Finance News in Hindi (वित्तीय समाचार): नवीनतम आर्थिक गतिविधियों, शेयर बाज़ार, बैंकिंग, निवेश, बजट, टैक्स और वैश्विक वित्तीय रुझानों से जुड़ी ताज़ा और भरोसेमंद ख़बरें। यहाँ आपको मिलेगा हर महत्वपूर्ण अपडेट जो आपके बिज़नेस और निवेश निर्णयों को प्रभावित कर सकता है।

July 1 New Rules : 1 जुलाई से आधार अपडेट मुफ्त, पासपोर्ट फीस महंगी, गाड़ियों की कीमतों में बढ़ोतरी और क्रेडिट कार्ड नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं। जानें इन नए नियमों का आपकी रोजमर्रा की जिंदगी और खर्च पर क्या असर पड़ेगा।

July 1 New Rules : 1 जुलाई से आधार अपडेट मुफ्त, पासपोर्ट फीस महंगी, गाड़ियों की कीमतों में बढ़ोतरी और क्रेडिट कार्ड नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं। जानें इन नए नियमों का आपकी रोजमर्रा की जिंदगी और खर्च पर क्या असर पड़ेगा।

Cyber Crime : साइबर ठगों ने फर्जी कोर्ट आदेश और पुलिस के नाम से ईमेल भेजकर बैंक से छह फ्रीज खाते खुलवाए और ₹66,452 दूसरे खाते में ट्रांसफर करा दिए। मामले का खुलासा होने पर साइबर पुलिस ने धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में जांच शुरू कर दी।

Cyber Crime : साइबर ठगों ने फर्जी कोर्ट आदेश और पुलिस के नाम से ईमेल भेजकर बैंक से छह फ्रीज खाते खुलवाए और ₹66,452 दूसरे खाते में ट्रांसफर करा दिए। मामले का खुलासा होने पर साइबर पुलिस ने धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में जांच शुरू कर दी।

Aviation Sector India : इंडिगो ने कमाई बढ़ाने के बावजूद भारी घाटा क्यों दर्ज किया? रुपये की कमजोरी और बढ़ते खर्च ने कैसे पूरा खेल बदल दिया, जानकर आप हैरान रह जाएंगे।

Aviation Sector India : इंडिगो ने कमाई बढ़ाने के बावजूद भारी घाटा क्यों दर्ज किया? रुपये की कमजोरी और बढ़ते खर्च ने कैसे पूरा खेल बदल दिया, जानकर आप हैरान रह जाएंगे।

4K Monitor : बेनक्यू मोबियूज़ EX321UZ मॉनिटर गेमिंग और क्रिएटिव काम दोनों के लिए एक नया और दिलचस्प अनुभव देता है, जिससे यह जानने की जिज्ञासा बढ़ती है कि आखिर एक स्क्रीन इतना बदलाव कैसे ला सकती है।

4K Monitor : बेनक्यू मोबियूज़ EX321UZ मॉनिटर गेमिंग और क्रिएटिव काम दोनों के लिए एक नया और दिलचस्प अनुभव देता है, जिससे यह जानने की जिज्ञासा बढ़ती है कि आखिर एक स्क्रीन इतना बदलाव कैसे ला सकती है।

Inflation India : पेट्रोल-डीजल फिर महंगा हो गया है और इसका असर सीधे आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। बाहर की दुनिया में तेल का खेल और अंदर बढ़ती महंगाई लोगों की चिंता बढ़ा रही है। अब सवाल यही है-क्या आने वाले दिनों में राहत मिलेगी या बोझ और बढ़ेगा?

Inflation India : पेट्रोल-डीजल फिर महंगा हो गया है और इसका असर सीधे आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। बाहर की दुनिया में तेल का खेल और अंदर बढ़ती महंगाई लोगों की चिंता बढ़ा रही है। अब सवाल यही है-क्या आने वाले दिनों में राहत मिलेगी या बोझ और बढ़ेगा?

नए कर कानून को समझाने के लिए होगा विशेष संवाद कार्यक्रम Nagpur Income Tax Prarambh 2026 awareness program: नागपुर। आयकर विभाग, नागपुर द्वारा 14 मई 2026 को सुबह 10.30 बजे से सिविल लाइंस स्थित बनयान हॉल, चिटनवीस सेंटर में “प्रारंभ–2026” नामक जनजागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम विभाग की देशव्यापी करदाता जागरूकता पहल का हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों, करदाताओं और विभिन्न वर्गों को नए आयकर अधिनियम, 2025 तथा आयकर नियम, 2026 के प्रावधानों से परिचित कराना है। कार्यक्रम में करदाताओं, टैक्स प्रोफेशनल्स, उद्योग प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों को नए कर कानून के प्रमुख बदलावों

नए कर कानून को समझाने के लिए होगा विशेष संवाद कार्यक्रम Nagpur Income Tax Prarambh 2026 awareness program: नागपुर। आयकर विभाग, नागपुर द्वारा 14 मई 2026 को सुबह 10.30 बजे से सिविल लाइंस स्थित बनयान हॉल, चिटनवीस सेंटर में “प्रारंभ–2026” नामक जनजागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम विभाग की देशव्यापी करदाता जागरूकता पहल का हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों, करदाताओं और विभिन्न वर्गों को नए आयकर अधिनियम, 2025 तथा आयकर नियम, 2026 के प्रावधानों से परिचित कराना है। कार्यक्रम में करदाताओं, टैक्स प्रोफेशनल्स, उद्योग प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों को नए कर कानून के प्रमुख बदलावों

TRAI Action on Telecom Companies : अब मोबाइल कंपनियां ग्राहकों की शिकायत दबाकर नहीं बच पाएंगी! ट्राई ने ऐसा सख्त प्लान तैयार किया है, जिससे टेलीकॉम कंपनियों में हड़कंप मच सकता है।

TRAI Action on Telecom Companies : अब मोबाइल कंपनियां ग्राहकों की शिकायत दबाकर नहीं बच पाएंगी! ट्राई ने ऐसा सख्त प्लान तैयार किया है, जिससे टेलीकॉम कंपनियों में हड़कंप मच सकता है।

Rural Development : क्या गांव में रहकर भी अच्छा कारोबार शुरू किया जा सकता है? एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया का यह इको लर्निंग सेंटर इसी सवाल का जवाब देता है-जहां लोग सीखते हैं, कमाते हैं और आत्मनिर्भर बनते हैं।

Rural Development : क्या गांव में रहकर भी अच्छा कारोबार शुरू किया जा सकता है? एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया का यह इको लर्निंग सेंटर इसी सवाल का जवाब देता है-जहां लोग सीखते हैं, कमाते हैं और आत्मनिर्भर बनते हैं।

Redmi A7, Redmi A7 Pro : शाओमी ने भारत में रेडमी ए7 और रेडमी ए7 प्रो लॉन्च किए हैं, जो बजट सेगमेंट के स्मार्टफोन हैं। इनमें बड़ी स्क्रीन, लंबी बैटरी, साधारण लेकिन भरोसेमंद परफॉर्मेंस और जरूरी फीचर्स मिलते हैं। ये फोन छात्रों और आम उपयोगकर्ताओं के लिए बनाए गए हैं, जो कम कीमत में अच्छा फोन चाहते हैं।

Redmi A7, Redmi A7 Pro : शाओमी ने भारत में रेडमी ए7 और रेडमी ए7 प्रो लॉन्च किए हैं, जो बजट सेगमेंट के स्मार्टफोन हैं। इनमें बड़ी स्क्रीन, लंबी बैटरी, साधारण लेकिन भरोसेमंद परफॉर्मेंस और जरूरी फीचर्स मिलते हैं। ये फोन छात्रों और आम उपयोगकर्ताओं के लिए बनाए गए हैं, जो कम कीमत में अच्छा फोन चाहते हैं।

Full HD Projector : स्मार्ट प्रोजेक्टर 7500 ल्यूमेंस ब्राइटनेस, फुल एचडी रेजोल्यूशन और 4के इनपुट सपोर्ट के साथ आता है। इसमें गूगल टीवी आधारित स्मार्ट फीचर्स, ऑटो फोकस, ऑटो कीस्टोन और 200 इंच तक स्क्रीन सपोर्ट मिलता है। यह डिवाइस घर को मिनी थिएटर में बदलने के लिए एक बेहतरीन विकल्प है।

Full HD Projector : स्मार्ट प्रोजेक्टर 7500 ल्यूमेंस ब्राइटनेस, फुल एचडी रेजोल्यूशन और 4के इनपुट सपोर्ट के साथ आता है। इसमें गूगल टीवी आधारित स्मार्ट फीचर्स, ऑटो फोकस, ऑटो कीस्टोन और 200 इंच तक स्क्रीन सपोर्ट मिलता है। यह डिवाइस घर को मिनी थिएटर में बदलने के लिए एक बेहतरीन विकल्प है।

12.75 lakh tax free truth : 12.75 लाख टैक्स फ्री” का दावा पूरी तरह सच नहीं है-यह सिर्फ कुछ परिस्थितियों में मिलने वाले टैक्स लाभ का बढ़ा-चढ़ाकर किया गया प्रचार है, जबकि भारत में कोई नया टैक्स कानून लागू नहीं हुआ है।

12.75 lakh tax free truth : 12.75 लाख टैक्स फ्री” का दावा पूरी तरह सच नहीं है-यह सिर्फ कुछ परिस्थितियों में मिलने वाले टैक्स लाभ का बढ़ा-चढ़ाकर किया गया प्रचार है, जबकि भारत में कोई नया टैक्स कानून लागू नहीं हुआ है।

Affordable Voice Only Plans India: ट्राई का यह कदम उन यूजर्स के लिए फायदेमंद होगा जो इंटरनेट का कम या बिल्कुल उपयोग नहीं करते। इस पहल से उपभोक्ताओं को ज्यादा विकल्प मिलेंगे और टेलीकॉम सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ेगी। इस पर 28 अप्रैल 2026 तक सुझाव मांगे गए हैं, जिसके बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।

Affordable Voice Only Plans India: ट्राई का यह कदम उन यूजर्स के लिए फायदेमंद होगा जो इंटरनेट का कम या बिल्कुल उपयोग नहीं करते। इस पहल से उपभोक्ताओं को ज्यादा विकल्प मिलेंगे और टेलीकॉम सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ेगी। इस पर 28 अप्रैल 2026 तक सुझाव मांगे गए हैं, जिसके बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।

Income Tax Rules India: अप्रैल महीने में बैंकिंग और वित्तीय नियमों को लेकर कई बदलावों की चर्चा हो रही है, लेकिन सभी बदलाव नए नहीं हैं। एटीएम और यूपीआई से नकद निकासी के नियमों में कुछ बदलाव जरूर हुए हैं, वहीं बड़े लेनदेन पर आयकर विभाग की निगरानी पहले से ज्यादा सख्त हुई है। कुल मिलाकर, यह कहना गलत होगा कि पूरा सिस्टम बदल गया है, बल्कि पुराने नियमों को अधिक सख्ती से लागू किया जा रहा है।

Income Tax Rules India: अप्रैल महीने में बैंकिंग और वित्तीय नियमों को लेकर कई बदलावों की चर्चा हो रही है, लेकिन सभी बदलाव नए नहीं हैं। एटीएम और यूपीआई से नकद निकासी के नियमों में कुछ बदलाव जरूर हुए हैं, वहीं बड़े लेनदेन पर आयकर विभाग की निगरानी पहले से ज्यादा सख्त हुई है। कुल मिलाकर, यह कहना गलत होगा कि पूरा सिस्टम बदल गया है, बल्कि पुराने नियमों को अधिक सख्ती से लागू किया जा रहा है।

flight ticket pricing India: अभी यात्रियों को सीट चयन के लिए पहले की तरह अतिरिक्त शुल्क देना होगा, हालांकि पारदर्शिता और अन्य सुविधाओं से जुड़े नियम जारी रहेंगे। इसके साथ ही सरकार ने जेट ईंधन की कीमतों में हर महीने अधिकतम 25 प्रतिशत बढ़ोतरी की सीमा भी तय की है, ताकि किराए में अचानक बढ़ोतरी को रोका जा सके।

flight ticket pricing India: अभी यात्रियों को सीट चयन के लिए पहले की तरह अतिरिक्त शुल्क देना होगा, हालांकि पारदर्शिता और अन्य सुविधाओं से जुड़े नियम जारी रहेंगे। इसके साथ ही सरकार ने जेट ईंधन की कीमतों में हर महीने अधिकतम 25 प्रतिशत बढ़ोतरी की सीमा भी तय की है, ताकि किराए में अचानक बढ़ोतरी को रोका जा सके।

कम होती है टैक्स चोरी TDS Meaning in Simple Terms: टीडीएस का मतलब है स्रोत पर कर काटना। इसका तरीका ऐसा है कि जब आप कोई पैसा कमाते हैं, जैसे नौकरी की सैलरी, बैंक में जमा पैसे का ब्याज, घर का किराया या कमीशन, तो उस पैसे में से पहले ही कर काट लिया जाता है और सीधे सरकार के पास चला जाता है। आपको सिर्फ शुद्ध रकम मिलती है। इसका फायदा यह है कि साल के अंत में आपको एक साथ बड़ा टैक्स नहीं देना पड़ता और टैक्स चोरी भी कम होती है। साल के अंत में देना होता

कम होती है टैक्स चोरी TDS Meaning in Simple Terms: टीडीएस का मतलब है स्रोत पर कर काटना। इसका तरीका ऐसा है कि जब आप कोई पैसा कमाते हैं, जैसे नौकरी की सैलरी, बैंक में जमा पैसे का ब्याज, घर का किराया या कमीशन, तो उस पैसे में से पहले ही कर काट लिया जाता है और सीधे सरकार के पास चला जाता है। आपको सिर्फ शुद्ध रकम मिलती है। इसका फायदा यह है कि साल के अंत में आपको एक साथ बड़ा टैक्स नहीं देना पड़ता और टैक्स चोरी भी कम होती है। साल के अंत में देना होता

Adani Green-Reliance Industries Case: बॉम्बे हाई कोर्ट ने अडानी ग्रीन एनर्जी और रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े दो मामलों में दायर याचिकाएं खारिज कर दीं। याचिकाओं में रिश्वतखोरी और गैस दोहन जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे, लेकिन अदालत ने कहा कि पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में जांच का आदेश नहीं दिया जा सकता।

Adani Green-Reliance Industries Case: बॉम्बे हाई कोर्ट ने अडानी ग्रीन एनर्जी और रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े दो मामलों में दायर याचिकाएं खारिज कर दीं। याचिकाओं में रिश्वतखोरी और गैस दोहन जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे, लेकिन अदालत ने कहा कि पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में जांच का आदेश नहीं दिया जा सकता।

Skoda Kushaq Features: नई स्कोडा कुशाक भारतीय बाजार में बेहतर सेफ्टी, नए फीचर्स और दमदार टर्बो पेट्रोल इंजन के साथ पेश की गई है। इसमें पहली बार रियर सीट मसाजर और 8-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स जैसे एडवांस फीचर्स मिलते हैं, जो इसे अपने सेगमेंट में खास बनाते हैं।

Skoda Kushaq Features: नई स्कोडा कुशाक भारतीय बाजार में बेहतर सेफ्टी, नए फीचर्स और दमदार टर्बो पेट्रोल इंजन के साथ पेश की गई है। इसमें पहली बार रियर सीट मसाजर और 8-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स जैसे एडवांस फीचर्स मिलते हैं, जो इसे अपने सेगमेंट में खास बनाते हैं।

Email Scam Alert: डिजिटल दुनिया में साइबर ठग लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। करोड़ों रुपये का लालच देने वाले फर्जी ई-मेल और ऑनलाइन स्कैम के जरिए लोगों की निजी जानकारी और पैसा दोनों निशाने पर हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

Email Scam Alert: डिजिटल दुनिया में साइबर ठग लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। करोड़ों रुपये का लालच देने वाले फर्जी ई-मेल और ऑनलाइन स्कैम के जरिए लोगों की निजी जानकारी और पैसा दोनों निशाने पर हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

लगातार तीसरे साल भी कोई बदलाव नहीं 8.25% PF interest rate: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने 2025-26 के लिए कर्मचारियों की भविष्य निधि (PF) पर ब्याज दर 8.25% बनाए रखने का फैसला किया है। मतलब, जो पैसा आपने PF में जमा किया है, उस पर आपको अगले साल भी उतना ही ब्याज मिलेगा। यह लगातार तीसरा साल है जब ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया। कौन-कौन इससे फायदा उठाएगा ? इसका फायदा 7.8 करोड़ से ज्यादा PF में योगदान करने वाले लोगों को मिलेगा। यानी, आम आदमी से लेकर बड़े कर्मचारी तक, सभी को फायदा होगा। क्यों

लगातार तीसरे साल भी कोई बदलाव नहीं 8.25% PF interest rate: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने 2025-26 के लिए कर्मचारियों की भविष्य निधि (PF) पर ब्याज दर 8.25% बनाए रखने का फैसला किया है। मतलब, जो पैसा आपने PF में जमा किया है, उस पर आपको अगले साल भी उतना ही ब्याज मिलेगा। यह लगातार तीसरा साल है जब ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया। कौन-कौन इससे फायदा उठाएगा ? इसका फायदा 7.8 करोड़ से ज्यादा PF में योगदान करने वाले लोगों को मिलेगा। यानी, आम आदमी से लेकर बड़े कर्मचारी तक, सभी को फायदा होगा। क्यों

राजस्थान की उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बुधवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। भजन लाल सरकार के इस बजट में राज्य के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की गई है। बजट में व्यापार, शिक्षा और बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता देते हुए राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का रोडमैप तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने की दिशा में राजस्थान सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। बजट में सबसे खास बात यह रही कि बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए

राजस्थान की उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बुधवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। भजन लाल सरकार के इस बजट में राज्य के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की गई है। बजट में व्यापार, शिक्षा और बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता देते हुए राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का रोडमैप तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने की दिशा में राजस्थान सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। बजट में सबसे खास बात यह रही कि बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए

राज्यसभा में आज केंद्रीय बजट 2026-27 पर विस्तृत चर्चा हुई। इस चर्चा में विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों ने अपने विचार रखे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने बहस की शुरुआत करते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर पर कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए। उन्होंने सरकार की आर्थिक नीतियों और बजट आवंटन को लेकर तीखी आलोचना की। वहीं भाजपा सांसदों ने सरकार के कामकाज का बचाव करते हुए बजट को देश के विकास के लिए फायदेमंद बताया। चिदंबरम ने गिरती विकास दर पर जताई चिंता कांग्रेस सांसद पी चिदंबरम ने कहा कि देश की नाममात्र विकास

राज्यसभा में आज केंद्रीय बजट 2026-27 पर विस्तृत चर्चा हुई। इस चर्चा में विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों ने अपने विचार रखे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने बहस की शुरुआत करते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर पर कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए। उन्होंने सरकार की आर्थिक नीतियों और बजट आवंटन को लेकर तीखी आलोचना की। वहीं भाजपा सांसदों ने सरकार के कामकाज का बचाव करते हुए बजट को देश के विकास के लिए फायदेमंद बताया। चिदंबरम ने गिरती विकास दर पर जताई चिंता कांग्रेस सांसद पी चिदंबरम ने कहा कि देश की नाममात्र विकास

आईडीबीआई बैंक के निजीकरण में बड़ा उलटफेर IDBI Bank Privatization: देश के बैंकिंग सेक्टर में एक बड़ी खबर सामने आई है। प्राइवेट सेक्टर के जाने-माने कोटक महिंद्रा बैंक ने आईडीबीआई बैंक को खरीदने में अपनी दिलचस्पी नहीं दिखाई है। शनिवार को स्टॉक एक्सचेंज में दी गई जानकारी के मुताबिक, कोटक महिंद्रा बैंक ने आईडीबीआई बैंक के लिए कोई वित्तीय बोली जमा नहीं की है। यह खबर उस समय आई है जब मीडिया में लगातार यह चर्चा हो रही थी कि कोटक बैंक आईडीबीआई की खरीदारी के लिए आगे बढ़ रहा है। पिछले कुछ हफ्तों से बाजार में यह अटकलें लगाई

आईडीबीआई बैंक के निजीकरण में बड़ा उलटफेर IDBI Bank Privatization: देश के बैंकिंग सेक्टर में एक बड़ी खबर सामने आई है। प्राइवेट सेक्टर के जाने-माने कोटक महिंद्रा बैंक ने आईडीबीआई बैंक को खरीदने में अपनी दिलचस्पी नहीं दिखाई है। शनिवार को स्टॉक एक्सचेंज में दी गई जानकारी के मुताबिक, कोटक महिंद्रा बैंक ने आईडीबीआई बैंक के लिए कोई वित्तीय बोली जमा नहीं की है। यह खबर उस समय आई है जब मीडिया में लगातार यह चर्चा हो रही थी कि कोटक बैंक आईडीबीआई की खरीदारी के लिए आगे बढ़ रहा है। पिछले कुछ हफ्तों से बाजार में यह अटकलें लगाई

सोना और चांदी की कीमतों में लगातार दो दिन की तेजी के बाद गुरुवार को भारी गिरावट देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी और अमेरिकी डॉलर की मजबूती की वजह से कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर मार्च डिलीवरी के लिए चांदी की कीमत 26,850 रुपये यानी 10 फीसदी की गिरावट के साथ 2,42,000 रुपये प्रति किलो पर आ गई। पिछले सत्र में यह 2,68,850 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। वहीं अप्रैल अनुबंध के लिए सोने की कीमत में 2,310 रुपये यानी 1.51 फीसदी की कमी आई और यह 1,50,736 रुपये

सोना और चांदी की कीमतों में लगातार दो दिन की तेजी के बाद गुरुवार को भारी गिरावट देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी और अमेरिकी डॉलर की मजबूती की वजह से कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर मार्च डिलीवरी के लिए चांदी की कीमत 26,850 रुपये यानी 10 फीसदी की गिरावट के साथ 2,42,000 रुपये प्रति किलो पर आ गई। पिछले सत्र में यह 2,68,850 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। वहीं अप्रैल अनुबंध के लिए सोने की कीमत में 2,310 रुपये यानी 1.51 फीसदी की कमी आई और यह 1,50,736 रुपये

केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। यह बजट कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला बजट है, जो तीन मुख्य कर्तव्यों से प्रेरित है। माघ पूर्णिमा और गुरु रविदास की जन्म जयंती के पवित्र अवसर पर प्रस्तुत इस बजट में युवा शक्ति, गरीब और वंचित समुदायों के विकास पर विशेष जोर दिया गया है। तीन मुख्य कर्तव्यों पर आधारित बजट वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में स्पष्ट किया कि यह बजट तीन प्रमुख कर्तव्यों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। पहला कर्तव्य है आर्थिक वृद्धि को

केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। यह बजट कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला बजट है, जो तीन मुख्य कर्तव्यों से प्रेरित है। माघ पूर्णिमा और गुरु रविदास की जन्म जयंती के पवित्र अवसर पर प्रस्तुत इस बजट में युवा शक्ति, गरीब और वंचित समुदायों के विकास पर विशेष जोर दिया गया है। तीन मुख्य कर्तव्यों पर आधारित बजट वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में स्पष्ट किया कि यह बजट तीन प्रमुख कर्तव्यों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। पहला कर्तव्य है आर्थिक वृद्धि को

किसानों के हित में सरकार की प्राथमिकता Shivraj Singh Chouhan on FTA Agreement 2026: कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को लोकसभा में स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) पर बातचीत करने से पहले भारतीय कृषि, संबद्ध क्षेत्रों और किसानों के हितों की पूरी तरह से रक्षा करती है। उन्होंने यह भी बताया कि इसमें छोटे और सीमांत किसानों का विशेष ध्यान रखा जाता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर चर्चा चल रही है। लोकसभा में एक तारांकित प्रश्न के लिखित जवाब में चौहान ने कहा

किसानों के हित में सरकार की प्राथमिकता Shivraj Singh Chouhan on FTA Agreement 2026: कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को लोकसभा में स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) पर बातचीत करने से पहले भारतीय कृषि, संबद्ध क्षेत्रों और किसानों के हितों की पूरी तरह से रक्षा करती है। उन्होंने यह भी बताया कि इसमें छोटे और सीमांत किसानों का विशेष ध्यान रखा जाता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर चर्चा चल रही है। लोकसभा में एक तारांकित प्रश्न के लिखित जवाब में चौहान ने कहा

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा नई दिल्ली में मंगलवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह समझौता मुख्य रूप से टैरिफ यानी शुल्क में कमी को लेकर है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस व्यापार समझौते की पूरी जानकारी जल्द ही सामने आएगी और दोनों देशों के बीच इस पर और काम किया जाएगा। सीतारमण ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा कि यह बहुत अच्छी खबर है। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने भारत से आने वाले सामान पर लगने वाला

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा नई दिल्ली में मंगलवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह समझौता मुख्य रूप से टैरिफ यानी शुल्क में कमी को लेकर है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस व्यापार समझौते की पूरी जानकारी जल्द ही सामने आएगी और दोनों देशों के बीच इस पर और काम किया जाएगा। सीतारमण ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा कि यह बहुत अच्छी खबर है। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने भारत से आने वाले सामान पर लगने वाला

अमेरिका के साथ हुआ ऐतिहासिक व्यापार समझौता भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद आखिरकार एक बड़ा व्यापार समझौता हो गया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने आज इस डील को “पड़ोस में सबसे बेहतरीन” करार देते हुए कहा कि यह भारत के लिए एक बहुत अच्छी उपलब्धि है। यह समझौता कई महीनों की मेहनत और कई बाधाओं को पार करने के बाद संभव हो सका है। इस डील की घोषणा सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की और उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसकी पुष्टि करते हुए ट्रंप को धन्यवाद

अमेरिका के साथ हुआ ऐतिहासिक व्यापार समझौता भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद आखिरकार एक बड़ा व्यापार समझौता हो गया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने आज इस डील को “पड़ोस में सबसे बेहतरीन” करार देते हुए कहा कि यह भारत के लिए एक बहुत अच्छी उपलब्धि है। यह समझौता कई महीनों की मेहनत और कई बाधाओं को पार करने के बाद संभव हो सका है। इस डील की घोषणा सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की और उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसकी पुष्टि करते हुए ट्रंप को धन्यवाद

भारत और अमेरिका के बीच हुए ताजा व्यापार समझौते ने कीमती धातुओं के बाजार में नई जान फूंक दी है। मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। लगातार पांच दिनों से गिरावट का सामना कर रहे सोना-चांदी के भाव में यह तेजी निवेशकों के लिए राहत भरी खबर है। व्यापार समझौते से निर्यात क्षेत्र खासकर रत्न और आभूषण उद्योग में विश्वास बढ़ा है, जिसका सीधा असर कीमती धातुओं की कीमतों पर दिखा। समझौते की मुख्य बातें भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय सामानों पर लगने वाले शुल्क में बड़ी कटौती की है।

भारत और अमेरिका के बीच हुए ताजा व्यापार समझौते ने कीमती धातुओं के बाजार में नई जान फूंक दी है। मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। लगातार पांच दिनों से गिरावट का सामना कर रहे सोना-चांदी के भाव में यह तेजी निवेशकों के लिए राहत भरी खबर है। व्यापार समझौते से निर्यात क्षेत्र खासकर रत्न और आभूषण उद्योग में विश्वास बढ़ा है, जिसका सीधा असर कीमती धातुओं की कीमतों पर दिखा। समझौते की मुख्य बातें भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय सामानों पर लगने वाले शुल्क में बड़ी कटौती की है।

Income Tax Changes Explained in Easy terms: देश में टैक्स भरने वालों के लिए एक बड़ी खबर है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए ऐलान किया कि नया इनकम टैक्स एक्ट 2025, पहली अप्रैल 2026 से लागू हो जाएगा। यह नया कानून छह दशक पुराने टैक्स कानून की जगह लेगा। इस नए कानून का मकसद टैक्स प्रक्रिया को आसान बनाना और आम नागरिकों को राहत देना है। वित्त मंत्री ने कहा कि नए इनकम टैक्स के नियम और फॉर्म जल्द ही जारी किए जाएंगे ताकि टैक्स भरने वालों को नए कानून को समझने

Income Tax Changes Explained in Easy terms: देश में टैक्स भरने वालों के लिए एक बड़ी खबर है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए ऐलान किया कि नया इनकम टैक्स एक्ट 2025, पहली अप्रैल 2026 से लागू हो जाएगा। यह नया कानून छह दशक पुराने टैक्स कानून की जगह लेगा। इस नए कानून का मकसद टैक्स प्रक्रिया को आसान बनाना और आम नागरिकों को राहत देना है। वित्त मंत्री ने कहा कि नए इनकम टैक्स के नियम और फॉर्म जल्द ही जारी किए जाएंगे ताकि टैक्स भरने वालों को नए कानून को समझने

बजट पेश करने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो बातें कहीं, उनमें आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प का भाव था। उन्होंने दावा किया कि सरकार अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए रास्ता बना रही है और विकास की रफ्तार बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठा रही है। 12.2 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय, संरचनात्मक सुधार, तकनीक को बढ़ावा और टियर 2-3 शहरों पर फोकस – ये सब सुनने में बेहद प्रभावशाली लगता है। लेकिन क्या यह सब धरातल पर उतरकर आम आदमी की जिंदगी में बदलाव लाएगा? आइए, इन दावों की पड़ताल करें। पूंजीगत

बजट पेश करने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो बातें कहीं, उनमें आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प का भाव था। उन्होंने दावा किया कि सरकार अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए रास्ता बना रही है और विकास की रफ्तार बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठा रही है। 12.2 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय, संरचनात्मक सुधार, तकनीक को बढ़ावा और टियर 2-3 शहरों पर फोकस – ये सब सुनने में बेहद प्रभावशाली लगता है। लेकिन क्या यह सब धरातल पर उतरकर आम आदमी की जिंदगी में बदलाव लाएगा? आइए, इन दावों की पड़ताल करें। पूंजीगत

नागपुर से विधायक प्रवीण दटके ने जब केंद्रीय बजट 2026-27 पर अपनी प्रतिक्रिया दी, तो उनके शब्दों में आशावाद और विश्वास झलक रहा था। उन्होंने इसे केवल वार्षिक आर्थिक विवरण नहीं, बल्कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने वाला व्यापक दस्तावेज बताया। लेकिन जब हम इस बजट को आम नागरिक की नजर से देखते हैं, तो कई सवाल उभरते हैं। क्या यह बजट सचमुच “सबका साथ, सबका विकास” का प्रतीक है या फिर यह भी चुनिंदा वर्गों तक सीमित रह जाएगा? बुनियादी ढांचे में भारी निवेश का वादा बजट की सबसे बड़ी घोषणा 12 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत

नागपुर से विधायक प्रवीण दटके ने जब केंद्रीय बजट 2026-27 पर अपनी प्रतिक्रिया दी, तो उनके शब्दों में आशावाद और विश्वास झलक रहा था। उन्होंने इसे केवल वार्षिक आर्थिक विवरण नहीं, बल्कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने वाला व्यापक दस्तावेज बताया। लेकिन जब हम इस बजट को आम नागरिक की नजर से देखते हैं, तो कई सवाल उभरते हैं। क्या यह बजट सचमुच “सबका साथ, सबका विकास” का प्रतीक है या फिर यह भी चुनिंदा वर्गों तक सीमित रह जाएगा? बुनियादी ढांचे में भारी निवेश का वादा बजट की सबसे बड़ी घोषणा 12 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जब संसद में बजट 2026 पेश किया, तो पूरे देश की निगाहें एक बार फिर उन घोषणाओं पर टिक गईं जो आने वाले समय में भारत की आर्थिक दिशा तय करेंगी। यह केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि उन करोड़ों लोगों की उम्मीदों का प्रतिबिंब है जो रोज सुबह उठकर अपने कारोबार, खेती और रोजगार की चिंता में जुटे रहते हैं। इस बार का बजट व्यापार, उद्योग और रोजगार के लिहाज से काफी महत्वाकांक्षी नजर आता है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह धरातल पर उतरकर आम आदमी की जिंदगी में वाकई बदलाव ला

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जब संसद में बजट 2026 पेश किया, तो पूरे देश की निगाहें एक बार फिर उन घोषणाओं पर टिक गईं जो आने वाले समय में भारत की आर्थिक दिशा तय करेंगी। यह केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि उन करोड़ों लोगों की उम्मीदों का प्रतिबिंब है जो रोज सुबह उठकर अपने कारोबार, खेती और रोजगार की चिंता में जुटे रहते हैं। इस बार का बजट व्यापार, उद्योग और रोजगार के लिहाज से काफी महत्वाकांक्षी नजर आता है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह धरातल पर उतरकर आम आदमी की जिंदगी में वाकई बदलाव ला

देश का केंद्रीय बजट हर साल करोड़ों लोगों की उम्मीदों का केंद्र बनता है। इस बार भी जब वित्त मंत्री ने संसद में बजट पेश किया, तो चमकदार योजनाओं और भविष्य की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की झड़ी लग गई। लेकिन जब हम इस बजट को आम नागरिक की नजर से देखते हैं, तो एक गहरा सवाल उभरता है – क्या यह बजट वाकई उस इंसान के लिए है जो रोज सुबह उठकर महंगाई से जूझता है, बेरोजगारी की मार झेलता है, और अपने परिवार का पेट पालने के लिए संघर्ष करता है? चमक-दमक में खोया सच बजट में हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर,

देश का केंद्रीय बजट हर साल करोड़ों लोगों की उम्मीदों का केंद्र बनता है। इस बार भी जब वित्त मंत्री ने संसद में बजट पेश किया, तो चमकदार योजनाओं और भविष्य की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की झड़ी लग गई। लेकिन जब हम इस बजट को आम नागरिक की नजर से देखते हैं, तो एक गहरा सवाल उभरता है – क्या यह बजट वाकई उस इंसान के लिए है जो रोज सुबह उठकर महंगाई से जूझता है, बेरोजगारी की मार झेलता है, और अपने परिवार का पेट पालने के लिए संघर्ष करता है? चमक-दमक में खोया सच बजट में हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर,

देश का केंद्रीय बजट 2026 अब कुछ ही घंटों की दूरी पर है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी यानी रविवार को अपना लगातार नौवां बजट पेश करने जा रही हैं। इस बार का बजट खास इसलिए भी है क्योंकि इसे वैश्विक अनिश्चितता और व्यापारिक चुनौतियों के बीच पेश किया जा रहा है। बजट पेश होने से पहले देश के अलग-अलग उद्योगों ने सरकार के सामने अपनी मांगें और उम्मीदें रखी हैं। इनमें से सबसे चर्चित मांग है सोने की खरीद के लिए पैन-आधार की सीमा को बढ़ाना। देश के आर्थिक विशेषज्ञ और उद्योग जगत के लोग इस बजट में

देश का केंद्रीय बजट 2026 अब कुछ ही घंटों की दूरी पर है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी यानी रविवार को अपना लगातार नौवां बजट पेश करने जा रही हैं। इस बार का बजट खास इसलिए भी है क्योंकि इसे वैश्विक अनिश्चितता और व्यापारिक चुनौतियों के बीच पेश किया जा रहा है। बजट पेश होने से पहले देश के अलग-अलग उद्योगों ने सरकार के सामने अपनी मांगें और उम्मीदें रखी हैं। इनमें से सबसे चर्चित मांग है सोने की खरीद के लिए पैन-आधार की सीमा को बढ़ाना। देश के आर्थिक विशेषज्ञ और उद्योग जगत के लोग इस बजट में

भारतीय रुपया शुक्रवार को अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 17 पैसे गिरकर 91.99 पर आ गया। यह भारतीय मुद्रा के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड निचला स्तर है। हालांकि दिन की शुरुआत में रुपये ने कुछ बेहतर प्रदर्शन किया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर यूरोप के खिलाफ अपने टैरिफ के रुख में नरमी दिखाई थी। इससे व्यापार युद्ध की आशंका कुछ कम हुई थी। विदेशी मुद्रा व्यापारियों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के रुख में बदलाव से निकट भविष्य की भू-राजनीतिक चिंताएं कम हुईं। जैसे-जैसे निवेशकों की जोखिम

भारतीय रुपया शुक्रवार को अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 17 पैसे गिरकर 91.99 पर आ गया। यह भारतीय मुद्रा के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड निचला स्तर है। हालांकि दिन की शुरुआत में रुपये ने कुछ बेहतर प्रदर्शन किया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर यूरोप के खिलाफ अपने टैरिफ के रुख में नरमी दिखाई थी। इससे व्यापार युद्ध की आशंका कुछ कम हुई थी। विदेशी मुद्रा व्यापारियों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के रुख में बदलाव से निकट भविष्य की भू-राजनीतिक चिंताएं कम हुईं। जैसे-जैसे निवेशकों की जोखिम

भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने वाले लोगों के लिए गुरुवार का दिन बेहद चौंकाने वाला रहा। देश के प्रमुख सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स यानी ईटीएफ की कीमतों में एक ही दिन में करीब 20 फीसदी तक की भारी गिरावट देखने को मिली। यह गिरावट इतनी तेज थी कि निवेशकों के होश उड़ गए। जो लोग चांदी में निवेश करके मुनाफा कमाने की सोच रहे थे, उन्हें अचानक बड़ा नुकसान झेलना पड़ा। निप्पॉन इंडिया सिल्वर ईटीएफ, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल सिल्वर ईटीएफ और कोटक सिल्वर ईटीएफ जैसे बड़े फंड्स में यह गिरावट दर्ज की गई। इन फंड्स ने पिछले कुछ समय में

भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने वाले लोगों के लिए गुरुवार का दिन बेहद चौंकाने वाला रहा। देश के प्रमुख सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स यानी ईटीएफ की कीमतों में एक ही दिन में करीब 20 फीसदी तक की भारी गिरावट देखने को मिली। यह गिरावट इतनी तेज थी कि निवेशकों के होश उड़ गए। जो लोग चांदी में निवेश करके मुनाफा कमाने की सोच रहे थे, उन्हें अचानक बड़ा नुकसान झेलना पड़ा। निप्पॉन इंडिया सिल्वर ईटीएफ, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल सिल्वर ईटीएफ और कोटक सिल्वर ईटीएफ जैसे बड़े फंड्स में यह गिरावट दर्ज की गई। इन फंड्स ने पिछले कुछ समय में

देश का केंद्रीय बजट 2026 एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किया जाएगा। यह बजट कई मायनों में खास है क्योंकि यह पहली बार रविवार के दिन पेश किया जा रहा है। इस बार का बजट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई चुनौतियों के बीच आ रहा है, खासकर अमेरिका द्वारा भारत से आने वाले सामान पर 50 फीसदी टैक्स लगाने के फैसले के बाद। ऐसे में यह बजट देश की अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों के जीवन पर गहरा प्रभाव डालेगा। बजट दरअसल सरकार का एक वित्तीय दस्तावेज होता है जिसमें यह बताया जाता है कि सरकार

देश का केंद्रीय बजट 2026 एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किया जाएगा। यह बजट कई मायनों में खास है क्योंकि यह पहली बार रविवार के दिन पेश किया जा रहा है। इस बार का बजट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई चुनौतियों के बीच आ रहा है, खासकर अमेरिका द्वारा भारत से आने वाले सामान पर 50 फीसदी टैक्स लगाने के फैसले के बाद। ऐसे में यह बजट देश की अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों के जीवन पर गहरा प्रभाव डालेगा। बजट दरअसल सरकार का एक वित्तीय दस्तावेज होता है जिसमें यह बताया जाता है कि सरकार

केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशन पाने वालों के लिए महंगाई भत्ता यानी डीए हमेशा एक अहम मुद्दा रहा है। बढ़ती महंगाई के बीच यही भत्ता उनकी आमदनी को कुछ हद तक संभालता है। लेकिन सातवें वेतन आयोग के दौरान डीए की बढ़ोतरी की रफ्तार काफी धीमी रही है। जानकार मानते हैं कि यही धीमी चाल आगे चलकर आठवें वेतन आयोग में बड़ी राहत बन सकती है। महंगाई भत्ता का मकसद ही यही होता है कि बाजार में बढ़ती कीमतों का असर कर्मचारियों की जेब पर कम पड़े। हर साल जनवरी और जुलाई से डीए बढ़ाया जाता है, जिसकी घोषणा

केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशन पाने वालों के लिए महंगाई भत्ता यानी डीए हमेशा एक अहम मुद्दा रहा है। बढ़ती महंगाई के बीच यही भत्ता उनकी आमदनी को कुछ हद तक संभालता है। लेकिन सातवें वेतन आयोग के दौरान डीए की बढ़ोतरी की रफ्तार काफी धीमी रही है। जानकार मानते हैं कि यही धीमी चाल आगे चलकर आठवें वेतन आयोग में बड़ी राहत बन सकती है। महंगाई भत्ता का मकसद ही यही होता है कि बाजार में बढ़ती कीमतों का असर कर्मचारियों की जेब पर कम पड़े। हर साल जनवरी और जुलाई से डीए बढ़ाया जाता है, जिसकी घोषणा

दुनिया के प्रमुख बैंकिंग संस्थानों में से एक एचएसबीसी ने अपने प्राइवेट बैंकिंग विभाग में एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। बैंक ने आइडा लिउ को अपने प्राइवेट बैंक का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया है। यह नियुक्ति तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है। आइडा लिउ ने गैब्रियल कास्टेलो का स्थान लिया है, जिन्होंने पूरे साल 2025 में अंतरिम सीईओ के रूप में काम किया था। गैब्रियल कास्टेलो को दिसंबर 2024 में एचएसबीसी के अंतरराष्ट्रीय धन और प्रीमियर बैंकिंग पुनर्गठन के दौरान अंतरिम सीईओ नियुक्त किया गया था। हालांकि, कास्टेलो बैंक से अलग नहीं होंगे। वे उपाध्यक्ष

दुनिया के प्रमुख बैंकिंग संस्थानों में से एक एचएसबीसी ने अपने प्राइवेट बैंकिंग विभाग में एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। बैंक ने आइडा लिउ को अपने प्राइवेट बैंक का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया है। यह नियुक्ति तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है। आइडा लिउ ने गैब्रियल कास्टेलो का स्थान लिया है, जिन्होंने पूरे साल 2025 में अंतरिम सीईओ के रूप में काम किया था। गैब्रियल कास्टेलो को दिसंबर 2024 में एचएसबीसी के अंतरराष्ट्रीय धन और प्रीमियर बैंकिंग पुनर्गठन के दौरान अंतरिम सीईओ नियुक्त किया गया था। हालांकि, कास्टेलो बैंक से अलग नहीं होंगे। वे उपाध्यक्ष

देशभर में लाखों वेतनभोगी करदाता इन दिनों अपने आयकर रिफंड का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उनके रिफंड रुक गए हैं। आयकर विभाग ने कई मामलों में रिफंड की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोक दिया है। इसकी मुख्य वजह फॉर्म 16 और आयकर रिटर्न में दर्शाई गई छूट के दावों में अंतर है। विभाग ने सीधे करदाताओं को ईमेल भेजकर इस बारे में जानकारी दी है और बताया है कि असामान्य रूप से अधिक रिफंड के दावों की जांच शुरू की गई है। आयकर विभाग के मुताबिक, आईटीआर में किए गए छूट के दावे और फॉर्म 16 के अनेक्सर-2

देशभर में लाखों वेतनभोगी करदाता इन दिनों अपने आयकर रिफंड का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उनके रिफंड रुक गए हैं। आयकर विभाग ने कई मामलों में रिफंड की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोक दिया है। इसकी मुख्य वजह फॉर्म 16 और आयकर रिटर्न में दर्शाई गई छूट के दावों में अंतर है। विभाग ने सीधे करदाताओं को ईमेल भेजकर इस बारे में जानकारी दी है और बताया है कि असामान्य रूप से अधिक रिफंड के दावों की जांच शुरू की गई है। आयकर विभाग के मुताबिक, आईटीआर में किए गए छूट के दावे और फॉर्म 16 के अनेक्सर-2

आयकर विभाग ने देशभर में फर्जी कर कटौती और छूट के दावों की सुविधा देने वाले एजेंटों के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस नेटवर्क के जरिए करदाता गलत तरीके से अपनी कर देनदारी कम करके अवैध रिफंड हासिल कर रहे थे। विभाग ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामलों में 200 फीसदी तक जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है। आयकर विभाग के बयान के मुताबिक, जांच में पता चला है कि कुछ बिचौलियों ने पूरे देश में एजेंटों का नेटवर्क बनाया था। ये एजेंट कमीशन के आधार पर आयकर रिटर्न दाखिल करते थे और इसमें

आयकर विभाग ने देशभर में फर्जी कर कटौती और छूट के दावों की सुविधा देने वाले एजेंटों के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस नेटवर्क के जरिए करदाता गलत तरीके से अपनी कर देनदारी कम करके अवैध रिफंड हासिल कर रहे थे। विभाग ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामलों में 200 फीसदी तक जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है। आयकर विभाग के बयान के मुताबिक, जांच में पता चला है कि कुछ बिचौलियों ने पूरे देश में एजेंटों का नेटवर्क बनाया था। ये एजेंट कमीशन के आधार पर आयकर रिटर्न दाखिल करते थे और इसमें

भारतीय बाजार में चांदी ने एक नया इतिहास रच दिया है। शुक्रवार 12 दिसंबर को चांदी की कीमतों ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए नई ऊंचाइयां छू लीं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर चांदी पहली बार 2 लाख रुपये के जादुई आंकड़े को पार कर गई। MCX पर चांदी ने 2,01,388 रुपये प्रति किलो का ऑल टाइम हाई बनाया। वहीं IBJA पर भी चांदी 1,95,180 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। पिछले एक दिन में ही कीमत में 8192 रुपये की जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली। यह उछाल अचानक नहीं आया है। केड़िया एडवाइजरी के फाउंडर और डायरेक्टर अजय

भारतीय बाजार में चांदी ने एक नया इतिहास रच दिया है। शुक्रवार 12 दिसंबर को चांदी की कीमतों ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए नई ऊंचाइयां छू लीं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर चांदी पहली बार 2 लाख रुपये के जादुई आंकड़े को पार कर गई। MCX पर चांदी ने 2,01,388 रुपये प्रति किलो का ऑल टाइम हाई बनाया। वहीं IBJA पर भी चांदी 1,95,180 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। पिछले एक दिन में ही कीमत में 8192 रुपये की जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली। यह उछाल अचानक नहीं आया है। केड़िया एडवाइजरी के फाउंडर और डायरेक्टर अजय

शेयर बाजार में छोटी कंपनियों के शेयरों यानी स्मॉलकैप में निवेश करना जोखिम भरा होता है, लेकिन जब विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार अपनी हिस्सेदारी घटाने लगें तो यह खतरे की घंटी मानी जाती है। हाल के आंकड़ों से पता चला है कि पिछली तीन तिमाहियों में विदेशी निवेशकों ने 11 प्रमुख स्मॉलकैप शेयरों में अपनी हिस्सेदारी में लगातार कटौती की है। इसका नतीजा यह रहा कि इन शेयरों की कीमतों में 50 से 70 फीसदी तक की भारी गिरावट देखी गई है। यह स्थिति निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई है क्योंकि जब बड़े और अनुभवी निवेशक

शेयर बाजार में छोटी कंपनियों के शेयरों यानी स्मॉलकैप में निवेश करना जोखिम भरा होता है, लेकिन जब विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार अपनी हिस्सेदारी घटाने लगें तो यह खतरे की घंटी मानी जाती है। हाल के आंकड़ों से पता चला है कि पिछली तीन तिमाहियों में विदेशी निवेशकों ने 11 प्रमुख स्मॉलकैप शेयरों में अपनी हिस्सेदारी में लगातार कटौती की है। इसका नतीजा यह रहा कि इन शेयरों की कीमतों में 50 से 70 फीसदी तक की भारी गिरावट देखी गई है। यह स्थिति निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई है क्योंकि जब बड़े और अनुभवी निवेशक

सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का रुख देखने को मिला। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। बाजार में आई इस कमजोरी के पीछे मुख्य कारण निवेशकों की सतर्क रणनीति है, जो इस सप्ताह होने वाली कई आईपीओ गतिविधियों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठक को देखते हुए अपनाई गई है। पिछले सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति घोषणा के बाद अब निवेशकों का ध्यान इस सप्ताह अमेरिकी केंद्रीय बैंक की बैठक पर टिका है। माना जा रहा है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती का ऐलान कर सकता

सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का रुख देखने को मिला। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। बाजार में आई इस कमजोरी के पीछे मुख्य कारण निवेशकों की सतर्क रणनीति है, जो इस सप्ताह होने वाली कई आईपीओ गतिविधियों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठक को देखते हुए अपनाई गई है। पिछले सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति घोषणा के बाद अब निवेशकों का ध्यान इस सप्ताह अमेरिकी केंद्रीय बैंक की बैठक पर टिका है। माना जा रहा है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती का ऐलान कर सकता

देश में सकल माल एवं सेवा कर यानी जीएसटी संग्रह की रफ्तार में कमी आई है। नवंबर महीने में जीएसटी संग्रह सिर्फ 0.7 प्रतिशत की मामूली वृद्धि के साथ 1.70 लाख करोड़ रुपये रहा है। यह आंकड़ा पिछले साल इसी महीने के मुकाबले बहुत कम है। सरकार द्वारा सोमवार को जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है। घरेलू राजस्व में गिरावट इस कम वृद्धि का मुख्य कारण बताया जा रहा है। घरेलू राजस्व में आई बड़ी गिरावट नवंबर महीने में घरेलू राजस्व संग्रह में 2.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। यह आंकड़ा 1.24 लाख

देश में सकल माल एवं सेवा कर यानी जीएसटी संग्रह की रफ्तार में कमी आई है। नवंबर महीने में जीएसटी संग्रह सिर्फ 0.7 प्रतिशत की मामूली वृद्धि के साथ 1.70 लाख करोड़ रुपये रहा है। यह आंकड़ा पिछले साल इसी महीने के मुकाबले बहुत कम है। सरकार द्वारा सोमवार को जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है। घरेलू राजस्व में गिरावट इस कम वृद्धि का मुख्य कारण बताया जा रहा है। घरेलू राजस्व में आई बड़ी गिरावट नवंबर महीने में घरेलू राजस्व संग्रह में 2.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। यह आंकड़ा 1.24 लाख

सोमवार के कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के फरवरी वायदा में तकरीबन 0.71 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई और भाव 1,30,425 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गए। इस तेजी के साथ निवेशकों में उत्साह बढ़ गया है। वहीं, चांदी के मार्च वायदा में भी शानदार तेजी देखी गई और 1.9 प्रतिशत की बढ़त के साथ भाव 1,78,289 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह उछाल अचानक नहीं आया है। इसके पीछे मुख्य कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व और

सोमवार के कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के फरवरी वायदा में तकरीबन 0.71 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई और भाव 1,30,425 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गए। इस तेजी के साथ निवेशकों में उत्साह बढ़ गया है। वहीं, चांदी के मार्च वायदा में भी शानदार तेजी देखी गई और 1.9 प्रतिशत की बढ़त के साथ भाव 1,78,289 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह उछाल अचानक नहीं आया है। इसके पीछे मुख्य कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व और

भारतीय रुपये में सोमवार को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के संभावित बाजार हस्तक्षेप के बाद तेजी देखी गई। शुक्रवार को रिकॉर्ड निचले स्तर 89.49 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंचने के बाद देशी मुद्रा में राहत मिली है। हालांकि, निकट अवधि की अस्थिरता की उम्मीदें कई महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं, जो आने वाले समय में रुपये की चाल को लेकर अनिश्चितता को दर्शाती है। सोमवार को सुबह 10 बजकर 20 मिनट तक भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 89.1625 के स्तर पर था, जो पिछले कारोबारी दिन से 0.3 प्रतिशत मजबूत था। यह उछाल केंद्रीय बैंक के

भारतीय रुपये में सोमवार को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के संभावित बाजार हस्तक्षेप के बाद तेजी देखी गई। शुक्रवार को रिकॉर्ड निचले स्तर 89.49 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंचने के बाद देशी मुद्रा में राहत मिली है। हालांकि, निकट अवधि की अस्थिरता की उम्मीदें कई महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं, जो आने वाले समय में रुपये की चाल को लेकर अनिश्चितता को दर्शाती है। सोमवार को सुबह 10 बजकर 20 मिनट तक भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 89.1625 के स्तर पर था, जो पिछले कारोबारी दिन से 0.3 प्रतिशत मजबूत था। यह उछाल केंद्रीय बैंक के

सोमवार 24 नवंबर 2025 को बुलियन बाजार में निवेशकों को बड़ा झटका लगा है। सोने और चांदी की कीमतों में ताबड़तोड़ गिरावट दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया में सुबह 10 बजे के आसपास सोने में 1400 रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक की गिरावट देखी गई, जबकि चांदी भी 1100 रुपये प्रति किलोग्राम से ज्यादा नीचे फिसल गई। यह गिरावट वैश्विक बाजार में कमजोरी और डॉलर में मजबूती के कारण आई है। बीते कुछ दिनों से कीमती धातुओं में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। भू-राजनीतिक तनाव में कमी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों

सोमवार 24 नवंबर 2025 को बुलियन बाजार में निवेशकों को बड़ा झटका लगा है। सोने और चांदी की कीमतों में ताबड़तोड़ गिरावट दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया में सुबह 10 बजे के आसपास सोने में 1400 रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक की गिरावट देखी गई, जबकि चांदी भी 1100 रुपये प्रति किलोग्राम से ज्यादा नीचे फिसल गई। यह गिरावट वैश्विक बाजार में कमजोरी और डॉलर में मजबूती के कारण आई है। बीते कुछ दिनों से कीमती धातुओं में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। भू-राजनीतिक तनाव में कमी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों

इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रीज के सस्ते शेयर में लगातार दूसरी बार अपर सर्किट देश के शेयर बाजार में मल्टीबैगर स्टॉक्स की दौड़ में शामिल इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रीज ने एक बार फिर निवेशकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। 30 रुपये से भी कम मूल्य वाले इस शेयर में शुक्रवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में 5 प्रतिशत का अपर सर्किट लगा, जिसके बाद इसका भाव बीएसई में 28.09 रुपये के इंट्रा-डे उच्च स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले गुरुवार को भी इसी स्टॉक में 5 प्रतिशत की उछाल ने निवेशकों की उत्सुकता बढ़ाई थी। इस तेजी का प्रमुख कारण कंपनी द्वारा फंड

इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रीज के सस्ते शेयर में लगातार दूसरी बार अपर सर्किट देश के शेयर बाजार में मल्टीबैगर स्टॉक्स की दौड़ में शामिल इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रीज ने एक बार फिर निवेशकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। 30 रुपये से भी कम मूल्य वाले इस शेयर में शुक्रवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में 5 प्रतिशत का अपर सर्किट लगा, जिसके बाद इसका भाव बीएसई में 28.09 रुपये के इंट्रा-डे उच्च स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले गुरुवार को भी इसी स्टॉक में 5 प्रतिशत की उछाल ने निवेशकों की उत्सुकता बढ़ाई थी। इस तेजी का प्रमुख कारण कंपनी द्वारा फंड

फिजिक्सवाला के शेयर की रफ्तार धीमी, निवेशकों की उम्मीदें कमजोर ऑनलाइन शिक्षा क्षेत्र में तेजी से पहचान बनाने वाली कंपनी फिजिक्सवाला ने तीन दिन पहले शेयर बाजार में शानदार लिस्टिंग के साथ अपने निवेशकों को उम्मीदों की नई उड़ान दी थी, लेकिन शुरुआती उत्साह अब लगातार कम होता जा रहा है। अपने पहले कारोबारी दिन इश्यू प्राइस से कहीं ऊपर बंद होने के बाद अब इस शेयर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। निवेशक जहां लिस्टिंग के दिन प्रीमियम देखकर उत्साहित थे वहीं अब मुनाफावसूली के दौर ने शेयर को नीचे धकेल दिया है। शुक्रवार के सत्र में

फिजिक्सवाला के शेयर की रफ्तार धीमी, निवेशकों की उम्मीदें कमजोर ऑनलाइन शिक्षा क्षेत्र में तेजी से पहचान बनाने वाली कंपनी फिजिक्सवाला ने तीन दिन पहले शेयर बाजार में शानदार लिस्टिंग के साथ अपने निवेशकों को उम्मीदों की नई उड़ान दी थी, लेकिन शुरुआती उत्साह अब लगातार कम होता जा रहा है। अपने पहले कारोबारी दिन इश्यू प्राइस से कहीं ऊपर बंद होने के बाद अब इस शेयर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। निवेशक जहां लिस्टिंग के दिन प्रीमियम देखकर उत्साहित थे वहीं अब मुनाफावसूली के दौर ने शेयर को नीचे धकेल दिया है। शुक्रवार के सत्र में