Winter Storm Fern 2026: जनवरी 2026 का तीसरा सप्ताह दक्षिणपूर्वी अमेरिका के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। मौसम विभाग ने शीतकालीन तूफान फर्न के आगमन को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। यह तूफान शनिवार से रविवार के बीच इस क्षेत्र में भारी बर्फीली बारिश और ओलावृष्टि ला सकता है। अटलांटा, रैले, शार्लेट, कोलंबिया, नैशविले और मेम्फिस जैसे प्रमुख शहर इस तूफान की चपेट में आने वाले हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, शनिवार की सुबह से ही इन इलाकों में शुरू होने वाली बारिश धीरे-धीरे बर्फीली बारिश और ओलों में बदल जाएगी। यह बदलाव तापमान में अचानक गिरावट के कारण होगा। सबसे बड़ी चिंता यह है कि बर्फ की परत कितनी मोटी होगी और यह कितने समय तक जमा रहेगी। इसी से तय होगा कि नुकसान कितना भयंकर होगा।
शीतकालीन तूफान फर्न की विशेषताएं
यह मौसमी घटना साधारण बर्फबारी से बिल्कुल अलग है। जब बारिश की बूंदें जमी हुई सतहों पर गिरती हैं, तो वे तुरंत बर्फ में बदल जाती हैं। यह प्रक्रिया सड़कों, पेड़ों, बिजली की तारों और इमारतों पर बर्फ की मोटी परत चढ़ा देती है। एक इंच मोटी बर्फ की परत भी पेड़ की शाखाओं को तोड़ सकती है और बिजली के तारों को नीचे गिरा सकती है।
मौसम विभाग ने बताया कि तूफान फर्न की दिशा लगातार बदल रही है। इसका मतलब है कि जिन इलाकों को पहले सुरक्षित माना जा रहा था, वे भी अब खतरे में आ सकते हैं। इसलिए पूरे दक्षिणपूर्वी क्षेत्र को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
किन शहरों को है सबसे ज्यादा खतरा
अटलांटा शहर में शनिवार दोपहर से बर्फीली बारिश शुरू होने की संभावना है। यह शहर इस तरह के मौसम के लिए तैयार नहीं है, इसलिए यहां स्थिति ज्यादा गंभीर हो सकती है। सड़कों पर बर्फ जमने से यातायात पूरी तरह ठप हो सकता है।
रैले और शार्लेट में भी इसी तरह की परिस्थितियां बनने वाली हैं। इन शहरों में पेड़ों की घनी आबादी है, जो बर्फ के भार से टूट सकते हैं। कोलंबिया में रविवार सुबह तक बर्फीली बारिश जारी रहने का अनुमान है।
नैशविले और मेम्फिस को शनिवार रात से रविवार सुबह तक सबसे ज्यादा बर्फ मिल सकती है। इन इलाकों में तापमान शून्य से नीचे चला जाएगा, जिससे स्थिति और खतरनाक हो जाएगी।
बिजली गुल होने का बड़ा खतरा
बर्फीली बारिश का सबसे बड़ा असर बिजली आपूर्ति पर पड़ेगा। जब बर्फ की मोटी परत बिजली की तारों पर जम जाती है, तो उनका वजन कई गुना बढ़ जाता है। इससे तार टूट जाते हैं और बिजली के खंभे गिर जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लाखों घरों की बिजली कई दिनों तक गुल रह सकती है।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि यह घटना बेहद ठंडे मौसम में हो रही है। जब तापमान शून्य से नीचे हो और बिजली न हो, तो लोगों के लिए गर्म रहना बहुत मुश्किल हो जाता है। इसलिए आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह सक्रिय की गई हैं।
यात्रा योजनाओं में बदलाव जरूरी
अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा है कि शनिवार और रविवार को अनावश्यक यात्रा न करें। सड़कें बेहद फिसलन भरी होंगी और दृश्यता भी कम रहेगी। कई राजमार्गों को बंद किया जा सकता है। हवाई अड्डों पर भी उड़ानें रद्द हो सकती हैं।
अगर किसी को जरूरी यात्रा करनी ही है, तो वाहन में आपातकालीन किट जरूर रखें। इसमें गर्म कपड़े, कंबल, टॉर्च, बैटरी, पानी, खाने का सामान, फोन चार्जर और प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स होना चाहिए।
लोगों को क्या करना चाहिए
घर में रहें और बाहर न निकलें। खिड़कियां और दरवाजे अच्छी तरह बंद रखें। पानी की टंकियों को भर लें क्योंकि पाइप जम सकते हैं। मोबाइल फोन और सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह चार्ज कर लें।
अगर बिजली चली जाए तो घर को गर्म रखने के वैकल्पिक उपाय सोच कर रखें। लेकिन घर के अंदर कोयला या लकड़ी नहीं जलाएं, इससे जहरीली गैस बन सकती है। पड़ोसियों की खबर लें, खासकर बुजुर्गों और बीमारों की।
मौसम विभाग की निगरानी
मौसम विज्ञानी लगातार तूफान फर्न की दिशा और गति पर नजर रख रहे हैं। चूंकि इसका रास्ता बदल रहा है, इसलिए अपडेट हर कुछ घंटों में जारी किए जा रहे हैं। लोगों से कहा गया है कि वे रेडियो, टेलीविजन और मौसम ऐप के जरिए ताजा जानकारी लेते रहें।
स्थानीय प्रशासन की तैयारी
Winter Storm Fern 2026: सभी प्रभावित राज्यों ने आपातकाल घोषित कर दिया है। सड़कों पर नमक और रेत छिड़कने की व्यवस्था की गई है। अस्पतालों को अतिरिक्त स्टाफ और दवाओं का स्टॉक रखने को कहा गया है। आश्रय केंद्र खोले जा रहे हैं जहां लोग गर्मी और खाना पा सकें।
बिजली कंपनियों ने अतिरिक्त मरम्मत दल तैनात किए हैं। लेकिन बर्फीली बारिश के दौरान मरम्मत का काम खतरनाक होता है, इसलिए मौसम सुधरने का इंतजार करना पड़ेगा।
ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य
दक्षिणपूर्वी अमेरिका में इस तरह के तूफान दुर्लभ होते हैं, लेकिन जब आते हैं तो भारी तबाही मचाते हैं। 2014 में अटलांटा में एक छोटी सी बर्फीली बारिश ने पूरे शहर को घंटों के लिए ठप कर दिया था। हजारों लोग सड़कों और कार्यालयों में फंस गए थे।
इस बार की घटना उससे कहीं ज्यादा गंभीर हो सकती है क्योंकि बर्फ की मात्रा ज्यादा होगी और तापमान भी बेहद कम रहेगा।
शीतकालीन तूफान फर्न एक गंभीर प्राकृतिक चुनौती है। हालांकि इसकी भविष्यवाणी कर ली गई है, लेकिन इसके प्रभाव को कम करना मुश्किल होगा। जनता और प्रशासन दोनों को मिलकर सतर्क रहना होगा। अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं। सही तैयारी और सावधानी से जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है।