Nagpur News: ज्वाला धोटे की शिकायत पर पांच महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज, पुलिस कर रही जांच

Jwala Dhote Complaint Five Women Case Nagpur: नागपुर में अन्याय निवारण मंच की अध्यक्ष ज्वाला धोटे की शिकायत पर पांच महिलाओं के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में मानहानि, धमकी, शीलभंग और स्टॉकिंग जैसे आरोप लगाए गए हैं। ज्वाला धोटे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान निजी जानकारी सार्वजनिक करने की धमकी दिए जाने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विषयसूची
पुलिस शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
Jwala Dhote Complaint Five Women Case Nagpur: नागपुर, 14 जून 2026। सीताबर्डी पुलिस थाने में अन्याय निवारण मंच की अध्यक्ष ज्वाला जांबुवंतराव धोटे की शिकायत पर पांच महिलाओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आरोपी कौन हैं?
पुलिस ने हरीश ग्वालबंशी की पत्नी सारिका हरीश ग्वालबंशी, उनकी भाभी प्रिया शैलेश ग्वालबंशी, साली उज्जु सतीश यादव तथा हरीश और शैलेश ग्वालबंशी के करीबी मित्रों राजू सोनारे और विशाल किरणके की पत्नियों के विरुद्ध यह मामला दर्ज किया है। इन पर बीएनएस की धारा 78, 79, 351(2), 351(3), 356(2) और 3(5) के तहत आरोप हैं।
12 जून की प्रेस कॉन्फ्रेंस बनी शिकायत की वजह
शिकायत के अनुसार, 12 जून 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन महिलाओं ने ज्वाला धोटे के निजी जीवन से जुड़े फोटो, चैट, वीडियो और अन्य सामग्री सार्वजनिक करने की धमकी दी। इस दौरान उनके चरित्र और सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली भाषा का इस्तेमाल किया गया तथा कथित रूप से झूठे और मानहानिकारक आरोप लगाए गए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में निजी फोटो और ऑडियो क्लिप भी प्रस्तुत किए गए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर लगाए गए गंभीर आरोप
धोटे ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी सोशल मीडिया गतिविधियों पर गुप्त रूप से नजर रखी जा रही थी, जिसके चलते पुलिस ने स्टॉकिंग से संबंधित धारा 78 भी लगाई है।
कौन हैं ज्वाला धोटे?
ज्वाला धोटे लंबे समय से सरकारी भूमि, सार्वजनिक संपत्तियों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए सक्रिय हैं। उन्होंने फ्रेंड्स कॉलोनी, काटोल रोड स्थित ऐतिहासिक हनुमान मंदिर, सार्वजनिक कुओं और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के मामले लगातार उठाए हैं। उनका आरोप है कि हरीश और प्रेम ग्वालबंशी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे से जुड़े लोगों से संबद्ध हैं और उन्होंने इनके कथित अवैध निर्माणों के खिलाफ विभिन्न सरकारी एजेंसियों से कार्रवाई की मांग की थी।
इस मामले की आगे की जांच सीताबर्डी पुलिस कर रही है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

