि नासिक में पेट्रोल ₹95.50 और डीजल ₹89.50 प्रति लीटर पर स्थिर है।
दो साल से कीमतें क्यों नहीं बदलीं
पिछले करीब दो वर्षों से देश में पेट्रोल और डीजल के दाम लगभग स्थिर बने हुए हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण केंद्र और राज्य सरकारों की टैक्स नीति मानी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में उतार-चढ़ाव के बावजूद, घरेलू स्तर पर कीमतों को नियंत्रित रखा गया है।
सरकार का प्रयास रहा है कि महंगाई पर काबू रखा जाए, क्योंकि ईंधन महंगा होने का सीधा असर ट्रांसपोर्ट और जरूरी सामानों की कीमतों पर पड़ता है। यही वजह है कि चुनावी और आर्थिक स्थिरता के दौर में पेट्रोल-डीजल के दामों में बदलाव से बचा गया।
आम आदमी को क्या फायदा
स्थिर कीमतों का सबसे बड़ा लाभ आम उपभोक्ताओं को मिला है। ऑटो, टैक्सी, बस और मालवाहक वाहनों का किराया काबू में रहा है। सब्जी, दूध और किराने के सामान की कीमतों पर भी इसका सकारात्मक असर पड़ा है।
हालांकि, कई विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल आता है, तो भविष्य में सरकार के लिए कीमतों को लंबे समय तक रोक पाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।