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Nagpur News: शाही संदल जुलूस के दौरान यातायात समस्या और नागरिकों की परेशानी

Nagpur News: शाही संदल जुलूस के दौरान यातायात समस्या और नागरिकों की परेशानी
Nagpur Shahi Sandal procession traffic jam: शाही संदल जुलूस के दौरान यातायात समस्या और नागरिकों की परेशानी (Photo: RB / Jassi)

Nagpur Shahi Sandal procession traffic jam: नागपुर में हजरत बाबा ताजुद्दीन के वार्षिक उर्स के दौरान निकले शाही संदल जुलूस से शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। कई मार्गों पर लंबा जाम लगने से यात्रियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और मरीजों को परेशानी हुई। नागरिकों ने पुलिस प्रशासन से भविष्य में बेहतर ट्रैफिक योजना, वैकल्पिक मार्ग और आपातकालीन सेवाओं के लिए विशेष व्यवस्था की मांग की।

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Asfi Shadab
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शाही संदल जुलूस के दौरान यातायात व्यवस्था पर उठे सवाल

Nagpur Shahi Sandal procession traffic jam: नागपुर में हजरत बाबा ताजुद्दीन के 104वें वार्षिक उर्स पर निकले शाही संदल जुलूस के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई। पुलिस प्रशासन की अपर्याप्त योजना के चलते नागरिकों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी।

शहर के प्रमुख मार्गों पर जुलूस निकलने से कई जगह लंबा ट्रैफिक जाम लगा। हजारों वाहन घंटों एक ही स्थान पर फंसे रहे। इस कारण कई यात्रियों की बस, ट्रेन और विमान छूट गईं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक तनाव भी हुआ। दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, विद्यार्थी और जरूरी काम से निकले लोग भी लंबे समय तक जाम में फंसे रहे।

स्थिति तब और गंभीर हो गई जब कई एम्बुलेंस भी जाम में अटक गईं। गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में देरी हुई, जिससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी गई। कई नागरिकों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों से मदद मांगने पर अपेक्षित सहयोग नहीं मिला, और कुछ स्थानों पर व्यवहार भी असंतोषजनक रहा।

Nagpur Shahi Sandal procession traffic jam: शाही संदल जुलूस के दौरान यातायात समस्या और नागरिकों की परेशानी
Nagpur Shahi Sandal procession traffic jam: शाही संदल जुलूस के दौरान यातायात समस्या और नागरिकों की परेशानी (Photo: RB / Jassi)

जाम में फंसे यात्री और मरीज, प्रशासन से बेहतर योजना की मांग

नागरिकों का कहना है कि धार्मिक आयोजनों का सम्मान होना चाहिए, लेकिन आम जनता की सुविधा और सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाना जरूरी है। उनका आरोप है कि प्रशासन ने वैकल्पिक मार्गों की जानकारी पहले से नहीं दी और प्रमुख स्थानों पर सूचना बोर्ड भी नहीं लगाए गए।

नागरिकों की मांग है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान ट्रैफिक पुलिस पहले से विस्तृत योजना बनाए, वैकल्पिक मार्गों की जानकारी सार्वजनिक करे, आपातकालीन सेवाओं के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाए और नागरिकों के साथ संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करे।

आने वाले समय में बेहतर समन्वय और प्रभावी प्रबंधन ही ऐसी समस्याओं का समाधान हो सकता है।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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