Rashtra Bharat Logo

नागपुर विश्वविद्यालय में बी.ए. (अर्थशास्त्र) पाठ्यक्रम शुरू, नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया आरंभ

नागपुर विश्वविद्यालय में बी.ए. (अर्थशास्त्र) पाठ्यक्रम शुरू, नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया आरंभ
BA Economics Course Nagpur University: नागपुर विश्वविद्यालय में बी.ए. (अर्थशास्त्र) पाठ्यक्रम शुरू, नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया आरंभ (File Photo)

BA Economics Course Nagpur University: राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से बी.ए. (अर्थशास्त्र) पाठ्यक्रम शुरू किया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार तैयार इस पाठ्यक्रम में कौशल आधारित शिक्षा, डेटा एनालिटिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इंटर्नशिप और लचीली शिक्षा प्रणाली शामिल है। प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और पात्र विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं।

Updated:
·by
Asfi Shadab
Asfi Shadab
Share:

विषयसूची

नागपुर विश्वविद्यालय में बी.ए. (अर्थशास्त्र) पाठ्यक्रम शुरू, सत्र 2026-27 से प्रवेश

BA Economics Course Nagpur University: नागपुर, राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर अर्थशास्त्र विभाग में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से बी.ए. (अर्थशास्त्र) पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप तैयार इस कौशल आधारित पाठ्यक्रम के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

विभाग ने अपनी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए पहली बार बी.ए. (अर्थशास्त्र) की शुरुआत की है। साथ ही एम.ए. (अर्थशास्त्र) का पाठ्यक्रम पूर्ववत जारी रहेगा। दोनों पाठ्यक्रमों में लचीली शिक्षा प्रणाली, बहुविषयक अध्ययन और कौशल विकास पर विशेष बल दिया गया है।

वर्ष 1958 में विभाग की स्थापना के बाद यह पहली बार है जब विश्वविद्यालय परिसर में सीधे स्नातक स्तर पर प्रवेश दिए जा रहे हैं। चार वर्षीय इस पाठ्यक्रम में तीसरे वर्ष के बाद विद्यार्थियों को ऑनर्स अथवा ऑनर्स विद रिसर्च का विकल्प मिलेगा। अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (AEDP) के तहत पात्र विद्यार्थियों को इंटर्नशिप का अवसर भी मिलेगा।

एनईपी (NEP) के तहत डेटा एनालिटिक्स और AI जैसे कौशल आधारित विषय भी शामिल

पाठ्यक्रम में पारंपरिक अर्थशास्त्र के साथ डेटा एनालिटिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और व्यावहारिक विषयों को भी शामिल किया गया है। अनुभवी प्राध्यापकों और सक्रिय प्लेसमेंट सेल के जरिए विद्यार्थियों को बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, कॉर्पोरेट क्षेत्र, सरकारी विभागों, सार्वजनिक नीति संस्थानों तथा अनुसंधान संस्थाओं में करियर के लिए तैयार किया जाएगा।

बी.ए. (अर्थशास्त्र) के लिए किसी भी संकाय से 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी पात्र हैं, जबकि एम.ए. (अर्थशास्त्र) के लिए किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं।

अधिक जानकारी के लिए विश्वविद्यालय के प्रवेश पोर्टल admission.nagpuruniversity.ac.in पर जाएं अथवा अमरावती रोड स्थित विश्वविद्यालय परिसर के अर्थशास्त्र विभाग से संपर्क करें।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Asfi Shadab

Asfi Shadab

असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।