Petrol-Diesel Price Today: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। इस सप्ताह ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई क्रूड दोनों के दाम 9 से 11 फीसदी तक टूट गए, जिससे उम्मीद जगी थी कि आम लोगों को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिल सकती है। हालांकि रविवार, 31 मई 2026 को भी सरकारी तेल कंपनियों ने ईंधन के दाम में कोई बदलाव नहीं किया। ऐसे में पेट्रोल-डीजल की बढ़ी हुई कीमतें फिलहाल बरकरार हैं।
महज 11 दिनों के भीतर चार बार बढ़ोतरी
दरअसल, पिछले कुछ दिनों में देशभर में पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़े हैं। खास बात यह है कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद तेल कंपनियों ने महज 11 दिनों के भीतर चार बार कीमतों में बढ़ोतरी की है। इस दौरान दिल्ली में पेट्रोल 7.35 रुपये प्रति लीटर और डीजल 7.82 रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है।
सबसे पहले 15 मई को पेट्रोल की कीमत में 3 रुपये और डीजल में 3.29 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद 19 मई और 23 मई को भी दोनों ईंधनों के दाम बढ़ाए गए। वहीं 25 मई को एक बार फिर पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा कर दिया गया। लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।
ब्रेंट क्रूड की कीमत में गिरावट
इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार से राहत भरी खबर आई है। इस सप्ताह ब्रेंट क्रूड की कीमत में करीब 11 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जो पिछले सात सप्ताह की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट मानी जा रही है। वहीं डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 9 फीसदी से ज्यादा टूट गया। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान से जुड़े तनाव में कमी आने की उम्मीद और वैश्विक बाजार में मांग को लेकर चिंताओं के कारण कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना है।
क्या अब सस्ता होगा पेट्रोल -डीजल
हालांकि कच्चे तेल के सस्ता होने के बावजूद फिलहाल पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई राहत नहीं मिली है। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में नरमी का असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ता है या नहीं। फिलहाल वाहन चालकों को बढ़ी हुई कीमतों के साथ ही काम चलाना पड़ रहा है।