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विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम को मिला सीटी वाला चुनाव चिन्ह, कमल हासन की पार्टी को मिली बैटरी टॉर्च

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चुनाव आयोग ने अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सीटी का चुनाव चिन्ह आवंटित किया। पार्टी ने नवंबर 2025 में आवेदन दिया था। कमल हासन की मक्कल नीधि माईयम को बैटरी टॉर्च का चिन्ह मिला। यह चिन्ह पार्टी ने 2019 और 2021 चुनावों में भी इस्तेमाल किया था।

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भारतीय चुनाव आयोग ने गुरुवार 22 जनवरी 2026 को अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम को आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए ‘सीटी’ का चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिया है। यह फैसला तमिलनाडु की राजनीति में एक नया मोड़ लेकर आया है क्योंकि विजय पहली बार विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी के साथ उतर रहे हैं।

तमिलनाडु की राजनीति में नई शुरुआत

तमिलगा वेट्री कड़गम पार्टी ने पिछले साल 11 नवंबर को चुनाव आयोग से संपर्क किया था और चुनाव चिन्ह आवंटन के लिए आवेदन दिया था। पार्टी ने चुनाव चिन्ह आरक्षण और आवंटन आदेश 1968 के प्रावधानों के तहत यह मांग रखी थी। आवेदन में पार्टी ने सात ऐसे चिन्हों की सूची दी थी जो पहले से मुक्त चिन्हों की सूची में उपलब्ध थे और साथ ही तीन खुद के बनाए गए चिन्ह भी विचार के लिए प्रस्तुत किए थे।

चुनाव आयोग ने पार्टी की मांग पर विचार करने के बाद आखिरकार सीटी के चिन्ह को मंजूरी दे दी है। यह चिन्ह विजय की फिल्मी पहचान के साथ भी जुड़ता है क्योंकि तमिल सिनेमा में सीटी बजाना दर्शकों द्वारा अपने पसंदीदा स्टार के प्रति उत्साह दिखाने का एक लोकप्रिय तरीका रहा है।

कमल हासन की पार्टी को भी मिला चिन्ह

इसी बीच, अभिनेता से राजनेता बने कमल हासन की अगुवाई वाली मक्कल नीधि माईयम पार्टी को चुनाव आयोग ने ‘बैटरी टॉर्च’ का चुनाव चिन्ह आवंटित किया है। यह वही चिन्ह है जिस पर मक्कल नीधि माईयम ने 2019 के लोकसभा चुनाव और 2021 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव लड़े थे। इस चिन्ह की निरंतरता पार्टी के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है क्योंकि पिछले दो चुनावों में मतदाताओं ने इस चिन्ह को पहचाना है।

कमल हासन की पार्टी पिछले चुनावों में अपेक्षित सफलता नहीं पा सकी थी लेकिन पार्टी ने अपनी राजनीतिक उपस्थिति बनाए रखी है। बैटरी टॉर्च का चिन्ह रोशनी और दिशा का प्रतीक है जो पार्टी के विचारधारा से मेल खाता है।

चुनाव चिन्ह का राजनीतिक महत्व

भारतीय चुनावी व्यवस्था में चुनाव चिन्ह का बहुत बड़ा महत्व है। खासकर उन राज्यों में जहां साक्षरता दर कम है या मतदाता चिन्हों को देखकर अपना वोट डालते हैं। तमिलनाडु जैसे राज्य में जहां राजनीतिक जागरूकता अधिक है, वहां भी चुनाव चिन्ह पार्टी की पहचान बनाने में अहम भूमिका निभाता है।

सीटी का चिन्ह विजय के लिए एक मजबूत संदेश लेकर आता है। यह न केवल उनकी फिल्मी लोकप्रियता से जुड़ा है बल्कि एक अलर्ट और जागरूकता का संकेत भी देता है। सीटी बजाना किसी चीज की ओर ध्यान आकर्षित करने का माध्यम होता है जो राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण संदेश है।

तमिलनाडु चुनाव 2026 की तैयारियां

तमिलनाडु में 2026 का विधानसभा चुनाव बेहद अहम माना जा रहा है। राज्य में पारंपरिक रूप से द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और अन्नाद्रमुक के बीच सत्ता की लड़ाई रही है। लेकिन अब विजय और कमल हासन जैसे फिल्मी सितारों के राजनीति में सक्रिय होने से समीकरण बदल सकते हैं।

विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम ने अभी तक अपनी विचारधारा और नीतियों को लेकर कई बयान दिए हैं। पार्टी ने युवाओं और आम लोगों के मुद्दों को उठाने का वादा किया है। विजय की फिल्मी लोकप्रियता उन्हें एक मजबूत आधार दे सकती है लेकिन राजनीतिक सफलता के लिए जमीनी काम और संगठनात्मक ताकत जरूरी होगी।

चुनाव चिन्ह आवंटन की प्रक्रिया

चुनाव चिन्ह आरक्षण और आवंटन आदेश 1968 के तहत चुनाव आयोग राजनीतिक दलों को चुनाव चिन्ह देता है। मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय दलों को आरक्षित चिन्ह मिलते हैं जबकि नई या छोटी पार्टियों को मुक्त चिन्हों में से चुनाव चिन्ह दिया जाता है।

तमिलगा वेट्री कड़गम एक नई पार्टी है इसलिए इसे मुक्त चिन्हों में से चुनाव चिन्ह मिला है। पार्टी ने जो सात चिन्ह सुझाए थे उनमें से चुनाव आयोग ने उपयुक्तता और उपलब्धता देखते हुए सीटी का चिन्ह आवंटित किया।

युवा मतदाताओं पर फोकस

तमिलनाडु में युवा मतदाताओं की संख्या काफी बड़ी है और विजय जैसे लोकप्रिय अभिनेता की पार्टी इन युवाओं को आकर्षित कर सकती है। सीटी का चिन्ह भी युवाओं के बीच लोकप्रिय हो सकता है क्योंकि यह ऊर्जा और उत्साह का प्रतीक है।

विजय ने अपनी फिल्मों में हमेशा आम आदमी के मुद्दों को उठाया है जो उनकी राजनीतिक छवि को भी मजबूती देता है। उनकी पार्टी ने शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय को प्रमुख मुद्दे बनाए हैं।

आगे की चुनौतियां

चुनाव चिन्ह मिल जाना एक शुरुआत है लेकिन असली परीक्षा चुनाव मैदान में होगी। तमिलगा वेट्री कड़गम को मजबूत संगठन बनाना होगा, प्रत्याशियों का चयन करना होगा और चुनाव प्रचार की रणनीति तैयार करनी होगी। तमिलनाडु की राजनीति में पुराने दल गहरी जड़ें रखते हैं और नई पार्टी के लिए उनसे टक्कर लेना आसान नहीं होगा।

कमल हासन की पार्टी को भी पिछले चुनावों से सीख लेकर अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा। बैटरी टॉर्च का चिन्ह पहले से पहचाना जाता है लेकिन जमीनी स्तर पर मजबूती की कमी पार्टी की बड़ी चुनौती है।

चुनाव आयोग द्वारा विजय की पार्टी को सीटी और कमल हासन की पार्टी को बैटरी टॉर्च का चुनाव चिन्ह मिलना तमिलनाडु की राजनीति में नए दौर की शुरुआत है। 2026 का विधानसभा चुनाव दिलचस्प होने वाला है जहां फिल्मी सितारों की राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं पारंपरिक राजनीतिक दलों से टकराएंगी। अब देखना यह होगा कि सीटी की आवाज कितनी दूर तक सुनाई देती है और बैटरी टॉर्च की रोशनी कितने लोगों तक पहुंचती है।

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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।