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Maharashtra News: दोबारा बुवाई करने वाले किसानों को डीपीडीसी निधि से मिलेगा मुफ्त बीज

Maharashtra News: दोबारा बुवाई करने वाले किसानों को डीपीडीसी निधि से मिलेगा मुफ्त बीज
Maharashtra farmers free seeds DPDC: दोबारा बुवाई करने वाले किसानों को डीपीडीसी निधि से मिलेगा मुफ्त बीज (Image: AI)

Maharashtra farmers free seeds DPDC: महाराष्ट्र सरकार ने फैसला किया है कि नकली बीज या प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को दोबारा बुवाई के लिए डीपीडीसी निधि से मुफ्त बीज दिए जाएंगे। सरकार खेती के रास्तों के लिए डिजिटल डैशबोर्ड भी बनाएगी। इसके अलावा पालघर के दापचारी में अंतरराष्ट्रीय स्तर की कृषि मंडी विकसित करने और वनाधिकार पट्टों की समीक्षा करने का भी निर्णय लिया गया है।

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Asfi Shadab
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खेती को राहत देने के लिए सरकार के नए फैसले

Maharashtra farmers free seeds DPDC: मुंबई, 14 जुलाई। महाराष्ट्र सरकार ने उन किसानों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है, जिनकी फसल नकली बीजों या प्राकृतिक आपदा के कारण बर्बाद हो जाती है। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने बताया कि ऐसे किसानों को दोबारा बुवाई के लिए अपने खर्च पर बीज नहीं खरीदने पड़ेंगे। उन्हें जिला नियोजन एवं विकास समिति (डीपीडीसी) की निधि से नि:शुल्क बीज दिए जाएंगे। मंत्री बावनकुळे ने बताया कि यह निर्णय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में लिया गया है।

उन्होंने बताया कि अमरावती, अकोला और नागपुर सहित कई जिलों से नकली बीजों के कारण सोयाबीन और कपास की फसल न उगने की शिकायतें आई हैं। संबंधित जिलों के पालक मंत्री डीपीडीसी निधि से बीज उपलब्ध कराने की व्यवस्था करेंगे।

राज्य सरकार खेतों तक जाने वाले रास्तों के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म और डैशबोर्ड भी तैयार कर रही है, जिससे रास्तों का सर्वेक्षण, क्रमांकन, मार्ग खोलना और किसानों की शिकायतों की ऑनलाइन निगरानी होगी। यह व्यवस्था जल्द पूरे महाराष्ट्र में लागू होगी।

दोबारा बुवाई करने वाले किसानों को मुफ्त बीज मिलेगा

मंत्रिमंडल ने पालघर जिले के दापचारी में अंतरराष्ट्रीय स्तर की कृषि उपज बाजार समिति बनाने का भी निर्णय लिया है, जिससे किसानों को राष्ट्रीय-वैश्विक बाजार और बेहतर मूल्य मिलेगा।

इसके अलावा आदिवासी क्षेत्रों में लंबित वनाधिकार पट्टों की पुनः समीक्षा, पंढरपुर वारी हादसे के पीड़ितों को सहायता, और इगतपुरी व उल्हासनगर के मामलों में दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।

अब देखना यह होगा कि प्रभावित जिलों में डीपीडीसी निधि से बीज वितरण कितनी जल्दी शुरू होता है।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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