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Silver Price Today: चांदी की कीमत में जबरदस्त उछाल, कीमत 3.5 लाख के करीब

Silver Price Today: चांदी की कीमत में बंपर उछाल
Silver Price Today: चांदी की कीमत में बंपर उछाल
भारत में चांदी की कीमत ₹340.10 प्रति ग्राम पर पहुंच गई है। चांदी न सिर्फ आभूषणों बल्कि खाने और निवेश में भी अहम भूमिका निभाती है। सोने की तुलना में सस्ती होने के कारण यह आम आदमी की पसंदीदा कीमती धातु बनी हुई है।
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Silver Price Today: भारत में आज चांदी की कीमत ₹340.10 प्रति ग्राम दर्ज की गई है, जबकि 1 किलोग्राम चांदी का भाव ₹3,40,100 तक पहुंच गया है। यह कीमत न केवल निवेशकों का ध्यान खींच रही है, बल्कि आम लोगों के लिए भी चर्चा का विषय बनी हुई है। चांदी हमेशा से भारतीय संस्कृति और जीवनशैली का अहम हिस्सा रही है। चाहे त्योहार हों, शादी-ब्याह हों या फिर रोजमर्रा के आभूषण, चांदी का इस्तेमाल हर वर्ग में देखने को मिलता है।

सोने के मुकाबले चांदी को आम आदमी की कीमती धातु कहा जाता है, क्योंकि इसकी कीमत अपेक्षाकृत कम होती है और यह आसानी से उपलब्ध भी रहती है। यही वजह है कि भारत में चांदी की मांग लगातार बनी रहती है।

चांदी क्यों है भारत में इतनी लोकप्रिय

भारत में चांदी की लोकप्रियता सिर्फ इसकी कीमत तक सीमित नहीं है। यह धातु धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक, चांदी के आभूषण जैसे पायल, बिछिया, अंगूठी और कड़े आम तौर पर पहने जाते हैं।
कई परिवारों में चांदी को शुभ माना जाता है और बच्चे के जन्म या किसी विशेष अवसर पर चांदी के सिक्के या गहने भेंट करने की परंपरा भी है।

सोने की तुलना में चांदी की कीमत

सोने की तुलना में चांदी काफी सस्ती होती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इसका महत्व कम है। आमतौर पर यह माना जाता है कि लगभग 1 किलोग्राम चांदी की कीमत 15 ग्राम सोने के बराबर होती है। यही अनुपात चांदी को उन लोगों के लिए आकर्षक बनाता है, जो कम बजट में सुरक्षित निवेश करना चाहते हैं।
जहां सोना बड़े निवेशकों की पहली पसंद होता है, वहीं चांदी छोटे निवेशकों और आम परिवारों के लिए बेहतर विकल्प बनकर उभरती है।

भारत के मुख्य शहरों में चांदी के भाव

शहर 10 ग्राम (₹) 100 ग्राम (₹) 1 किलोग्राम (₹)
लखनऊ 3,401 34,010 3,40,100
जयपुर 3,401 34,010 3,40,100
दिल्ली 3,401 34,010 3,40,100
पटना 3,401 34,010 3,40,100
मुंबई 3,401 34,010 3,40,100
अहमदाबाद 3,401 34,010 3,40,100
पुणे 3,401 34,010 3,40,100
कोलकाता 3,401 34,010 3,40,100
मेरठ 3,401 34,010 3,40,100
लुधियाना 3,401 34,010 3,40,100
गुवाहाटी 3,401 34,010 3,40,100
जलगांव 3,401 34,010 3,40,100
इंदौर 3,401 34,010 3,40,100
कानपुर 3,401 34,010 3,40,100
सूरत 3,401 34,010 3,40,100
नागपुर 3,401 34,010 3,40,100
चंडीगढ़ 3,401 34,010 3,40,100
नासिक 3,401 34,010 3,40,100
बैंगलोर 3,401 34,010 3,40,100
अयोध्या 3,401 34,010 3,40,100

आभूषणों में चांदी का बढ़ता चलन

आज के समय में चांदी के आभूषणों का चलन तेजी से बढ़ रहा है। फैशन ज्वेलरी से लेकर पारंपरिक डिजाइन तक, चांदी हर रूप में पसंद की जा रही है। खासकर पायल और अंगूठी के रूप में चांदी का इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है।
युवाओं के बीच भी चांदी की ज्वेलरी लोकप्रिय हो रही है, क्योंकि यह स्टाइलिश होने के साथ-साथ किफायती भी होती है। इसके अलावा चांदी के आभूषण रोजाना पहनने के लिए भी ज्यादा सुविधाजनक माने जाते हैं।

खाने में चांदी का उपयोग और परंपरा

भारत में चांदी का इस्तेमाल सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रयोग खाने में भी बड़े पैमाने पर होता है। मिठाइयों पर लगाई जाने वाली चांदी की वर्क भारतीय खान-पान की एक खास पहचान है।
त्योहारों, शादियों और विशेष अवसरों पर चांदी की वर्क लगी मिठाइयों को शुभ माना जाता है। लोग बड़े चाव से ऐसी मिठाइयों को खाते हैं और मेहमानों को परोसते हैं। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और आज भी उतनी ही लोकप्रिय है।

निवेश के रूप में चांदी का महत्व

बीते कुछ वर्षों में चांदी को निवेश के विकल्प के तौर पर भी देखा जाने लगा है। जिन लोगों के लिए सोना महंगा साबित होता है, वे चांदी में निवेश करना पसंद करते हैं। चांदी के सिक्के, बार और डिजिटल माध्यम से निवेश के विकल्प अब आसानी से उपलब्ध हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक मांग और पारंपरिक उपयोग के चलते चांदी की कीमतों में लंबी अवधि में स्थिरता बनी रहती है। यही वजह है कि निवेश पोर्टफोलियो में चांदी को शामिल करना एक संतुलित फैसला माना जाता है।

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Dipali Kumari

दीपाली कुमारी पिछले तीन वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में कार्यरत हैं। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर लिखने में उनकी विशेष रुचि है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को धारदार लेखन के माध्यम से सामने लाना उनका प्रमुख लक्ष्य है।