नागपुर में याराना होटल, द हट और इंडियन तंदूर का फूड लाइसेंस रद्द, शिकायत के बाद बड़ी कार्रवाई

Nagpur FDA cancels food license illegal hotels: नागपुर में अन्याय निवारण मंच की शिकायत के बाद एफडीए ने जांच कर हजारीपहाड़ के याराना होटल, फेटरी के द हट और फ्रेंड्स कॉलोनी के इंडियन तंदूर का फूड लाइसेंस रद्द कर दिया। मंच ने कार्रवाई का स्वागत किया और आरोप लगाया कि संबंधित प्रतिष्ठान नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। अभियान आगे भी जारी रखने की बात कही गई।
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एफडीए की जांच में सामने आए नियमों के उल्लंघन पर हुई कार्रवाई
Nagpur FDA cancels food license illegal hotels: नागपुर, 13 जुलाई: भूमाफियाओं के खिलाफ संघर्ष कर रहे अन्याय निवारण मंच को बड़ी सफलता मिली है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने हजारीपहाड़ स्थित याराना होटल, फेटरी स्थित द हट और फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित इंडियन तंदूर के खाद्य लाइसेंस रद्द कर दिए हैं।
मंच की अध्यक्षा ज्वाला जांबुवंतराव धोटे ने सामाजिक कार्यकर्ता राम सोलंके, मंगेश गायकवाड़ और महेश उईके के साथ मिलकर एफडीए में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप था कि ये प्रतिष्ठान खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 का उल्लंघन कर रहे हैं।
शिकायत पर संज्ञान लेते हुए एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच में गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर तीनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए।
तीन होटलों के लाइसेंस रद्द, मंच ने बताया बड़ी जीत
धोटे ने कहा कि यह निर्णय स्पष्ट संदेश देता है कि खाद्य सुरक्षा कानून तोड़ने वालों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। उन्होंने त्वरित कार्रवाई के लिए आयुक्त तुकाराम मुंढे का आभार जताया।
धोटे ने आरोप लगाया कि ये तीनों होटल एसटी वर्ग की और शासकीय भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए हैं। उनके अनुसार हरीश ग्वालबंशी, प्रेम ग्वालबंशी, शैलेश ग्वालबंशी और अन्य कथित भूमाफियाओं ने इन्हें बनवाकर किराए पर चलवाया। उन्होंने बताया कि इन प्रतिष्ठानों के पास भवन निर्माण की वैध अनुमति, फायर एनओसी और ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट भी नहीं था।
अन्याय निवारण मंच ने कहा कि भूमाफियाओं के खिलाफ अभियान आगे और तेज़ किया जाएगा। मंच नागरिकों की भूमि, सार्वजनिक संपत्ति और खाद्य सुरक्षा की रक्षा के लिए कानूनी रास्ते से संघर्ष जारी रखेगा।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

