नागपुर में बसपा पार्षद पर अयोग्यता की कार्रवाई, 17 जून को होगी महत्वपूर्ण सुनवाई

BSP councillor Harshala Jaiswal Disqualification Case Nagpur: नागपुर महानगरपालिका की बसपा पार्षद हर्षला जयस्वाल के खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में अयोग्यता याचिका दायर की गई है। बसपा का आरोप है कि उन्होंने पार्टी व्हिप की अनदेखी कर कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया। मामले की सुनवाई 17 जून को विभागीय आयुक्त के समक्ष होगी, जहां आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।
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बसपा पार्षद हर्षला जयस्वाल पर क्यों हुई अयोग्यता की कार्रवाई?
BSP councillor Harshala Jaiswal Disqualification Case Nagpur: नागपुर। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की नागपुर महानगरपालिका की एकमात्र पार्षद हर्षला संजय जयस्वाल पर अयोग्यता की तलवार लटक रही है। प्रभाग क्रमांक 7 से निर्वाचित जयस्वाल के खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में याचिका दायर की गई है। इस मामले की सुनवाई 17 जून को नागपुर के विभागीय आयुक्त के समक्ष होगी।
क्या है मामला?
17 अप्रैल को आशीनगर जोन सभापति चुनाव से पहले बसपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील डोंगरे के निर्देश पर जिला अध्यक्ष योगेश लांजेवार ने हर्षला जयस्वाल को मतदान से तटस्थ रहने का व्हिप जारी किया था। इसके बावजूद उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया। बसपा ने इसे पार्टी अनुशासन और मूल सिद्धांतों का उल्लंघन माना।
माफी अस्वीकार, जांच समिति गठित
घटना के बाद हर्षला जयस्वाल ने लिखित माफीनामा दिया, लेकिन पार्टी ने उसे अस्वीकार कर दिया। इसके बाद बसपा ने कारण बताओ नोटिस जारी किया और डॉ. मोहन राइकवार, दादाराव वुईके तथा सेवानिवृत्त सनदी अधिकारी संजय थूल की जांच समिति गठित की। समिति ने माफीनामे को अपर्याप्त बताते हुए कार्रवाई की सिफारिश की।
17 जून की सुनवाई पर टिकी राजनीतिक हलकों की नजरें
बसपा प्रदेश कार्यकारिणी ने रिपोर्ट स्वीकार करते हुए जिला अध्यक्ष योगेश लांजेवार को महाराष्ट्र स्थानीय स्वराज्य संस्था सदस्य अयोग्यता कानून के तहत विभागीय आयुक्त के समक्ष याचिका दायर करने का अधिकार दिया। यह याचिका मुंबई की विधि संस्था ‘लॉ चार्टर्ड’ के बैरिस्टर विनोद तिवारी और अधिवक्ता शौनक कोठेकर द्वारा प्रस्तुत की गई है।
याचिका में मांग की गई है कि हर्षला जयस्वाल को अयोग्य घोषित कर छह वर्षों तक चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित किया जाए और रिक्त सीट पर पुनर्मतदान कराया जाए। नागपुर मनपा के इतिहास में यह अयोग्यता की पहली ऐसी कार्यवाही बताई जा रही है।

