LPG New Rules: 1 जून से एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं। सरकार और तेल विपणन कंपनियां (OMCs) घरेलू गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग, जमाखोरी और आपूर्ति संबंधी समस्याओं को रोकने के लिए नए नियम लागू करने की तैयारी में हैं। इन नियमों का सबसे बड़ा असर उन परिवारों पर पड़ सकता है, जिनके पास एक ही पते पर एलपीजी और पीएनजी दोनों कनेक्शन मौजूद हैं।
दरअसल, पिछले कुछ वर्षों में देशभर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है। मार्च 2026 तक लाखों नए पीएनजी कनेक्शन दिए गए, लेकिन इसके बावजूद एलपीजी सिलेंडरों की मांग में अपेक्षित कमी नहीं आई। सरकार का मानना है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने पीएनजी कनेक्शन तो ले लिया, लेकिन एलपीजी कनेक्शन सरेंडर नहीं किया। इससे गैस वितरण व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।
“एक परिवार, एक गैस कनेक्शन” नियम
इसी स्थिति को देखते हुए “एक परिवार, एक गैस कनेक्शन” नियम को सख्ती से लागू करने की तैयारी की जा रही है। नए प्रावधानों के तहत जिन इलाकों में पीएनजी की सुविधा उपलब्ध है और उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन ले चुके हैं, उन्हें निर्धारित समय के भीतर अपना एलपीजी कनेक्शन बंद या सरेंडर करना पड़ सकता है। ऐसा नहीं करने पर एलपीजी आपूर्ति रोकने या कनेक्शन निष्क्रिय करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
डबल कनेक्शन वाले घरों की पहचान शुरू
तेल कंपनियों ने ऐसे घरों की पहचान शुरू कर दी है जहां एक ही पते पर दोनों तरह के कनेक्शन सक्रिय हैं। इसके लिए सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों और तेल कंपनियों के डिजिटल डेटाबेस को आपस में जोड़ा गया है, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
हालांकि उपभोक्ताओं को राहत देते हुए सरकार ने एलपीजी कनेक्शन को स्थायी रूप से समाप्त करने के बजाय उसे ट्रांसफर या भविष्य के लिए सुरक्षित रखने का विकल्प भी दिया है। यदि कोई उपभोक्ता ऐसे क्षेत्र में चला जाता है जहां पीएनजी सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो वह बाद में अपना एलपीजी कनेक्शन दोबारा सक्रिय करा सकेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिनों बाद बुकिंग
इसके अलावा एलपीजी रिफिल बुकिंग से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है। शहरी क्षेत्रों में सिलेंडर रिफिल की लॉक-इन अवधि 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह अवधि 45 दिन तक हो सकती है। वहीं, सब्सिडी नियमों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है और उपभोक्ताओं को पहले की तरह साल में 12 रियायती सिलेंडर मिलते रहेंगे।
सरकार का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य गैस आपूर्ति को अधिक पारदर्शी बनाना, दुरुपयोग रोकना और जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक समय पर एलपीजी उपलब्ध कराना है। ऐसे में उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे अपने गैस कनेक्शन से जुड़े दस्तावेज और जानकारी समय रहते अपडेट कर लें।