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Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रा 2026 शुरू होने के महज पांच दिन बाद ही पवित्र गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाला बर्फ का शिवलिंग लगभग पूरी तरह पिघल गया है। लेकिन, इसका श्रद्धालुओं की आस्था पर कोई असर नहीं पड़ा है। बड़ी संख्या में भक्त अब भी बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए लगातार अमरनाथ पहुंच रहे हैं। पांच दिन में ही लगभग पिघल गया शिवलिंग 3 जुलाई से शुरू हुई 57 दिनों की अमरनाथ यात्रा के शुरुआती सप्ताह में ही बाबा बर्फानी का प्राकृतिक हिम शिवलिंग लगभग पूरी तरह अंतर्ध्यान हो गया। 23 मई को जारी तस्वीरों में

Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रा 2026 शुरू होने के महज पांच दिन बाद ही पवित्र गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाला बर्फ का शिवलिंग लगभग पूरी तरह पिघल गया है। लेकिन, इसका श्रद्धालुओं की आस्था पर कोई असर नहीं पड़ा है। बड़ी संख्या में भक्त अब भी बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए लगातार अमरनाथ पहुंच रहे हैं। पांच दिन में ही लगभग पिघल गया शिवलिंग 3 जुलाई से शुरू हुई 57 दिनों की अमरनाथ यात्रा के शुरुआती सप्ताह में ही बाबा बर्फानी का प्राकृतिक हिम शिवलिंग लगभग पूरी तरह अंतर्ध्यान हो गया। 23 मई को जारी तस्वीरों में

Sawan 2026: सनातन धर्म में सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस पूरे महीने शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है और हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते हैं। अगर आप भी सावन का इंतजार कर रहे हैं, तो जानिए इस बार सावन कब से शुरू होगा, कितने सोमवार पड़ेंगे और पूजा का सही तरीका क्या है। कब से शुरू होगा सावन 2026? द्रिक पंचांग के अनुसार, गुरु पूर्णिमा के अगले दिन से श्रावण मास की शुरुआत होती है। साल 2026 में सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई (गुरुवार) से शुरू

Sawan 2026: सनातन धर्म में सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस पूरे महीने शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है और हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते हैं। अगर आप भी सावन का इंतजार कर रहे हैं, तो जानिए इस बार सावन कब से शुरू होगा, कितने सोमवार पड़ेंगे और पूजा का सही तरीका क्या है। कब से शुरू होगा सावन 2026? द्रिक पंचांग के अनुसार, गुरु पूर्णिमा के अगले दिन से श्रावण मास की शुरुआत होती है। साल 2026 में सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई (गुरुवार) से शुरू

उर्स के दौरान होंगे कई धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम Baba Tajuddin 104th Urs Nagpur: नागपुर: सूफी संत हज़रत बाबा सैय्यद मोहम्मद ताजुद्दीन रहमतुल्लाह अलैह का 104वां सालाना उर्स शरीफ 8 से 19 जुलाई 2026 तक ताजबाग शरीफ में मनाया जाएगा. उर्स के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में जायरीन ताजबाग पहुंचकर बाबा ताजुद्दीन की मजार शरीफ की जियारत करेंगे. उर्स का शुभारंभ 8 जुलाई को सुबह 9 बजे परचम कुशाई रस्म से होगा. दरगाह के सज्जादानशीन सय्यद युसूफ इक़बाल ताज़ी की सरपरस्ती और अमीरे शरीयत मुफ़्ती अब्दुल कदीर खान की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम होगा. श्रीमंत पंचम राजे रघुजी भोसले

उर्स के दौरान होंगे कई धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम Baba Tajuddin 104th Urs Nagpur: नागपुर: सूफी संत हज़रत बाबा सैय्यद मोहम्मद ताजुद्दीन रहमतुल्लाह अलैह का 104वां सालाना उर्स शरीफ 8 से 19 जुलाई 2026 तक ताजबाग शरीफ में मनाया जाएगा. उर्स के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में जायरीन ताजबाग पहुंचकर बाबा ताजुद्दीन की मजार शरीफ की जियारत करेंगे. उर्स का शुभारंभ 8 जुलाई को सुबह 9 बजे परचम कुशाई रस्म से होगा. दरगाह के सज्जादानशीन सय्यद युसूफ इक़बाल ताज़ी की सरपरस्ती और अमीरे शरीयत मुफ़्ती अब्दुल कदीर खान की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम होगा. श्रीमंत पंचम राजे रघुजी भोसले

समग्र विकास योजना से बदलेगा मंदिर क्षेत्र Aundha Nagnath Temple Development Plan: हिंगोली। महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में स्थित आठवें ज्योतिर्लिंग दारुकावन श्रीक्षेत्र औंढा नागनाथ मंदिर के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार ने 182.83 करोड़ रुपये की विकास योजना तैयार की है। साथ ही इस तीर्थ क्षेत्र को ‘ए’ श्रेणी के धार्मिक स्थल का दर्जा दिलाने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। शुक्रवार को हिंगोली में आयोजित समीक्षा बैठक में यह जानकारी सामने आई। बैठक की अध्यक्षता राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री तथा जिले के पालक मंत्री नरहरी जिरवाल ने की। उन्होंने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों और

समग्र विकास योजना से बदलेगा मंदिर क्षेत्र Aundha Nagnath Temple Development Plan: हिंगोली। महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में स्थित आठवें ज्योतिर्लिंग दारुकावन श्रीक्षेत्र औंढा नागनाथ मंदिर के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार ने 182.83 करोड़ रुपये की विकास योजना तैयार की है। साथ ही इस तीर्थ क्षेत्र को ‘ए’ श्रेणी के धार्मिक स्थल का दर्जा दिलाने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। शुक्रवार को हिंगोली में आयोजित समीक्षा बैठक में यह जानकारी सामने आई। बैठक की अध्यक्षता राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री तथा जिले के पालक मंत्री नरहरी जिरवाल ने की। उन्होंने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों और

श्री महेश नवमी सप्ताह का शुभारंभ भक्ति के माहौल में Mahesh Navami Week Bhajan Sandhya Nagpur: नागपुर। गांधी बाग स्थित श्री महेश भवन में नगर माहेश्वरी सभा और श्री बीकानेरी माहेश्वरी पंचायत के संयुक्त तत्वाधान में श्री महेश नवमी पर्व सप्ताह की शुरुआत भजन संध्या से हुई। प्रख्यात गायिका निहारिका पुरोहित और पौर्णिमा ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति से श्रोताओं का मन मोह लिया। माहेश्वरी समाज का जातीय उत्पत्ति पर्व उल्लेखनीय है कि श्री महेश नवमी के दिन ही माहेश्वरी समाज की उत्पत्ति हुई थी, इसीलिए इसे जातीय उत्पत्ति पर्व भी कहा जाता है। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, भगवान महेश

श्री महेश नवमी सप्ताह का शुभारंभ भक्ति के माहौल में Mahesh Navami Week Bhajan Sandhya Nagpur: नागपुर। गांधी बाग स्थित श्री महेश भवन में नगर माहेश्वरी सभा और श्री बीकानेरी माहेश्वरी पंचायत के संयुक्त तत्वाधान में श्री महेश नवमी पर्व सप्ताह की शुरुआत भजन संध्या से हुई। प्रख्यात गायिका निहारिका पुरोहित और पौर्णिमा ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति से श्रोताओं का मन मोह लिया। माहेश्वरी समाज का जातीय उत्पत्ति पर्व उल्लेखनीय है कि श्री महेश नवमी के दिन ही माहेश्वरी समाज की उत्पत्ति हुई थी, इसीलिए इसे जातीय उत्पत्ति पर्व भी कहा जाता है। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, भगवान महेश

56वें वर्ष की दुर्गा पूजा की तैयारियों का हुआ शुभारंभ SB Park Thakurpukur Durga Puja 56th Year: कोलकाता के ठाकुरपुकुर में एसबी पार्क दुर्गोत्सव समिति ने रविवार को खुंटी पूजा के साथ अपने 56वें वर्ष के दुर्गापूजा उत्सव का आधिकारिक आगाज किया। ढाक की थाप, शंखध्वनि और मंत्रोच्चारण के बीच यह शुभारंभ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में टुटू बोस, देबाशीष दत्त और शंकर शिकदार विशेष रूप से उपस्थित रहे। सुबह से ही पंडाल परिसर में स्थानीय निवासियों और पूजाप्रेमियों की भीड़ जमा होने लगी थी। इस दौरान पंडाल परिसर में झालमुड़ी, बेगुनी, चप, तेलेभाजा और गर्म जिलेबी का भी आयोजन था,

56वें वर्ष की दुर्गा पूजा की तैयारियों का हुआ शुभारंभ SB Park Thakurpukur Durga Puja 56th Year: कोलकाता के ठाकुरपुकुर में एसबी पार्क दुर्गोत्सव समिति ने रविवार को खुंटी पूजा के साथ अपने 56वें वर्ष के दुर्गापूजा उत्सव का आधिकारिक आगाज किया। ढाक की थाप, शंखध्वनि और मंत्रोच्चारण के बीच यह शुभारंभ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में टुटू बोस, देबाशीष दत्त और शंकर शिकदार विशेष रूप से उपस्थित रहे। सुबह से ही पंडाल परिसर में स्थानीय निवासियों और पूजाप्रेमियों की भीड़ जमा होने लगी थी। इस दौरान पंडाल परिसर में झालमुड़ी, बेगुनी, चप, तेलेभाजा और गर्म जिलेबी का भी आयोजन था,

हज यात्रा से लौटे यात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत Haj Yatri First Batch Return Nagpur: नागपुर। डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय विमानतल पर मंगलवार को हाजियों के पहले जत्थे की वापसी हुई। तीन अलग-अलग फ्लाइट से तकरीबन 430 हज यात्री अपने वतन पहुंचे। नागपुर इम्बार्केशन प्वाइंट की सहायक व्यवस्था संभाल रही शबनम बहुउद्देशीय संस्था के सचिव शाहिद रंगूनवाला ने बताया कि इन यात्रियों में विदर्भ के अलग-अलग जिलों के अलावा मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के हाजी भी शामिल रहे। विमानतल पर हाजियों का भावभीना स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में परिजन उन्हें लेने पहुंचे थे। पुलिस द्वारा कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए

हज यात्रा से लौटे यात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत Haj Yatri First Batch Return Nagpur: नागपुर। डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय विमानतल पर मंगलवार को हाजियों के पहले जत्थे की वापसी हुई। तीन अलग-अलग फ्लाइट से तकरीबन 430 हज यात्री अपने वतन पहुंचे। नागपुर इम्बार्केशन प्वाइंट की सहायक व्यवस्था संभाल रही शबनम बहुउद्देशीय संस्था के सचिव शाहिद रंगूनवाला ने बताया कि इन यात्रियों में विदर्भ के अलग-अलग जिलों के अलावा मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के हाजी भी शामिल रहे। विमानतल पर हाजियों का भावभीना स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में परिजन उन्हें लेने पहुंचे थे। पुलिस द्वारा कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए

अधिकमास और महेश नवमी पर हुआ गौ सेवा का विशेष आयोजन Nagpur Mahesh Navami Chhappan Bhog cows: नागपुर। लक्ष्मी अनुबंध माहेश्वरी महिला संगठन नागपुर द्वारा अधिकमास और महेश नवमी पर्व के अवसर पर 8 जून 2026 को खापरी स्थित भारतीय उत्कर्ष मंडल संस्था की गौशाला में करीब 200 गायों के लिए छप्पन भोग एवं गौ पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगर माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष श्री सुरेश जी गांधी, सचिव आनंद जी राठी, प्रचार मंत्री सतीश जी लखोटिया, जोन 6 के अध्यक्ष संतोष जी राठी तथा महेश नवमी पर्व के जिला संयोजक प्रशांत जी मूंदड़ा की विशेष

अधिकमास और महेश नवमी पर हुआ गौ सेवा का विशेष आयोजन Nagpur Mahesh Navami Chhappan Bhog cows: नागपुर। लक्ष्मी अनुबंध माहेश्वरी महिला संगठन नागपुर द्वारा अधिकमास और महेश नवमी पर्व के अवसर पर 8 जून 2026 को खापरी स्थित भारतीय उत्कर्ष मंडल संस्था की गौशाला में करीब 200 गायों के लिए छप्पन भोग एवं गौ पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगर माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष श्री सुरेश जी गांधी, सचिव आनंद जी राठी, प्रचार मंत्री सतीश जी लखोटिया, जोन 6 के अध्यक्ष संतोष जी राठी तथा महेश नवमी पर्व के जिला संयोजक प्रशांत जी मूंदड़ा की विशेष

गोरक्षण सभा की नई टीम ने संभाली जिम्मेदारी Gorakshan Sabha Nagpur election Sarang Gadkari president: नागपुर, 3 जून 2026। नागपुर की ऐतिहासिक संस्था गोरक्षण सभा की पंचवर्षीय चुनाव प्रक्रिया हाल ही में संपन्न हुई। सभी पदाधिकारी एवं सदस्य निर्विरोध निर्वाचित हुए। नई कार्यकारिणी इस प्रकार है प्रसिद्ध उद्योगपति सारंग गडकरी को अध्यक्ष, प्रकाश दीक्षित को उपाध्यक्ष, प्रसन्न पातूरकर को सचिव, पुष्कर बुटी को सह-सचिव, हर्षल आर्विकर को कोषाध्यक्ष तथा आशुतोष गोटे को कार्यालय मंत्री पद पर चुना गया। सदस्य के रूप में सीए शिरीष भगत, दिलीप मसे, निरंजन रिसालदार, राम मुंजे और ममता चिंचवडकर निर्वाचित हुए। चुनाव प्रक्रिया का संचालन

गोरक्षण सभा की नई टीम ने संभाली जिम्मेदारी Gorakshan Sabha Nagpur election Sarang Gadkari president: नागपुर, 3 जून 2026। नागपुर की ऐतिहासिक संस्था गोरक्षण सभा की पंचवर्षीय चुनाव प्रक्रिया हाल ही में संपन्न हुई। सभी पदाधिकारी एवं सदस्य निर्विरोध निर्वाचित हुए। नई कार्यकारिणी इस प्रकार है प्रसिद्ध उद्योगपति सारंग गडकरी को अध्यक्ष, प्रकाश दीक्षित को उपाध्यक्ष, प्रसन्न पातूरकर को सचिव, पुष्कर बुटी को सह-सचिव, हर्षल आर्विकर को कोषाध्यक्ष तथा आशुतोष गोटे को कार्यालय मंत्री पद पर चुना गया। सदस्य के रूप में सीए शिरीष भगत, दिलीप मसे, निरंजन रिसालदार, राम मुंजे और ममता चिंचवडकर निर्वाचित हुए। चुनाव प्रक्रिया का संचालन

Gujarat Wildlife : गुजरात के गिर में शेर शावकों की रहस्यमयी मौतों ने चिंता बढ़ा दी है। शुरुआती जांच में बेबेसिया संक्रमण का शक जताया गया है, लेकिन असली कारण अभी लैब रिपोर्ट के बाद सामने आएगा। सरकार और वन विभाग अलर्ट मोड में हैं, जबकि विशेषज्ञ इसे संभावित बड़े खतरे का संकेत मान रहे हैं।

Gujarat Wildlife : गुजरात के गिर में शेर शावकों की रहस्यमयी मौतों ने चिंता बढ़ा दी है। शुरुआती जांच में बेबेसिया संक्रमण का शक जताया गया है, लेकिन असली कारण अभी लैब रिपोर्ट के बाद सामने आएगा। सरकार और वन विभाग अलर्ट मोड में हैं, जबकि विशेषज्ञ इसे संभावित बड़े खतरे का संकेत मान रहे हैं।

Siddhivinayak Temple : मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में कॉरिडोर परियोजना के पहले चरण की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत मंदिर परिसर को आधुनिक बनाया जाएगा, भीड़ प्रबंधन को बेहतर किया जाएगा और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे मंदिर को एक नया और भव्य स्वरूप मिलेगा।

Siddhivinayak Temple : मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में कॉरिडोर परियोजना के पहले चरण की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत मंदिर परिसर को आधुनिक बनाया जाएगा, भीड़ प्रबंधन को बेहतर किया जाएगा और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे मंदिर को एक नया और भव्य स्वरूप मिलेगा।

Nautapa 2026: हर साल गर्मियों में आने वाला नौतपा सिर्फ तेज गर्मी का दौर नहीं माना जाता, बल्कि हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में इसका विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इन नौ दिनों में सूर्य देव अपनी सबसे प्रचंड ऊर्जा के साथ पृथ्वी पर प्रभाव डालते हैं। यही वजह है कि नौतपा के दौरान मौसम अचानक बेहद गर्म हो जाता है और तापमान तेजी से बढ़ने लगता है। ज्योतिष के अनुसार इस समय सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, जिसके कारण धरती पर गर्मी अपने चरम पर पहुंच जाती है। कल से शुरू हो रहा नौतपा

Nautapa 2026: हर साल गर्मियों में आने वाला नौतपा सिर्फ तेज गर्मी का दौर नहीं माना जाता, बल्कि हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में इसका विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इन नौ दिनों में सूर्य देव अपनी सबसे प्रचंड ऊर्जा के साथ पृथ्वी पर प्रभाव डालते हैं। यही वजह है कि नौतपा के दौरान मौसम अचानक बेहद गर्म हो जाता है और तापमान तेजी से बढ़ने लगता है। ज्योतिष के अनुसार इस समय सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, जिसके कारण धरती पर गर्मी अपने चरम पर पहुंच जाती है। कल से शुरू हो रहा नौतपा

Nautapa 2026: मई की तपती दोपहर, गर्म हवा और सिर पर आग उगलता सूरज, अब लोगों को ऐसी ही गर्मी के लिए तैयार रहना होगा। दरअसल कुछ ही दिनों में नौतपा शुरू होने जा रहा है, जिसे हर साल गर्मी का सबसे कठिन और सबसे तपता दौर माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र से लेकर मौसम विज्ञान तक, दोनों ही इस समय को बेहद खास मानते हैं। 25 मई से शुरू हो रहा नौतपा साल 2026 में नौतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक रहेगा। मान्यता है कि जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तभी नौतपा की

Nautapa 2026: मई की तपती दोपहर, गर्म हवा और सिर पर आग उगलता सूरज, अब लोगों को ऐसी ही गर्मी के लिए तैयार रहना होगा। दरअसल कुछ ही दिनों में नौतपा शुरू होने जा रहा है, जिसे हर साल गर्मी का सबसे कठिन और सबसे तपता दौर माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र से लेकर मौसम विज्ञान तक, दोनों ही इस समय को बेहद खास मानते हैं। 25 मई से शुरू हो रहा नौतपा साल 2026 में नौतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक रहेगा। मान्यता है कि जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तभी नौतपा की

जामसांवली धाम में श्रद्धालुओं को मिली नई सुविधा Jamsawali Dham E rickshaw service launched: जामसांवली (मध्यप्रदेश/महाराष्ट्र)। मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र सहित देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र — चमत्कारिक श्री हनुमान मंदिर संस्थान, हनुमान लोक जामसांवली धाम में बुधवार को चार नई ई-रिक्शा सेवाओं का विधिवत शुभारंभ किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ इन वाहनों का लोकार्पण किया गया। यह सेवा विशेष रूप से उन बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए शुरू की गई है, जिन्हें मुख्य पार्किंग स्थल से मंदिर तक पहुँचने में कठिनाई होती थी। 800 मीटर पैदल चलने से मिलेगी राहत अब

जामसांवली धाम में श्रद्धालुओं को मिली नई सुविधा Jamsawali Dham E rickshaw service launched: जामसांवली (मध्यप्रदेश/महाराष्ट्र)। मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र सहित देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र — चमत्कारिक श्री हनुमान मंदिर संस्थान, हनुमान लोक जामसांवली धाम में बुधवार को चार नई ई-रिक्शा सेवाओं का विधिवत शुभारंभ किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ इन वाहनों का लोकार्पण किया गया। यह सेवा विशेष रूप से उन बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए शुरू की गई है, जिन्हें मुख्य पार्किंग स्थल से मंदिर तक पहुँचने में कठिनाई होती थी। 800 मीटर पैदल चलने से मिलेगी राहत अब

कोराडी में बढ़ेगा धार्मिक पर्यटन का दायरा Koradi Hanuman statue inauguration Nagpur: नागपुर। मध्य भारत के प्रमुख आस्था केंद्रों में से एक, कोराडी स्थित श्री महालक्ष्मी जगदंबा संस्थान परिसर में 162 फीट ऊंची भव्य हनुमान प्रतिमा का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। आगामी जून माह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में इस प्रतिमा का विधिवत लोकार्पण किया जाएगा। यह जानकारी महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने दी। प्रतिमा की विशेषताएं फाउंडेशन सहित इस प्रतिमा की कुल ऊंचाई 206 फीट है, जबकि मूल प्रतिमा 162 फीट ऊंची है। इसके साथ 74 फीट लंबी गदा भी स्थापित

कोराडी में बढ़ेगा धार्मिक पर्यटन का दायरा Koradi Hanuman statue inauguration Nagpur: नागपुर। मध्य भारत के प्रमुख आस्था केंद्रों में से एक, कोराडी स्थित श्री महालक्ष्मी जगदंबा संस्थान परिसर में 162 फीट ऊंची भव्य हनुमान प्रतिमा का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। आगामी जून माह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में इस प्रतिमा का विधिवत लोकार्पण किया जाएगा। यह जानकारी महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने दी। प्रतिमा की विशेषताएं फाउंडेशन सहित इस प्रतिमा की कुल ऊंचाई 206 फीट है, जबकि मूल प्रतिमा 162 फीट ऊंची है। इसके साथ 74 फीट लंबी गदा भी स्थापित

नागपुर में विरोध की तेज लहर Shiv Sena protest against Dhirendra Shastri Nagpur: नागपुर। छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में आपत्तिजनक बयान देने वाले बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के विरुद्ध शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने मंगलवार को नागपुर में कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। महाल स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर आयोजित इस प्रदर्शन का नेतृत्व महानगर प्रमुख किशोर कुमेरिया और शहर प्रमुख संदीप रियाल पटेल ने किया। इनके साथ हरिभाऊ बनाईत, महिला आघाड़ी की डॉ. मंजुषा बोधनकर, सुरेखाताई खोब्रागड़े तथा युवा सेना के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। सैकड़ों शिवसैनिक, पदाधिकारी और शिवप्रेमी बड़ी संख्या में इस आंदोलन में शामिल

नागपुर में विरोध की तेज लहर Shiv Sena protest against Dhirendra Shastri Nagpur: नागपुर। छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में आपत्तिजनक बयान देने वाले बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के विरुद्ध शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने मंगलवार को नागपुर में कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। महाल स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर आयोजित इस प्रदर्शन का नेतृत्व महानगर प्रमुख किशोर कुमेरिया और शहर प्रमुख संदीप रियाल पटेल ने किया। इनके साथ हरिभाऊ बनाईत, महिला आघाड़ी की डॉ. मंजुषा बोधनकर, सुरेखाताई खोब्रागड़े तथा युवा सेना के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। सैकड़ों शिवसैनिक, पदाधिकारी और शिवप्रेमी बड़ी संख्या में इस आंदोलन में शामिल

Parshuram Jayanti rally Nagpur Brahman Mahasangh | नागपुर: भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव के अवसर पर अखिल भारतीय ब्राह्मण महासंघ, नागपुर द्वारा आयोजित भव्य स्कूटर व कार रैली आज शहर में बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ संपन्न हुई। “जय परशुराम, जय भवानी” के जयघोष, शंखनाद और भगवा ध्वजों से पूरा मार्ग भक्तिभाव में सराबोर हो गया। सुबह धंतोली स्थित गोरक्षण मंदिर से प्रारंभ हुई इस रैली को नागपुर महानगरपालिका की स्थायी समिति की अध्यक्षा शिवानीताई दाणी वखरे तथा प्रसिद्ध शेफ विष्णु मनोहर ने भगवान परशुराम की प्रतिमा का पूजन कर हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर नगरसेवक विनयजी दाणी, सौ.

Parshuram Jayanti rally Nagpur Brahman Mahasangh | नागपुर: भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव के अवसर पर अखिल भारतीय ब्राह्मण महासंघ, नागपुर द्वारा आयोजित भव्य स्कूटर व कार रैली आज शहर में बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ संपन्न हुई। “जय परशुराम, जय भवानी” के जयघोष, शंखनाद और भगवा ध्वजों से पूरा मार्ग भक्तिभाव में सराबोर हो गया। सुबह धंतोली स्थित गोरक्षण मंदिर से प्रारंभ हुई इस रैली को नागपुर महानगरपालिका की स्थायी समिति की अध्यक्षा शिवानीताई दाणी वखरे तथा प्रसिद्ध शेफ विष्णु मनोहर ने भगवान परशुराम की प्रतिमा का पूजन कर हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर नगरसेवक विनयजी दाणी, सौ.

Bageshwar Baba Shivaji controversy: बागेश्वर बाबा द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में दिए गए कथित आपत्तिजनक बयान के विरोध में नागपुर के कुनबी संगठनों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और बागेश्वर बाबा की प्रतीकात्मक मूर्ति भी जलाई। आशीर्वाद नगर स्थित कुनबी समाज भवन में एक विरोध सभा का आयोजन किया गया, जिसमें समुदाय के बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे। इस अवसर पर वरिष्ठ कुनबी नेता राजेश काकड़े, अखिल कुनबी समाज के पूर्व अध्यक्ष पुरुषोत्तम शहाणे, तिरले कुनबी सेवा मंडल के अध्यक्ष पांडुरंग वाकड़े, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता महादेवराव बोराडे, वामन येवले, बाला शिंगणे, अनंत भारसाकले, बबन गांजरे, एकनाथ कालमेघ,

Bageshwar Baba Shivaji controversy: बागेश्वर बाबा द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में दिए गए कथित आपत्तिजनक बयान के विरोध में नागपुर के कुनबी संगठनों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और बागेश्वर बाबा की प्रतीकात्मक मूर्ति भी जलाई। आशीर्वाद नगर स्थित कुनबी समाज भवन में एक विरोध सभा का आयोजन किया गया, जिसमें समुदाय के बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे। इस अवसर पर वरिष्ठ कुनबी नेता राजेश काकड़े, अखिल कुनबी समाज के पूर्व अध्यक्ष पुरुषोत्तम शहाणे, तिरले कुनबी सेवा मंडल के अध्यक्ष पांडुरंग वाकड़े, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता महादेवराव बोराडे, वामन येवले, बाला शिंगणे, अनंत भारसाकले, बबन गांजरे, एकनाथ कालमेघ,

Kedarnath Dham: उत्तराखंड की पवित्र वादियां आज एक बार फिर हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठी। आज सुबह ठीक 8 बजे केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। लंबे इंतजार के बाद बाबा केदार के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु पहुंचे। कपाट खुलने से पहले मंदिर को करीब 51 क्विंटल फूलों से बेहद भव्य तरीके से सजाया गया था। सीएम पुष्कर सिंह धामी भी रहे मौजूद इस खास मौके पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पूजा-अर्चना कर देश की खुशहाली और समृद्धि की कामना

Kedarnath Dham: उत्तराखंड की पवित्र वादियां आज एक बार फिर हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठी। आज सुबह ठीक 8 बजे केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। लंबे इंतजार के बाद बाबा केदार के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु पहुंचे। कपाट खुलने से पहले मंदिर को करीब 51 क्विंटल फूलों से बेहद भव्य तरीके से सजाया गया था। सीएम पुष्कर सिंह धामी भी रहे मौजूद इस खास मौके पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पूजा-अर्चना कर देश की खुशहाली और समृद्धि की कामना

Lord Krishna poster issue : क्या एक पोस्टर सच में इतना बड़ा विवाद खड़ा कर सकता है? केरल में विषु के मौके पर सामने आई इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर क्या है पूरा सच?

Lord Krishna poster issue : क्या एक पोस्टर सच में इतना बड़ा विवाद खड़ा कर सकता है? केरल में विषु के मौके पर सामने आई इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर क्या है पूरा सच?

Religious Conversion: क्या वाकई कॉरपोरेट कंपनियों में इस तरह की घटनाएं हो रही हैं? अमृता फडणवीस के बयान ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं-सच्चाई क्या है, जांच क्या कहती है, और आगे क्या होगा? जानिए पूरा मामला।

Religious Conversion: क्या वाकई कॉरपोरेट कंपनियों में इस तरह की घटनाएं हो रही हैं? अमृता फडणवीस के बयान ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं-सच्चाई क्या है, जांच क्या कहती है, और आगे क्या होगा? जानिए पूरा मामला।

Money Plant Vastu Tips: घर में रखा मनी प्लांट सिर्फ एक सजावटी पौधा नहीं होता है। वास्तु शास्त्र में इसे सुख-समृद्धि और धन वृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। कई लोग इसे घर या ऑफिस में लगाते तो हैं, लेकिन इसकी सही देखभाल और दिशा को नजरअंदाज कर देते हैं। यही छोटी-छोटी गलतियां कभी-कभी आर्थिक परेशानी का कारण भी बन सकती हैं। इस दिशा में लगाये मनी प्लांट वास्तु के अनुसार, मनी प्लांट को लगाने की दिशा बेहद अहम होती है। इसे कभी भी उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण में नहीं रखना चाहिए। इस दिशा में रखा मनी प्लांट नकारात्मक प्रभाव

Money Plant Vastu Tips: घर में रखा मनी प्लांट सिर्फ एक सजावटी पौधा नहीं होता है। वास्तु शास्त्र में इसे सुख-समृद्धि और धन वृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। कई लोग इसे घर या ऑफिस में लगाते तो हैं, लेकिन इसकी सही देखभाल और दिशा को नजरअंदाज कर देते हैं। यही छोटी-छोटी गलतियां कभी-कभी आर्थिक परेशानी का कारण भी बन सकती हैं। इस दिशा में लगाये मनी प्लांट वास्तु के अनुसार, मनी प्लांट को लगाने की दिशा बेहद अहम होती है। इसे कभी भी उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण में नहीं रखना चाहिए। इस दिशा में रखा मनी प्लांट नकारात्मक प्रभाव

Akshaya Tritiya: हर साल कुछ ऐसे दिन आते हैं, जिन्हें भारतीय संस्कृति में बेहद खास और शुभ माना जाता है। अक्षय तृतीया भी उन्हीं पावन पर्वों में से एक है, जब लोग नई शुरुआत करने, खरीदारी करने और पुण्य कमाने का मौका नहीं छोड़ते। इस साल 19 अप्रैल 2026 को यह पर्व मनाया जाएगा और खास बात यह है कि इस दिन बिना किसी विशेष मुहूर्त के भी शुभ कार्य किए जा सकते हैं। मान्यता है कि इस दिन किया गया हर शुभ काम अक्षय यानी कभी खत्म न होने वाला फल देता है। अक्षय तृतीया पर खरीदें ये चीजें

Akshaya Tritiya: हर साल कुछ ऐसे दिन आते हैं, जिन्हें भारतीय संस्कृति में बेहद खास और शुभ माना जाता है। अक्षय तृतीया भी उन्हीं पावन पर्वों में से एक है, जब लोग नई शुरुआत करने, खरीदारी करने और पुण्य कमाने का मौका नहीं छोड़ते। इस साल 19 अप्रैल 2026 को यह पर्व मनाया जाएगा और खास बात यह है कि इस दिन बिना किसी विशेष मुहूर्त के भी शुभ कार्य किए जा सकते हैं। मान्यता है कि इस दिन किया गया हर शुभ काम अक्षय यानी कभी खत्म न होने वाला फल देता है। अक्षय तृतीया पर खरीदें ये चीजें

Akshaya Tritiya: हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व माना जाता है। यह दिन इतना शुभ माना जाता है कि किसी भी काम को करने के लिए अलग से मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं पड़ती। मान्यता है कि इस दिन किया गया हर शुभ कार्य अक्षय फल देता है, यानी उसका पुण्य कभी खत्म नहीं होता। इस साल अक्षय तृतीया 19 अप्रैल, रविवार को मनाई जाएगी, जिसे लेकर बाजारों से लेकर घरों तक उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। सोना-चांदी खरीदना बेहद शुभ इस खास दिन पर लोग सोना-चांदी खरीदना बेहद शुभ मानते हैं, क्योंकि इसे धन

Akshaya Tritiya: हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व माना जाता है। यह दिन इतना शुभ माना जाता है कि किसी भी काम को करने के लिए अलग से मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं पड़ती। मान्यता है कि इस दिन किया गया हर शुभ कार्य अक्षय फल देता है, यानी उसका पुण्य कभी खत्म नहीं होता। इस साल अक्षय तृतीया 19 अप्रैल, रविवार को मनाई जाएगी, जिसे लेकर बाजारों से लेकर घरों तक उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। सोना-चांदी खरीदना बेहद शुभ इस खास दिन पर लोग सोना-चांदी खरीदना बेहद शुभ मानते हैं, क्योंकि इसे धन

Akshaya Tritiya: घर में नई शुरुआत का सपना हो, निवेश का सही समय तलाश रहे हों या फिर समृद्धि की कामना, इन सबके लिए एक दिन खास माना जाता है और वह है अक्षय तृतीया। मान्यता है कि इस दिन किया गया कोई भी शुभ कार्य या खरीदारी कभी “क्षय” नहीं होती, यानी उसका फल लगातार बढ़ता रहता है। यही वजह है कि इस दिन सोना-चांदी खरीदने से लेकर नए काम शुरू करने तक की परंपरा सदियों से चली आ रही है। कब है अक्षय तृतीया? पंचांग के अनुसार, वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 19 अप्रैल 2026 को दोपहर

Akshaya Tritiya: घर में नई शुरुआत का सपना हो, निवेश का सही समय तलाश रहे हों या फिर समृद्धि की कामना, इन सबके लिए एक दिन खास माना जाता है और वह है अक्षय तृतीया। मान्यता है कि इस दिन किया गया कोई भी शुभ कार्य या खरीदारी कभी “क्षय” नहीं होती, यानी उसका फल लगातार बढ़ता रहता है। यही वजह है कि इस दिन सोना-चांदी खरीदने से लेकर नए काम शुरू करने तक की परंपरा सदियों से चली आ रही है। कब है अक्षय तृतीया? पंचांग के अनुसार, वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 19 अप्रैल 2026 को दोपहर

Akshaya Tritiya: हिंदू धर्म में आस्था और परंपरा का एक ऐसा संगम है, जहां हर पर्व अपने साथ उम्मीद, विश्वास और नई शुरुआत का संदेश लेकर आता है। इन्हीं में से एक है अक्षय तृतीया, जिसे बेहद शुभ और पुण्यदायी माना जाता है। साल 2026 में यह पावन पर्व 19 अप्रैल, रविवार को मनाया जाएगा। जैसे-जैसे यह तिथि नजदीक आ रही है, घरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं और बाजारों में भी रौनक बढ़ने लगी है। ‘अबूझ मुहूर्त’ का दिन अक्षय तृतीया को ‘अबूझ मुहूर्त’ का दिन कहा जाता है। यानी इस दिन बिना किसी विशेष गणना या पंचांग

Akshaya Tritiya: हिंदू धर्म में आस्था और परंपरा का एक ऐसा संगम है, जहां हर पर्व अपने साथ उम्मीद, विश्वास और नई शुरुआत का संदेश लेकर आता है। इन्हीं में से एक है अक्षय तृतीया, जिसे बेहद शुभ और पुण्यदायी माना जाता है। साल 2026 में यह पावन पर्व 19 अप्रैल, रविवार को मनाया जाएगा। जैसे-जैसे यह तिथि नजदीक आ रही है, घरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं और बाजारों में भी रौनक बढ़ने लगी है। ‘अबूझ मुहूर्त’ का दिन अक्षय तृतीया को ‘अबूझ मुहूर्त’ का दिन कहा जाता है। यानी इस दिन बिना किसी विशेष गणना या पंचांग

Kedarnath Dham Opening Date: उत्तराखंड की पवित्र वादियों में एक बार फिर आस्था की गूंज सुनाई देने वाली है। चार धामों में शामिल केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। जैसे-जैसे तारीख करीब आ रही है, वैसे-वैसे भक्तों के दिलों में उत्साह और भक्ति का भाव और भी गहरा होता जा रहा है। इस शुभ तिथि की घोषणा महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026) के दिन की गई थी। हर साल की तरह इस बार भी बाबा केदार की पंचमुखी डोली अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ से विधि-विधान के साथ केदारनाथ धाम

Kedarnath Dham Opening Date: उत्तराखंड की पवित्र वादियों में एक बार फिर आस्था की गूंज सुनाई देने वाली है। चार धामों में शामिल केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। जैसे-जैसे तारीख करीब आ रही है, वैसे-वैसे भक्तों के दिलों में उत्साह और भक्ति का भाव और भी गहरा होता जा रहा है। इस शुभ तिथि की घोषणा महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026) के दिन की गई थी। हर साल की तरह इस बार भी बाबा केदार की पंचमुखी डोली अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ से विधि-विधान के साथ केदारनाथ धाम

Gada Poojan : हनुमान जयंती 2026 में देशभर में श्रद्धालुओं ने सामूहिक ‘गदा पूजन’ के माध्यम से शक्ति, भक्ति और धर्म की रक्षा का संकल्प लिया। नागपुर, वाराणसी, दिल्ली, हैदराबाद और अन्य राज्यों में भजन, आरती और नामजप के कार्यक्रम आयोजित किए गए।

Gada Poojan : हनुमान जयंती 2026 में देशभर में श्रद्धालुओं ने सामूहिक ‘गदा पूजन’ के माध्यम से शक्ति, भक्ति और धर्म की रक्षा का संकल्प लिया। नागपुर, वाराणसी, दिल्ली, हैदराबाद और अन्य राज्यों में भजन, आरती और नामजप के कार्यक्रम आयोजित किए गए।

Garud Purana: किसी अपने को खोना जीवन के सबसे कठिन अनुभवों में से एक होता है। ऐसे में उनकी यादों को संभालकर रखना स्वाभाविक है. अधिकतर लोग किसी अपने को खोने के बाद उनकी कुछ चीजें निशानी के रूप में सहेज कर रखते हैं। लेकिन एक सवाल जो लोगों के मन में अक्क्यासर उठता है कि क्या उनकी रोजमर्रा की चीजों का इस्तेमाल करना सही है? इस सवाल का जवाब हिंदू धर्म के प्राचीन ग्रंथ गरुड़ पुराण में विस्तार से बताया गया है। अपने चीजों के मोह में रहती है आत्मा गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के बाद आत्मा एक

Garud Purana: किसी अपने को खोना जीवन के सबसे कठिन अनुभवों में से एक होता है। ऐसे में उनकी यादों को संभालकर रखना स्वाभाविक है. अधिकतर लोग किसी अपने को खोने के बाद उनकी कुछ चीजें निशानी के रूप में सहेज कर रखते हैं। लेकिन एक सवाल जो लोगों के मन में अक्क्यासर उठता है कि क्या उनकी रोजमर्रा की चीजों का इस्तेमाल करना सही है? इस सवाल का जवाब हिंदू धर्म के प्राचीन ग्रंथ गरुड़ पुराण में विस्तार से बताया गया है। अपने चीजों के मोह में रहती है आत्मा गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के बाद आत्मा एक

Chaitra Purnima 2026: भारतीय संस्कृति में कुछ तिथियां ऐसी होती हैं, जो सिर्फ कैलेंडर की तारीख नहीं बल्कि आस्था और विश्वास का प्रतीक बन जाती हैं। चैत्र पूर्णिमा भी उन्हीं खास दिनों में से एक है, जब श्रद्धालु पूरे मन से पूजा-पाठ, दान और व्रत के जरिए अपने जीवन में सुख-शांति की कामना करते हैं। यह दिन हिंदू नववर्ष की पहली पूर्णिमा होने के कारण और भी खास माना जाता है। चैत्र पूर्णिमा की धार्मिक मान्यता धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी, चंद्रदेव और हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व होता है। कहा जाता है

Chaitra Purnima 2026: भारतीय संस्कृति में कुछ तिथियां ऐसी होती हैं, जो सिर्फ कैलेंडर की तारीख नहीं बल्कि आस्था और विश्वास का प्रतीक बन जाती हैं। चैत्र पूर्णिमा भी उन्हीं खास दिनों में से एक है, जब श्रद्धालु पूरे मन से पूजा-पाठ, दान और व्रत के जरिए अपने जीवन में सुख-शांति की कामना करते हैं। यह दिन हिंदू नववर्ष की पहली पूर्णिमा होने के कारण और भी खास माना जाता है। चैत्र पूर्णिमा की धार्मिक मान्यता धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी, चंद्रदेव और हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व होता है। कहा जाता है

Chaitra Purnima: आस्था और श्रद्धा का पर्व चैत्र पूर्णिमा इस बार खास संयोग लेकर आ रहा है। हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष महत्व होता है, क्योंकि यह केवल पूर्णिमा का पर्व नहीं, बल्कि भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और संकटमोचन हनुमान जी की उपासना का भी महत्वपूर्ण अवसर है। इस बार की चैत्र पूर्णिमा दो दिनों में मनाई जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं के लिए तिथि और पूजा विधि को समझना जरूरी हो गया है। क्यों खास है चैत्र पूर्णिमा? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती

Chaitra Purnima: आस्था और श्रद्धा का पर्व चैत्र पूर्णिमा इस बार खास संयोग लेकर आ रहा है। हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष महत्व होता है, क्योंकि यह केवल पूर्णिमा का पर्व नहीं, बल्कि भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और संकटमोचन हनुमान जी की उपासना का भी महत्वपूर्ण अवसर है। इस बार की चैत्र पूर्णिमा दो दिनों में मनाई जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं के लिए तिथि और पूजा विधि को समझना जरूरी हो गया है। क्यों खास है चैत्र पूर्णिमा? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती

Swapna Shastra: रात की नींद में देखे गए सपने कई बार हमें सोचने पर मजबूर कर देते हैं। कुछ सपने इतने सुकून भरे होते हैं कि हम उन्हें तुरंत किसी अपने से साझा करना चाहते हैं, वहीं कुछ सपने डर या हैरानी छोड़ जाते हैं। लेकिन भारतीय परंपरा में स्वप्न शास्त्र के अनुसार हर सपना बताने के लिए नहीं होता। कुछ सपने ऐसे माने गए हैं, जिन्हें अपने तक ही सीमित रखना बेहतर होता है, क्योंकि उन्हें साझा करने से उनका सकारात्मक प्रभाव कम हो सकता है। आध्यात्मिक संकेत देने वाले सपने अगर आप सपने में किसी तीर्थ स्थान, मंदिर

Swapna Shastra: रात की नींद में देखे गए सपने कई बार हमें सोचने पर मजबूर कर देते हैं। कुछ सपने इतने सुकून भरे होते हैं कि हम उन्हें तुरंत किसी अपने से साझा करना चाहते हैं, वहीं कुछ सपने डर या हैरानी छोड़ जाते हैं। लेकिन भारतीय परंपरा में स्वप्न शास्त्र के अनुसार हर सपना बताने के लिए नहीं होता। कुछ सपने ऐसे माने गए हैं, जिन्हें अपने तक ही सीमित रखना बेहतर होता है, क्योंकि उन्हें साझा करने से उनका सकारात्मक प्रभाव कम हो सकता है। आध्यात्मिक संकेत देने वाले सपने अगर आप सपने में किसी तीर्थ स्थान, मंदिर

Tulsi Puja: सनातन धर्म में तुलसी का विशेष महत्व माना गया है। इसे न केवल एक पवित्र पौधा समझा जाता है, बल्कि मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु का प्रिय भी माना जाता है। यही कारण है कि ज्यादातर हिंदू घरों में तुलसी की पूजा रोजाना की जाती है। मान्यता है कि जिस घर में नियमित रूप से तुलसी पूजन होता है, वहां सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है और दरिद्रता कभी नहीं आती। तुलसी की पूजा का सही समय अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि तुलसी की पूजा का सही समय क्या है। शास्त्रों के अनुसार,

Tulsi Puja: सनातन धर्म में तुलसी का विशेष महत्व माना गया है। इसे न केवल एक पवित्र पौधा समझा जाता है, बल्कि मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु का प्रिय भी माना जाता है। यही कारण है कि ज्यादातर हिंदू घरों में तुलसी की पूजा रोजाना की जाती है। मान्यता है कि जिस घर में नियमित रूप से तुलसी पूजन होता है, वहां सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है और दरिद्रता कभी नहीं आती। तुलसी की पूजा का सही समय अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि तुलसी की पूजा का सही समय क्या है। शास्त्रों के अनुसार,

Ram Navmi Date 2026: चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर पूरे देश में भक्ति और उत्साह का माहौल बना हुआ है। इसी क्रम में आने वाली रामनवमी को लेकर इस बार लोगों के बीच तारीख को लेकर थोड़ा भ्रम देखने को मिल रहा है। भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाने वाला यह पर्व हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। 27 मार्च को मनाया जायेगा रामनवमी हिंदू पंचांग के अनुसार, नवमी तिथि 26 मार्च 2026 को सुबह 11:48 बजे से शुरू होकर 27 मार्च 2026 को सुबह 10:06 बजे तक रहेगी। ऐसे में उदया तिथि को ध्यान में

Ram Navmi Date 2026: चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर पूरे देश में भक्ति और उत्साह का माहौल बना हुआ है। इसी क्रम में आने वाली रामनवमी को लेकर इस बार लोगों के बीच तारीख को लेकर थोड़ा भ्रम देखने को मिल रहा है। भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाने वाला यह पर्व हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। 27 मार्च को मनाया जायेगा रामनवमी हिंदू पंचांग के अनुसार, नवमी तिथि 26 मार्च 2026 को सुबह 11:48 बजे से शुरू होकर 27 मार्च 2026 को सुबह 10:06 बजे तक रहेगी। ऐसे में उदया तिथि को ध्यान में

कोलकाता। ईद-उल-फित्र के अवसर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी रेड रोड पर आयोजित ईद की नमाज़ में शामिल हुईं। उन्होंने वहां मौजूद नमाज़ियों को ईद की शुभकामनाएं दीं। रेड रोड पर हर साल बड़ी तादाद में नमाज़ी जमा होते हैं और मुख्यमंत्री की मौजूदगी इस मौके को और खास बनाती है। वहीं, राज्य के वरिष्ठ मंत्री फिरहाद हाकिम ने अपने परिवार के साथ चेतना मस्जिद में ईद की नमाज़ अदा की।

कोलकाता। ईद-उल-फित्र के अवसर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी रेड रोड पर आयोजित ईद की नमाज़ में शामिल हुईं। उन्होंने वहां मौजूद नमाज़ियों को ईद की शुभकामनाएं दीं। रेड रोड पर हर साल बड़ी तादाद में नमाज़ी जमा होते हैं और मुख्यमंत्री की मौजूदगी इस मौके को और खास बनाती है। वहीं, राज्य के वरिष्ठ मंत्री फिरहाद हाकिम ने अपने परिवार के साथ चेतना मस्जिद में ईद की नमाज़ अदा की।

Kitchen Vastu Tips: घर का किचन सिर्फ खाना बनाने की जगह नहीं होता, बल्कि यह पूरे परिवार की सेहत, सुख-शांति और समृद्धि से भी जुड़ा होता है। वास्तु शास्त्र में किचन को बेहद महत्वपूर्ण स्थान माना गया है, जहां की छोटी-छोटी आदतें भी जीवन पर बड़ा असर डाल सकती हैं। ऐसे में कई लोग अनजाने में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो घर में नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकती हैं। चप्पल पहनकर खाना बनाना कितना सही ? सबसे आम आदत है किचन में चप्पल पहनकर काम करना। देखने में यह सामान्य लग सकता है, लेकिन वास्तु के अनुसार यह ठीक

Kitchen Vastu Tips: घर का किचन सिर्फ खाना बनाने की जगह नहीं होता, बल्कि यह पूरे परिवार की सेहत, सुख-शांति और समृद्धि से भी जुड़ा होता है। वास्तु शास्त्र में किचन को बेहद महत्वपूर्ण स्थान माना गया है, जहां की छोटी-छोटी आदतें भी जीवन पर बड़ा असर डाल सकती हैं। ऐसे में कई लोग अनजाने में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो घर में नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकती हैं। चप्पल पहनकर खाना बनाना कितना सही ? सबसे आम आदत है किचन में चप्पल पहनकर काम करना। देखने में यह सामान्य लग सकता है, लेकिन वास्तु के अनुसार यह ठीक

Premanand Maharaj Birthday: वृंदावन की गलियां इन दिनों भक्ति और श्रद्धा के रंग में पूरी तरह रंगी हुई हैं। वजह है श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज का जन्मोत्सव, जो 18 और 19 मार्च को बड़े ही भव्य और आध्यात्मिक अंदाज में मनाया जा रहा है। इस खास अवसर पर देशभर से श्रद्धालु और संत यहां पहुंचे हैं, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया है। चैत्र नवरात्रि के पहले दिन जन्मदिन मानते हैं महाराज चैत्र नवरात्रि के पहले दिन जन्म लेने वाले प्रेमानंद महाराज का यह उत्सव केवल एक जन्मदिन नहीं, बल्कि भक्ति, प्रेम और समर्पण का महापर्व बन

Premanand Maharaj Birthday: वृंदावन की गलियां इन दिनों भक्ति और श्रद्धा के रंग में पूरी तरह रंगी हुई हैं। वजह है श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज का जन्मोत्सव, जो 18 और 19 मार्च को बड़े ही भव्य और आध्यात्मिक अंदाज में मनाया जा रहा है। इस खास अवसर पर देशभर से श्रद्धालु और संत यहां पहुंचे हैं, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया है। चैत्र नवरात्रि के पहले दिन जन्मदिन मानते हैं महाराज चैत्र नवरात्रि के पहले दिन जन्म लेने वाले प्रेमानंद महाराज का यह उत्सव केवल एक जन्मदिन नहीं, बल्कि भक्ति, प्रेम और समर्पण का महापर्व बन

Eid Date 2026: रमजान का पवित्र महीना अपने अंतिम दिनों में पहुंच चुका है और अब हर किसी को ईद-उल-फितर का इंतजार है। इस बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से ईद की तारीख को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। वहां आसमान में रमजान के आखिरी दिनों का चांद दिखाई देने के बाद ईद को लेकर संभावनाएं साफ होने लगी हैं। 19 मार्च को चांद दिखने की उम्मीद खगोलीय गणनाओं और विशेषज्ञों के अनुसार, इस साल रमजान पूरे 30 दिन का हो सकता है। माना जा रहा है कि शव्वाल का चांद 19 मार्च की शाम को दिखाई दे सकता

Eid Date 2026: रमजान का पवित्र महीना अपने अंतिम दिनों में पहुंच चुका है और अब हर किसी को ईद-उल-फितर का इंतजार है। इस बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से ईद की तारीख को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। वहां आसमान में रमजान के आखिरी दिनों का चांद दिखाई देने के बाद ईद को लेकर संभावनाएं साफ होने लगी हैं। 19 मार्च को चांद दिखने की उम्मीद खगोलीय गणनाओं और विशेषज्ञों के अनुसार, इस साल रमजान पूरे 30 दिन का हो सकता है। माना जा रहा है कि शव्वाल का चांद 19 मार्च की शाम को दिखाई दे सकता

Chaitra Navratri 2026: इस साल चैत्र नवरात्र का पावन पर्व 19 मार्च से शुरू हो रहा है, जो 27 मार्च तक मनाया जाएगा। यह सिर्फ पूजा-पाठ और व्रत रखने का ही समय नहीं होता, बल्कि दान-पुण्य के जरिए अपने जीवन में सुख-शांति और समृद्धि लाने का भी खास मौका होता है। माना जाता है कि इन नौ दिनों में सच्चे मन से किया गया दान कई परेशानियों को दूर कर सकता है। अगर आप भी चाहते हैं कि आपके घर में खुशहाली बनी रहे और जीवन में सकारात्मक बदलाव आए, तो नवरात्र के दौरान कुछ खास चीजों का दान करना

Chaitra Navratri 2026: इस साल चैत्र नवरात्र का पावन पर्व 19 मार्च से शुरू हो रहा है, जो 27 मार्च तक मनाया जाएगा। यह सिर्फ पूजा-पाठ और व्रत रखने का ही समय नहीं होता, बल्कि दान-पुण्य के जरिए अपने जीवन में सुख-शांति और समृद्धि लाने का भी खास मौका होता है। माना जाता है कि इन नौ दिनों में सच्चे मन से किया गया दान कई परेशानियों को दूर कर सकता है। अगर आप भी चाहते हैं कि आपके घर में खुशहाली बनी रहे और जीवन में सकारात्मक बदलाव आए, तो नवरात्र के दौरान कुछ खास चीजों का दान करना

Kharmas 2026: हिंदू धर्म में खरमास का विशेष महत्व माना जाता है। इस साल खरमास की शुरुआत 15 मार्च 2026 से हो रही है, जो 14 अप्रैल 2026 तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार खरमास में विवाह, गृह प्रवेश या किसी भी तरह के मांगलिक कार्य नहीं किये जाते हैं. हालांकि पूजा-पाठ, जप, दान और भगवान की आराधना के लिए यह समय बेहद शुभ माना जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक खरमास के दौरान किए गए कुछ छोटे-छोटे उपाय घर की नकारात्मक ऊर्जा को कम करने और सकारात्मक माहौल बनाने में मदद कर सकते हैं। ऐसे में अगर आप भी

Kharmas 2026: हिंदू धर्म में खरमास का विशेष महत्व माना जाता है। इस साल खरमास की शुरुआत 15 मार्च 2026 से हो रही है, जो 14 अप्रैल 2026 तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार खरमास में विवाह, गृह प्रवेश या किसी भी तरह के मांगलिक कार्य नहीं किये जाते हैं. हालांकि पूजा-पाठ, जप, दान और भगवान की आराधना के लिए यह समय बेहद शुभ माना जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक खरमास के दौरान किए गए कुछ छोटे-छोटे उपाय घर की नकारात्मक ऊर्जा को कम करने और सकारात्मक माहौल बनाने में मदद कर सकते हैं। ऐसे में अगर आप भी

Chaitra Navratri 2026: हिंदू धर्म में नवरात्र का त्योहार बहुत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। साल में आने वाले चार नवरात्रों में चैत्र नवरात्र को खास महत्व दिया जाता है, क्योंकि इसी समय से हिंदू नववर्ष की शुरुआत भी मानी जाती है। साल 2026 में चैत्र नवरात्र 19 मार्च, गुरुवार से शुरू होंगे और 27 मार्च, शुक्रवार को नवमी के साथ इसका समापन होगा। नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना या कलश स्थापना की जाती है। इसी के साथ मां दुर्गा की पूजा की शुरुआत मानी जाती है। इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों

Chaitra Navratri 2026: हिंदू धर्म में नवरात्र का त्योहार बहुत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। साल में आने वाले चार नवरात्रों में चैत्र नवरात्र को खास महत्व दिया जाता है, क्योंकि इसी समय से हिंदू नववर्ष की शुरुआत भी मानी जाती है। साल 2026 में चैत्र नवरात्र 19 मार्च, गुरुवार से शुरू होंगे और 27 मार्च, शुक्रवार को नवमी के साथ इसका समापन होगा। नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना या कलश स्थापना की जाती है। इसी के साथ मां दुर्गा की पूजा की शुरुआत मानी जाती है। इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों

Kharmas 2026: हिंदू धर्म में खरमास एक ऐसा समय होता है जब कोई भी मांगलिक और शुभ कार्यों को करने से परहेज किया जाता है। खरमास के दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे कई शुभ कार्य नहीं किए जाते। हालांकि इस समय को पूजा-पाठ, दान और धार्मिक कार्यों के लिए काफी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि खरमास में भगवान की भक्ति और पुण्य कार्य करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस साल खरमास की शुरुआत कब से हो रही है इस बात को लेकर लोगों के मन में काफी उलझन है. तो चलिए इस लेख में

Kharmas 2026: हिंदू धर्म में खरमास एक ऐसा समय होता है जब कोई भी मांगलिक और शुभ कार्यों को करने से परहेज किया जाता है। खरमास के दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे कई शुभ कार्य नहीं किए जाते। हालांकि इस समय को पूजा-पाठ, दान और धार्मिक कार्यों के लिए काफी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि खरमास में भगवान की भक्ति और पुण्य कार्य करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस साल खरमास की शुरुआत कब से हो रही है इस बात को लेकर लोगों के मन में काफी उलझन है. तो चलिए इस लेख में

चिरकालीन परंपरा का पालन करते हुए बेलूड़ मठ में दोल उत्सव के एक दिन पहले शाम को होलिकादहन का आयोजन किया गया। ठाकुर श्री रामकृष्ण देव के मंदिर में संध्या आरती के बाद गंगा के तट पर देवी होलिका के पुतले की पूजा के पश्चात खोल, करताल, हारमोनियम के साथ भक्ति गीतों के माध्यम से घंटा और कांसे की ध्वनि में देवी होलिका का दहन किया गया। जिसे देखने के लिए बेलूड़ मठ में आए दर्शनार्थियों ने गंगा के तटवर्ती मैदान में भारी भीड़ लगाई। रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

चिरकालीन परंपरा का पालन करते हुए बेलूड़ मठ में दोल उत्सव के एक दिन पहले शाम को होलिकादहन का आयोजन किया गया। ठाकुर श्री रामकृष्ण देव के मंदिर में संध्या आरती के बाद गंगा के तट पर देवी होलिका के पुतले की पूजा के पश्चात खोल, करताल, हारमोनियम के साथ भक्ति गीतों के माध्यम से घंटा और कांसे की ध्वनि में देवी होलिका का दहन किया गया। जिसे देखने के लिए बेलूड़ मठ में आए दर्शनार्थियों ने गंगा के तटवर्ती मैदान में भारी भीड़ लगाई। रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

एक ही दिन त्योहार और ग्रहण, क्यों बढ़ गई चर्चा? Chandra Grahan 3 March 2026 : 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगेगा, और इसी दिन होलिका दहन भी मनाया जाएगा। दिलचस्प बात ये है कि ये आंशिक चंद्र ग्रहण सिंह राशि में पड़ेगा और भारत में नजर आएगा। ऐसे मौके पर धार्मिक मान्यताएं और ज्योतिष के लिहाज़ से इसे काफी अहम माना जाता है। वैज्ञानिकों के लिए ये बस एक आम, लेकिन शानदार खगोलीय घटना है। जानें क्या है टाइमिंग Chandra Grahan 3 March 2026 : ग्रहण की टाइमिंग की बात करें तो इसकी शुरुआत दोपहर 3:20

एक ही दिन त्योहार और ग्रहण, क्यों बढ़ गई चर्चा? Chandra Grahan 3 March 2026 : 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगेगा, और इसी दिन होलिका दहन भी मनाया जाएगा। दिलचस्प बात ये है कि ये आंशिक चंद्र ग्रहण सिंह राशि में पड़ेगा और भारत में नजर आएगा। ऐसे मौके पर धार्मिक मान्यताएं और ज्योतिष के लिहाज़ से इसे काफी अहम माना जाता है। वैज्ञानिकों के लिए ये बस एक आम, लेकिन शानदार खगोलीय घटना है। जानें क्या है टाइमिंग Chandra Grahan 3 March 2026 : ग्रहण की टाइमिंग की बात करें तो इसकी शुरुआत दोपहर 3:20

ब्रज की होली केवल एक त्योहार नहीं, एक भाव है—एक ऐसा भाव जो फागुन के आते ही हवा में घुल जाता है। यहां रंग सिर्फ चेहरे पर नहीं लगते, वे मन की परतों तक उतर जाते हैं। यही कारण है कि मथुरा, वृन्दावन, बरसाना, नंदगांव और बल्देव की होली देखने के लिए हर साल देश-विदेश से लाखों लोग उमड़ पड़ते हैं। यहां होली खेली नहीं जाती-जी जाती है।

ब्रज की होली केवल एक त्योहार नहीं, एक भाव है—एक ऐसा भाव जो फागुन के आते ही हवा में घुल जाता है। यहां रंग सिर्फ चेहरे पर नहीं लगते, वे मन की परतों तक उतर जाते हैं। यही कारण है कि मथुरा, वृन्दावन, बरसाना, नंदगांव और बल्देव की होली देखने के लिए हर साल देश-विदेश से लाखों लोग उमड़ पड़ते हैं। यहां होली खेली नहीं जाती-जी जाती है।

अमेरिका में रहने वाले हिंदू समुदाय ने शिक्षा के मामले में देश के सभी प्रमुख धार्मिक समूहों को पीछे छोड़ दिया है। प्यू रिसर्च सेंटर की हालिया Religious Landscape Study 2023‑24 के अनुसार, अमेरिका में लगभग 70% हिंदू वयस्कों के पास बैचलर डिग्री या उससे अधिक की शिक्षा है। यह आंकड़ा न केवल अमेरिका के राष्ट्रीय औसत (35%) से दोगुना है, बल्कि यहूदी समुदाय (65%) से भी अधिक है, जिसे पहले शिक्षा के मामले में सबसे आगे माना जाता था।

अमेरिका में रहने वाले हिंदू समुदाय ने शिक्षा के मामले में देश के सभी प्रमुख धार्मिक समूहों को पीछे छोड़ दिया है। प्यू रिसर्च सेंटर की हालिया Religious Landscape Study 2023‑24 के अनुसार, अमेरिका में लगभग 70% हिंदू वयस्कों के पास बैचलर डिग्री या उससे अधिक की शिक्षा है। यह आंकड़ा न केवल अमेरिका के राष्ट्रीय औसत (35%) से दोगुना है, बल्कि यहूदी समुदाय (65%) से भी अधिक है, जिसे पहले शिक्षा के मामले में सबसे आगे माना जाता था।

उज्जैन। विक्रम उत्सव–2026 के अंतर्गत आयोजित विक्रम नाट्य समारोह में दिल्ली की अन्वेषणा सोसायटी फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स द्वारा प्रस्तुत नृत्य-नाट्य ‘आदि–अनंत’ का राजेश सिंह कुशवाह वरिष्ठ कार्य परिषद सदस्य सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन, डॉ. हरीश सिंह साहित्यकार, योगेश शर्मा पूर्व अध्यक्ष छात्रसंघ विक्रम विश्वविद्यालय, श्री रूप पमनानी समाज सेवी ने कलाकारों का स्वागत एवं सम्मान किया, जबकि संचालन राष्ट्रीय कवि दिनेश दिग्गज ने किया। Vikram Natya Samaroh Ujjain 2026 Adi Anant Dance Drama: महाराज शोध पीठ, संस्कृति विभाग, मप्र शासन के तत्वावधान में कालिदास अकादमी के संकुल भवन में सायं 7:30 बजे आदि–अनंत की प्रस्तुति शुरू हुई। इस प्रस्तुति ने

उज्जैन। विक्रम उत्सव–2026 के अंतर्गत आयोजित विक्रम नाट्य समारोह में दिल्ली की अन्वेषणा सोसायटी फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स द्वारा प्रस्तुत नृत्य-नाट्य ‘आदि–अनंत’ का राजेश सिंह कुशवाह वरिष्ठ कार्य परिषद सदस्य सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन, डॉ. हरीश सिंह साहित्यकार, योगेश शर्मा पूर्व अध्यक्ष छात्रसंघ विक्रम विश्वविद्यालय, श्री रूप पमनानी समाज सेवी ने कलाकारों का स्वागत एवं सम्मान किया, जबकि संचालन राष्ट्रीय कवि दिनेश दिग्गज ने किया। Vikram Natya Samaroh Ujjain 2026 Adi Anant Dance Drama: महाराज शोध पीठ, संस्कृति विभाग, मप्र शासन के तत्वावधान में कालिदास अकादमी के संकुल भवन में सायं 7:30 बजे आदि–अनंत की प्रस्तुति शुरू हुई। इस प्रस्तुति ने

Nitin Gadkari on Bhajan as Best Medium of Cultural Values in Nagpur Competition: नागपुर में आयोजित सांसद भजन प्रतियोगिता के भव्य समापन समारोह में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भजन को लोकसंस्कार का सर्वोत्तम माध्यम बताते हुए कहा कि भारतीय सांस्कृतिक परंपरा में संगीत, नृत्य, नाटक और साहित्य केवल मनोरंजन के साधन नहीं हैं, बल्कि वे समाज के नैतिक और आध्यात्मिक निर्माण के आधार स्तंभ हैं। गांधीसागर स्थित शिक्षक सहकारी बैंक सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भजन मंडलों, कलाकारों और नागरिकों की उपस्थिति ने इसे एक सांस्कृतिक उत्सव का स्वरूप प्रदान किया। सांस्कृतिक

Nitin Gadkari on Bhajan as Best Medium of Cultural Values in Nagpur Competition: नागपुर में आयोजित सांसद भजन प्रतियोगिता के भव्य समापन समारोह में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भजन को लोकसंस्कार का सर्वोत्तम माध्यम बताते हुए कहा कि भारतीय सांस्कृतिक परंपरा में संगीत, नृत्य, नाटक और साहित्य केवल मनोरंजन के साधन नहीं हैं, बल्कि वे समाज के नैतिक और आध्यात्मिक निर्माण के आधार स्तंभ हैं। गांधीसागर स्थित शिक्षक सहकारी बैंक सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भजन मंडलों, कलाकारों और नागरिकों की उपस्थिति ने इसे एक सांस्कृतिक उत्सव का स्वरूप प्रदान किया। सांस्कृतिक

Ramadan 2026: रमजान का महीना इबादत, सब्र और आत्मसंयम का महीना होता है। सुबह सहरी से लेकर शाम इफ्तार तक रोजेदार बिना कुछ खाए-पिए खुदा की इबादत करते हैं। पूरे दिन की भूख और प्यास के बाद जब इफ्तार का समय होता है, तो लगभग हर मुस्लिम घर में एक चीज सबसे पहले सामने आती है—खजूर। अक्सर लोग यह सवाल पूछते हैं कि आखिर खजूर से ही रोजा क्यों खोला जाता है? क्या यह सिर्फ परंपरा है या इसके पीछे कोई खास वजह भी है? सच यह है कि इसके पीछे धार्मिक आस्था भी है और विज्ञान भी। रमजान में

Ramadan 2026: रमजान का महीना इबादत, सब्र और आत्मसंयम का महीना होता है। सुबह सहरी से लेकर शाम इफ्तार तक रोजेदार बिना कुछ खाए-पिए खुदा की इबादत करते हैं। पूरे दिन की भूख और प्यास के बाद जब इफ्तार का समय होता है, तो लगभग हर मुस्लिम घर में एक चीज सबसे पहले सामने आती है—खजूर। अक्सर लोग यह सवाल पूछते हैं कि आखिर खजूर से ही रोजा क्यों खोला जाता है? क्या यह सिर्फ परंपरा है या इसके पीछे कोई खास वजह भी है? सच यह है कि इसके पीछे धार्मिक आस्था भी है और विज्ञान भी। रमजान में

Chandra Grahan: 3 मार्च का दिन इस बार सिर्फ होली की वजह से ही खास नहीं रहने वाला, बल्कि इसी दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। एक तरफ दोपहर तक ग्रहण का साया रहेगा और रात में होलिका दहन की तैयारी होगी। ऐसे में लोगों के मन में कई सवाल हैं – ग्रहण कितने बजे लगेगा? सूतक कब से शुरू होगा? क्या होली पर इसका असर पड़ेगा? कब से कब तक रहेगा ग्रहण भारतीय समय के अनुसार यह चंद्र ग्रहण 3 मार्च को दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा। इसका समापन शाम 6 बजकर

Chandra Grahan: 3 मार्च का दिन इस बार सिर्फ होली की वजह से ही खास नहीं रहने वाला, बल्कि इसी दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। एक तरफ दोपहर तक ग्रहण का साया रहेगा और रात में होलिका दहन की तैयारी होगी। ऐसे में लोगों के मन में कई सवाल हैं – ग्रहण कितने बजे लगेगा? सूतक कब से शुरू होगा? क्या होली पर इसका असर पड़ेगा? कब से कब तक रहेगा ग्रहण भारतीय समय के अनुसार यह चंद्र ग्रहण 3 मार्च को दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा। इसका समापन शाम 6 बजकर