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डीएलएफ की बिक्री में गिरावट, अप्रैल से दिसंबर तक 16 फीसदी कम हुई प्री-सेल्स

DLF Pre-Sales Down: अप्रैल से दिसंबर के बीच 16 फीसदी की गिरावट, जानें पूरी खबर
DLF Pre-Sales Down: अप्रैल से दिसंबर के बीच 16 फीसदी की गिरावट, जानें पूरी खबर (File Photo)
डीएलएफ लिमिटेड की प्री-सेल्स में अप्रैल से दिसंबर के बीच 16 फीसदी की गिरावट आई, जो 16,176 करोड़ रुपये रही। तीसरी तिमाही में बिक्री घटकर 419 करोड़ रुपये रह गई। अल्ट्रा-लक्जरी प्रोजेक्ट 'दहलियास' में री-डिजाइन के कारण बुकिंग रुकी थी। अब कंपनी ने बुकिंग शुरू कर दी है और 20,000-22,000 करोड़ के सालाना लक्ष्य पर आश्वस्त है।
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देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों में से एक डीएलएफ लिमिटेड की बिक्री में इस साल काफी गिरावट देखने को मिली है। कंपनी ने अपने निवेशकों को दी गई जानकारी में बताया कि चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों यानी अप्रैल से दिसंबर के बीच उसकी प्री-सेल्स में 16 फीसदी की कमी आई है। यह आंकड़ा 16,176 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में काफी कम है।

कंपनी के अधिकारियों ने इस गिरावट का मुख्य कारण नए घरों की आपूर्ति में कमी बताया है। हालांकि, डीएलएफ को भरोसा है कि वह अपने सालाना लक्ष्य को हासिल कर लेगी। कंपनी ने इस वित्त वर्ष के लिए 20,000 से 22,000 करोड़ रुपये की बिक्री का लक्ष्य रखा है।

तीसरी तिमाही में भारी गिरावट

डीएलएफ की बिक्री में सबसे ज्यादा गिरावट तीसरी तिमाही में देखी गई। निवेशकों को दिए गए प्रेजेंटेशन के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही यानी अक्टूबर से दिसंबर के बीच कंपनी की सेल्स बुकिंग घटकर महज 419 करोड़ रुपये रह गई। यह पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले बहुत कम है, जब यह आंकड़ा रिकॉर्ड 12,039 करोड़ रुपये था।

यह गिरावट काफी चौंकाने वाली है क्योंकि पिछले साल की तीसरी तिमाही में कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया था। इस बार के आंकड़े उस समय के मुकाबले 96 फीसदी से भी ज्यादा कम हैं।

दहलियास प्रोजेक्ट में रुकी बुकिंग

इस भारी गिरावट के पीछे का मुख्य कारण कंपनी के अल्ट्रा-लक्जरी हाउसिंग प्रोजेक्ट ‘दहलियास’ में बुकिंग का रुकना बताया गया है। डीएलएफ ने स्पष्ट किया कि दिसंबर तिमाही में इस प्रोजेक्ट की नई बुकिंग रोक दी गई थी। इसकी वजह प्रोजेक्ट में फिर से डिजाइन का काम करना था।

कंपनी का कहना है कि यह बदलाव ग्राहकों को बेहतर अनुभव देने के लिए किया गया था। डीएलएफ चाहती थी कि उसके खरीदारों को सबसे अच्छी सुविधाएं और डिजाइन मिले, इसलिए उन्होंने प्रोजेक्ट में कुछ सुधार करने का फैसला लिया।

नई तिमाही में शुरू हुई बुकिंग

अच्छी खबर यह है कि कंपनी ने चालू तिमाही यानी जनवरी से मार्च 2025 के बीच दहलियास प्रोजेक्ट की बुकिंग फिर से शुरू कर दी है। कंपनी को उम्मीद है कि नए डिजाइन और बेहतर सुविधाओं के साथ यह प्रोजेक्ट ग्राहकों को ज्यादा पसंद आएगा और बिक्री में तेजी आएगी।

डीएलएफ के अधिकारियों का मानना है कि चौथी तिमाही में बिक्री बढ़ेगी और कंपनी अपने सालाना लक्ष्य को हासिल कर लेगी। उन्होंने कहा कि नए उत्पाद लॉन्च करने की योजना भी है, जो बिक्री बढ़ाने में मदद करेंगे।

मुनाफे में बढ़ोतरी

बिक्री में गिरावट के बावजूद कंपनी के मुनाफे में अच्छी बढ़ोतरी देखी गई है। दिसंबर तिमाही में डीएलएफ का शुद्ध लाभ 14 फीसदी बढ़ा है। यह कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।

कंपनी ने बताया कि पुराने प्रोजेक्ट्स से मिल रहे पैसे और संपत्तियों की बेहतर कीमतों की वजह से मुनाफा बढ़ा है। इससे साफ होता है कि कंपनी अपने व्यवसाय को अच्छे तरीके से संभाल रही है।

लक्ष्य पूरा करने का भरोसा

डीएलएफ ने अपने निवेशकों को भरोसा दिलाया है कि तीसरी तिमाही और नौ महीनों की कम बिक्री के बावजूद वे अपने सालाना लक्ष्य को हासिल कर लेंगे। कंपनी का कहना है, “हम अपने सालाना मार्गदर्शन को प्राप्त करने में आश्वस्त हैं और अपनी मध्यम अवधि की योजना के अनुसार नए उत्पाद लाते रहेंगे।”

कंपनी की रणनीति साफ है – वे गुणवत्ता पर ध्यान दे रही हैं, न कि सिर्फ संख्या पर। दहलियास प्रोजेक्ट में किए गए बदलाव इस बात का सबूत हैं कि डीएलएफ ग्राहकों को सर्वश्रेष्ठ देना चाहती है।

रियल एस्टेट बाजार की स्थिति

भारतीय रियल एस्टेट बाजार में पिछले कुछ सालों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है। महंगाई, ब्याज दरों में बदलाव और आर्थिक स्थिति का असर इस क्षेत्र पर पड़ता है। लक्जरी सेगमेंट में खरीदार बहुत सोच-समझकर निर्णय लेते हैं।

डीएलएफ मुख्य रूप से प्रीमियम और लक्जरी सेगमेंट में काम करती है। इस सेगमेंट में ग्राहक सुविधाओं, डिजाइन और ब्रांड वैल्यू को बहुत महत्व देते हैं। इसलिए कंपनी का दहलियास प्रोजेक्ट में सुधार करने का फैसला समझदारी भरा है।

आगे की योजनाएं

कंपनी ने अपनी मध्यम अवधि की योजना के तहत नए प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने की तैयारी की है। इनमें आवासीय और व्यावसायिक दोनों तरह की संपत्तियां शामिल हैं। डीएलएफ का मानना है कि भारतीय बाजार में अच्छी गुणवत्ता वाली संपत्तियों की हमेशा मांग रहती है।

कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि वे नए बाजारों में विस्तार करने और मौजूदा प्रोजेक्ट्स को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रहे हैं। उनका लक्ष्य ग्राहकों को सर्वोत्तम अनुभव देना है।

निवेशकों के लिए संदेश

डीएलएफ ने अपने निवेशकों को स्पष्ट संदेश दिया है कि अस्थायी गिरावट चिंता का विषय नहीं है। कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति मजबूत है और वे अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

मुनाफे में बढ़ोतरी से भी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। यह दर्शाता है कि कंपनी की बुनियाद मजबूत है और वे चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हैं।

कुल मिलाकर, डीएलएफ की बिक्री में आई गिरावट अस्थायी लगती है। कंपनी के पास स्पष्ट योजना है और वे अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ रही हैं। रियल एस्टेट बाजार में उनकी मजबूत स्थिति और ब्रांड वैल्यू उन्हें आगे बढ़ने में मदद करेगी।


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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।