
महाराष्ट्र सरकार ने आम बागवानों के लिए किया राहत का ऐलान AI and Drone Technology for Mango Farming in Maharashtra Sindhudurg: प्राकृतिक आपदाओं के कारण 85 प्रतिशत नुकसान झेल रहे सिंधुदुर्ग के आम बागवानों के लिए महाराष्ट्र सरकार ने राहत का ऐलान किया है। बारामती स्थित ‘एडीटी’ संस्था के माध्यम से आधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और ड्रोन प्रणाली का उपयोग कर आम की खेती का डिजिटल प्रबंधन किया जाएगा, यह महत्वपूर्ण घोषणा पालकमंत्री नितेश राणे ने की। इसके लिए जिला योजना से 4.5 करोड़ रुपये का फंड उपलब्ध कराए जाने की योजना है। कणकवली में नितेश राणे की महत्वपूर्ण घोषणा

महाराष्ट्र सरकार ने आम बागवानों के लिए किया राहत का ऐलान AI and Drone Technology for Mango Farming in Maharashtra Sindhudurg: प्राकृतिक आपदाओं के कारण 85 प्रतिशत नुकसान झेल रहे सिंधुदुर्ग के आम बागवानों के लिए महाराष्ट्र सरकार ने राहत का ऐलान किया है। बारामती स्थित ‘एडीटी’ संस्था के माध्यम से आधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और ड्रोन प्रणाली का उपयोग कर आम की खेती का डिजिटल प्रबंधन किया जाएगा, यह महत्वपूर्ण घोषणा पालकमंत्री नितेश राणे ने की। इसके लिए जिला योजना से 4.5 करोड़ रुपये का फंड उपलब्ध कराए जाने की योजना है। कणकवली में नितेश राणे की महत्वपूर्ण घोषणा

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के भीतर मतभेद सामने आए हैं। इस बार भाजपा और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के बीच एक नकदी विवाद को लेकर तनाव बढ़ गया है। सिंधुदुर्ग जिले के मालवण में भाजपा के एक कार्यकर्ता के घर से कथित तौर पर बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के मामले ने दोनों सहयोगी दलों के बीच खाई को और चौड़ा कर दिया है। शिवसेना विधायक नीलेश राणे द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन के बाद यह मामला राजनीतिक बवाल में तब्दील हो गया है। विवाद की शुरुआत कैसे हुई शिवसेना के विधायक

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के भीतर मतभेद सामने आए हैं। इस बार भाजपा और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के बीच एक नकदी विवाद को लेकर तनाव बढ़ गया है। सिंधुदुर्ग जिले के मालवण में भाजपा के एक कार्यकर्ता के घर से कथित तौर पर बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के मामले ने दोनों सहयोगी दलों के बीच खाई को और चौड़ा कर दिया है। शिवसेना विधायक नीलेश राणे द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन के बाद यह मामला राजनीतिक बवाल में तब्दील हो गया है। विवाद की शुरुआत कैसे हुई शिवसेना के विधायक