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सोने की कीमतों में जोरदार उछाल, ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद से पार कर सकता है 1.31 लाख का स्तर

MCX Gold Silver Prices: सोने-चांदी की कीमतों में भारी तेजी, जानें आज के ताजा भाव
MCX Gold Silver Prices: सोने-चांदी की कीमतों में भारी तेजी, जानें आज के ताजा भाव (File Photo)

MCX पर सोने की कीमतें 1 दिसंबर को 0.71 प्रतिशत बढ़कर 1,30,425 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गईं, जबकि चांदी 1.9 प्रतिशत चढ़कर 1,78,289 रुपये पर कारोबार कर रही है। यह तेजी अमेरिकी फेड और आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों से आई है। भू-राजनीतिक तनाव और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से सोने में साल भर तेजी रही। घरेलू स्पॉट सोने में 66 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई। विशेषज्ञों ने 1,31,200 रुपये तक का लक्ष्य बताया है।

Updated:

सोमवार के कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के फरवरी वायदा में तकरीबन 0.71 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई और भाव 1,30,425 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गए। इस तेजी के साथ निवेशकों में उत्साह बढ़ गया है। वहीं, चांदी के मार्च वायदा में भी शानदार तेजी देखी गई और 1.9 प्रतिशत की बढ़त के साथ भाव 1,78,289 रुपये पर कारोबार कर रहे थे।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह उछाल अचानक नहीं आया है। इसके पीछे मुख्य कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा इसी महीने ब्याज दरों में कटौती की बढ़ती उम्मीदें हैं। जब ब्याज दरें कम होती हैं, तो सोने जैसी कीमती धातुओं में निवेश अधिक आकर्षक हो जाता है क्योंकि इनसे कोई ब्याज नहीं मिलता लेकिन मूल्य में बढ़ोतरी की संभावना रहती है।

केंद्रीय बैंकों के फैसलों का इंतजार

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की अहम बैठक 3 से 5 दिसंबर के बीच होने वाली है। इस तीन दिवसीय बैठक में बेंचमार्क ब्याज दरों और आगे की नीति पर महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे। फिलहाल भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति काफी संतुलित दिख रही है। एक तरफ मुद्रास्फीति रिकॉर्ड निचले स्तर पर है, वहीं दूसरी तरफ आर्थिक विकास दर भी मजबूत बनी हुई है।

इसी तरह अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की बैठक 9-10 दिसंबर को होगी। इस बैठक में अमेरिकी ब्याज दरों पर निर्णय लिया जाएगा। दुनियाभर के बाजार इन दोनों केंद्रीय बैंकों के फैसलों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं क्योंकि इनका सीधा असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ता है।

अमेरिका में दर कटौती की प्रबल संभावना

बाजार के जानकार मान रहे हैं कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस महीने ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। सीएमई के फेडवॉच टूल के आंकड़ों के अनुसार, व्यापारी अगले हफ्ते फेड की दर कटौती की 87 प्रतिशत संभावना जता रहे हैं। यह एक बहुत मजबूत संकेत है जो सोने की कीमतों को और ऊपर ले जा सकता है।

हालांकि, भारत की स्थिति थोड़ी अलग है। यहां विकास और मुद्रास्फीति का संतुलन बेहतर है। भारत की दूसरी तिमाही की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) विकास दर 8.2 प्रतिशत के शानदार स्तर पर पहुंच गई है। साथ ही अक्टूबर महीने में खुदरा मुद्रास्फीति घटकर 0.25 प्रतिशत के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई है। इसे देखते हुए आरबीआई ब्याज दरों में फिलहाल कोई बदलाव न करने का फैसला कर सकता है।

सोने में पूरे साल रही तेजी

इस साल सोने के निवेशकों के लिए बेहद शानदार रहा है। कई कारणों ने मिलकर सोने की कीमतों को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचाया है। इनमें दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी टैरिफ नीतियों के आर्थिक असर की चिंताएं, विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा जोरदार खरीदारी और मजबूत खुदरा मांग शामिल हैं।

घरेलू स्पॉट बाजार में सोने के भाव में इस साल अब तक 66 प्रतिशत की शानदार बढ़त दर्ज हुई है। यह किसी भी निवेश के लिहाज से बेहद अच्छा रिटर्न माना जाता है।

रिलायंस सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक जिगर त्रिवेदी ने बताया कि सोने ने इस साल लगभग हर महीने लाभ दर्ज किया है। यह 1979 के बाद से सोने का सबसे अच्छा वार्षिक प्रदर्शन होने जा रहा है। यह जानकारी निवेशकों के लिए बेहद उत्साहवर्धक है।

विशेषज्ञों की राय और अहम स्तर

बाजार विशेषज्ञों ने निवेशकों को सोने-चांदी के महत्वपूर्ण समर्थन और प्रतिरोध स्तरों की जानकारी दी है। पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने को 4,234 डॉलर और 4,200 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के स्तर पर समर्थन मिल रहा है। वहीं, प्रतिरोध 4,300 डॉलर और 4,340 डॉलर के स्तर पर है।

चांदी के लिए समर्थन 55.50 डॉलर और 54.70 डॉलर पर है, जबकि प्रतिरोध 57.40 डॉलर और 58 डॉलर के स्तर पर देखा जा रहा है।

घरेलू बाजार यानी MCX पर सोने को 1,28,200 रुपये और 1,27,700 रुपये के स्तर पर समर्थन मिल रहा है। प्रतिरोध 1,30,300 रुपये और 1,31,200 रुपये पर है। चांदी का समर्थन 1,72,500 रुपये और 1,69,600 रुपये पर है, जबकि प्रतिरोध 1,78,800 रुपये और 1,81,000 रुपये के स्तर पर है।

निवेशकों के लिए सुझाव

मनोज कुमार जैन ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे सोना 1,29,500 रुपये से 1,28,800 रुपये के बीच खरीद सकते हैं। स्टॉप लॉस 1,28,100 रुपये पर रखना चाहिए और लक्ष्य 1,30,300 रुपये और 1,31,200 रुपये रखे जा सकते हैं।

चांदी के लिए उन्होंने 1,74,000 रुपये से 1,71,000 रुपये के बीच खरीदारी का सुझाव दिया है। स्टॉप लॉस 1,69,600 रुपये पर रखें और लक्ष्य 1,78,800 रुपये और 1,81,000 रुपये रख सकते हैं।

मेहता इक्विटीज के वीपी (कमोडिटीज) राहुल कलंतरी ने भी अपने विश्लेषण में कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने को 4,165 डॉलर और 4,135 डॉलर पर समर्थन मिल रहा है। प्रतिरोध 4,245 डॉलर और 4,265 डॉलर पर है।

भारतीय रुपये में उनके अनुसार सोने का समर्थन 1,26,350 रुपये और 1,25,550 रुपये पर है। प्रतिरोध 1,27,650 रुपये और 1,28,100 रुपये पर देखा जा रहा है। चांदी का समर्थन 1,70,250 रुपये और 1,69,200 रुपये पर है, जबकि प्रतिरोध 1,73,110 रुपये और 1,74,300 रुपये पर है।

आगे क्या होगा

अब सभी की नजरें आने वाले हफ्तों में होने वाली केंद्रीय बैंकों की बैठकों पर टिकी हैं। अगर अमेरिकी फेड ब्याज दरों में कटौती करता है, तो सोने की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सोना 1,31,000 रुपये का स्तर पार कर सकता है।

हालांकि, निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने निवेश के फैसले सोच-समझकर लें और जोखिम प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें। स्टॉप लॉस जरूर लगाएं और अपनी वित्तीय क्षमता के अनुसार ही निवेश करें।

वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोना एक सुरक्षित निवेश माना जाता है। इसलिए आने वाले समय में भी इसकी मांग बनी रह सकती है।


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Asfi Shadab

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