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मेट्रो यात्रियों के लिए खुशखबरी: अब वापसी के लिए अलग से टिकट लेने की जरूरत नहीं

Metro Return QR Coded Paper Ticket Facility Kolkata: वापसी यात्रा के लिए अब अलग से टिकट नहीं लेना होगा
Metro Return QR Coded Paper Ticket Facility Kolkata: वापसी यात्रा के लिए अब अलग से टिकट नहीं लेना होगा (IG Photo)
कोलकाता मेट्रो ने यात्रियों की सुविधा के लिए रिटर्न क्यूआर कोडेड पेपर टिकट की सुविधा प्रायोगिक तौर पर शुरू की है। यह सुविधा सभी कॉरिडोर में उपलब्ध है। अब यात्रियों को वापसी के लिए अलग से टिकट खरीदने की जरूरत नहीं होगी। इससे समय की बचत होगी और स्टेशनों पर भीड़ कम होगी। वापसी यात्रा उसी दिन पूरी करनी होगी जो टिकट पर लिखा है।
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कोलकाता मेट्रो रेलवे ने अपने यात्रियों के लिए एक नई और बेहद सुविधाजनक व्यवस्था शुरू की है। अब मेट्रो से सफर करने वाले लोगों को वापसी के लिए अलग से टिकट खरीदने के लिए लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। मेट्रो रेलवे प्रशासन ने रिटर्न क्यूआर कोडेड पेपर टिकट की सुविधा प्रायोगिक तौर पर शुरू कर दी है। यह सुविधा कोलकाता मेट्रो के सभी कॉरिडोर में उपलब्ध है। 24 जनवरी 2026 को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में इस नई सुविधा की जानकारी दी गई।

मेट्रो यात्रियों के लिए बड़ी राहत

रोजाना लाखों लोग कोलकाता मेट्रो से सफर करते हैं। इनमें से कई यात्री दिन में दो बार मेट्रो का इस्तेमाल करते हैं – एक बार अपने गंतव्य पर जाने के लिए और दूसरी बार वापस घर लौटने के लिए। पहले यात्रियों को दोनों बार अलग-अलग टिकट खरीदने पड़ते थे। इसका मतलब था कि उन्हें दो बार टिकट काउंटर पर लाइन में लगना पड़ता था। खासकर शाम के समय जब ऑफिस खत्म होते हैं, तब टिकट काउंटर पर भीड़ बहुत ज्यादा होती है। इससे यात्रियों का काफी समय बर्बाद होता था।

अब नई व्यवस्था के तहत यात्री सुबह ही अपनी वापसी यात्रा का टिकट भी ले सकते हैं। इस टिकट पर क्यूआर कोड होगा जिसे स्कैन करके यात्री वापसी के समय सीधे मेट्रो में प्रवेश कर सकते हैं। इससे यात्रियों के समय की बचत होगी और उनकी आवाजाही में सुविधा होगी।

क्यूआर कोड तकनीक से लैस टिकट

यह रिटर्न टिकट साधारण पेपर टिकट नहीं है बल्कि इस पर विशेष क्यूआर कोड छपा होता है। क्यूआर कोड एक प्रकार का डिजिटल बारकोड है जिसे मशीन आसानी से पढ़ सकती है। जब यात्री वापसी के समय मेट्रो स्टेशन पर आएंगे तो उन्हें सिर्फ अपने टिकट को स्कैनर पर दिखाना होगा। सिस्टम टिकट की जानकारी पढ़कर गेट खोल देगा।

यह तकनीक पूरी तरह सुरक्षित और भरोसेमंद है। हर टिकट पर अलग क्यूआर कोड होता है इसलिए नकली टिकट बनाना संभव नहीं है। साथ ही टिकट पर तारीख भी छपी होती है जिससे यह सुनिश्चित होता है कि टिकट केवल निर्धारित दिन ही इस्तेमाल किया जा सके।

सभी कॉरिडोर में उपलब्ध सुविधा

यह सुविधा केवल किसी एक मेट्रो लाइन तक सीमित नहीं है। मेट्रो रेलवे प्रशासन ने इसे कोलकाता के सभी मेट्रो कॉरिडोर में लागू किया है। चाहे आप ब्लू लाइन से यात्रा करें, ग्रीन लाइन से या किसी अन्य कॉरिडोर से, आप इस रिटर्न टिकट की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

कोलकाता मेट्रो नेटवर्क लगातार बढ़ रहा है। नई लाइनें जुड़ रही हैं और पुरानी लाइनों का विस्तार हो रहा है। ऐसे में सभी कॉरिडोर में एक साथ यह सुविधा शुरू करना यात्रियों के लिए बड़ी राहत है। इससे किसी भी रूट पर यात्रा करने वाले लोग इस सुविधा का फायदा उठा सकते हैं।

प्रायोगिक आधार पर शुरुआत

फिलहाल यह सुविधा प्रायोगिक आधार पर शुरू की गई है। इसका मतलब है कि मेट्रो प्रशासन इस व्यवस्था को परखना चाहता है। अगले कुछ हफ्तों में वे देखेंगे कि यात्री इस सुविधा का कितना उपयोग कर रहे हैं और क्या कोई तकनीकी या व्यावहारिक समस्या आ रही है।

प्रायोगिक चरण के दौरान यात्रियों की प्रतिक्रिया भी जुटाई जाएगी। अगर यह व्यवस्था सफल रहती है और यात्रियों को पसंद आती है तो इसे स्थायी रूप से लागू किया जा सकता है। मेट्रो प्रशासन का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सेवा देना और उनके सफर को अधिक सुविधाजनक बनाना है।

टिकट सुरक्षित रखना जरूरी

मेट्रो प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपना टिकट वापसी यात्रा तक सुरक्षित रखें। अगर टिकट खो जाता है या फट जाता है तो क्यूआर कोड काम नहीं करेगा। ऐसी स्थिति में यात्री को नया टिकट खरीदना पड़ सकता है।

टिकट पर तारीख लिखी होगी और वापसी यात्रा उसी तारीख को पूरी करनी होगी। अगर आप अगले दिन उसी टिकट से यात्रा करने की कोशिश करेंगे तो सिस्टम इसे स्वीकार नहीं करेगा। इसलिए यात्रियों को योजना बनाकर टिकट खरीदना चाहिए।

समय की बचत और बेहतर सुविधा

इस नई व्यवस्था से यात्रियों के समय की काफी बचत होगी। खासकर उन लोगों के लिए यह बहुत फायदेमंद है जो रोजाना ऑफिस जाने के लिए मेट्रो का इस्तेमाल करते हैं। वे सुबह ही अपनी दोनों यात्राओं के टिकट ले सकते हैं। शाम को जब सभी लोग घर लौट रहे होते हैं, उन्हें लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा।

इससे मेट्रो स्टेशनों पर भीड़ भी कम होगी। टिकट काउंटर पर दबाव कम होगा और स्टाफ अन्य जरूरी कामों पर ध्यान दे सकेंगे। समग्र रूप से यह व्यवस्था मेट्रो सेवा को अधिक कुशल बनाएगी।

आधुनिकीकरण की दिशा में कदम

रिटर्न क्यूआर कोडेड टिकट की शुरुआत कोलकाता मेट्रो के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। दुनिया भर की बड़े शहरों में मेट्रो सेवाएं तकनीक का उपयोग करके यात्रियों को बेहतर सुविधा दे रही हैं। कोलकाता मेट्रो भी इसी दिशा में आगे बढ़ रही है।

पहले से ही मेट्रो में स्मार्ट कार्ड और मोबाइल ऐप के जरिए टिकटिंग की सुविधा है। अब रिटर्न टिकट जुड़ने से विकल्प और बढ़ गए हैं। यात्री अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी तरीके को चुन सकते हैं।

यात्रियों की प्रतिक्रिया सकारात्मक

नई सुविधा की घोषणा के बाद यात्रियों की प्रतिक्रिया काफी सकारात्मक रही है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसका स्वागत किया है। रोजाना मेट्रो से यात्रा करने वाले कामकाजी लोग खासतौर पर इस सुविधा से खुश हैं।

एक नियमित यात्री ने कहा कि यह बहुत अच्छी पहल है। शाम को ऑफिस से निकलने के बाद टिकट काउंटर पर लंबी लाइन देखकर परेशानी होती थी। अब वापसी का टिकट पहले से होगा तो सीधे मेट्रो में घुस सकेंगे।

कोलकाता मेट्रो रेलवे द्वारा शुरू की गई रिटर्न क्यूआर कोडेड पेपर टिकट सुविधा यात्रियों के लिए एक स्वागत योग्य कदम है। यह न केवल समय की बचत करेगी बल्कि मेट्रो स्टेशनों पर भीड़ को भी नियंत्रित करने में मदद करेगी। प्रायोगिक चरण में इसकी सफलता के बाद यह स्थायी सुविधा बन सकती है। मेट्रो प्रशासन की यह पहल दिखाती है कि वे यात्रियों की जरूरतों को समझते हैं और उनकी सुविधा के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।