महाराष्ट्र सरकार ने आम बागवानों के लिए किया राहत का ऐलान
AI and Drone Technology for Mango Farming in Maharashtra Sindhudurg: प्राकृतिक आपदाओं के कारण 85 प्रतिशत नुकसान झेल रहे सिंधुदुर्ग के आम बागवानों के लिए महाराष्ट्र सरकार ने राहत का ऐलान किया है। बारामती स्थित ‘एडीटी’ संस्था के माध्यम से आधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और ड्रोन प्रणाली का उपयोग कर आम की खेती का डिजिटल प्रबंधन किया जाएगा, यह महत्वपूर्ण घोषणा पालकमंत्री नितेश राणे ने की। इसके लिए जिला योजना से 4.5 करोड़ रुपये का फंड उपलब्ध कराए जाने की योजना है।

कणकवली में नितेश राणे की महत्वपूर्ण घोषणा
कणकवली में पत्रकार वार्ता के दौरान नितेश राणे ने कहा कि जिले के 34,296 हेक्टेयर आम क्षेत्र को जलवायु परिवर्तन और कीट रोग का गंभीर खतरा है। इसका स्थायी समाधान निकालने के लिए अब प्रत्येक पेड़ का निरीक्षण करने वाली और हर 500 मीटर पर सटीक मौसम का अनुमान देने वाली विशेष प्रणाली विकसित की जाएगी। प्रति हेक्टेयर 45 हजार रुपये खर्च होने वाले इस परियोजना की रिपोर्ट 10 दिनों में प्रशासन को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

अनुसंधान केंद्र को सख्त चेतावनी
इस मौके पर पालकमंत्री ने आम अनुसंधान केंद्र के कामकाज पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि सरकार वेतन देती है, लेकिन किसानों को समय पर मार्गदर्शन नहीं मिलता। यह ढीला कार्यभार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पंचनामे नहीं किए गए हैं तो बागवान तुरंत सूचना दें, सरकार आपके साथ मजबूती से खड़ी है, ऐसी गारंटी भी उन्होंने दी।

राजनीति नहीं, किसान हित सर्वोपरि
12 मार्च को पूर्व सांसद राजू शेट्टी के नेतृत्व में होने वाले मार्च के बारे में उन्होंने कहा कि आंदोलन करना अधिकार है, लेकिन वर्तमान में संकट जिले पर है। हमे ‘सिंधुदुर्ग’ के नाम से एकजुट होकर लड़ना होगा। संवाद के माध्यम से समाधान निकालें, मेरे दरवाजे हमेशा किसानों के लिए खुले हैं।

प्रौद्योगिकी की ‘कवचकुंडली’: AI और ड्रोन से डिजिटल निगरानी
एआई और ड्रोन: प्रत्येक पेड़ की स्थिति और कीट रोग पर चौबीस घंटे निगरानी।
सटीक मौसम: हर 500 मीटर पर मौसम का अनुमान देने वाली प्रणाली लागू होगी।
डिजिटल प्रबंधन: रोपण से लेकर कटाई तक के प्रत्येक चरण पर बागवानों को मोबाइल पर मार्गदर्शन उपलब्ध।