जरूर पढ़ें

नांदेड में हिंद-दी-चादर कार्यक्रम: लंगर सेवा से मिल रहा समानता और मानवता का संदेश

Nanded Hind Di Chadar 2026: लंगर सेवा में दिख रहा समानता और सेवाभाव का अद्भुत दृश्य
Nanded Hind Di Chadar 2026: लंगर सेवा में दिख रहा समानता और सेवाभाव का अद्भुत दृश्य
नांदेड में गुरु तेग बहादुर साहिब की 350वीं शहीदी पर आयोजित हिंद-दी-चादर कार्यक्रम में लंगर सेवा के माध्यम से समानता और मानवता का संदेश दिया जा रहा है। आठ मंडपों में लाखों श्रद्धालुओं को बिना भेदभाव भोजन कराया जा रहा है। हजारों स्वयंसेवक निस्वार्थ सेवा में जुटे हैं।
Updated:

महाराष्ट्र के नांदेड शहर में इन दिनों एक ऐसा दृश्य देखने को मिल रहा है, जो हर किसी का दिल छू रहा है। श्री गुरु तेग बहादुर साहिबजी की 350वीं शहीदी के उपलक्ष्य में आयोजित ‘हिंद-दी-चादर’ कार्यक्रम में लंगर सेवा के माध्यम से मानवता, समानता और भाईचारे का जीवंत संदेश पूरे देश को मिल रहा है। यह सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उस महान परंपरा की झलक है जो हमें सिखाती है कि इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है।

Nanded Hind Di Chadar 2026: लंगर सेवा में दिख रहा समानता और सेवाभाव का अद्भुत दृश्य
Nanded Hind Di Chadar 2026: लंगर सेवा में दिख रहा समानता और सेवाभाव का अद्भुत दृश्य

लंगर सेवा – महज भोजन नहीं, बल्कि एक जीवन दर्शन

जब आप नांदेड के इस विशाल कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते हैं, तो सबसे पहले जो चीज आपको आकर्षित करती है, वह है लंगर की व्यवस्था। आठ विशाल मंडपों में फैली यह सेवा केवल पेट भरने का माध्यम नहीं है। यह उस विचारधारा का प्रतीक है जो कहती है कि चाहे कोई राजा हो या रंक, ब्राह्मण हो या शूद्र, स्त्री हो या पुरुष – सभी एक समान हैं।

लाखों श्रद्धालुओं के लिए चलाई जा रही इस लंगर सेवा में देश के कोने-कोने से आए लोग एक साथ बैठकर भोजन कर रहे हैं। यह दृश्य सामाजिक समरसता का वह आदर्श प्रस्तुत करता है, जिसकी आज के समय में सबसे ज्यादा जरूरत है।

सेवा में डूबे हजारों स्वयंसेवक

इस लंगर की सबसे खूबसूरत बात यह है कि यहां सेवा करने वाले हर व्यक्ति के चेहरे पर एक अलग ही संतोष और खुशी झलकती है। सिख समुदाय के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों, युवाओं और महिलाओं ने इस सेवा में अपना योगदान दिया है।

Nanded Hind Di Chadar 2026: लंगर सेवा में दिख रहा समानता और सेवाभाव का अद्भुत दृश्य
Nanded Hind Di Chadar 2026: लंगर सेवा में दिख रहा समानता और सेवाभाव का अद्भुत दृश्य

सुबह के तड़के से लेकर देर रात तक ये स्वयंसेवक बिना किसी थकान के लगातार काम में जुटे रहते हैं। कोई सब्जियां काट रहा है, तो कोई रोटियां बना रहा है। कोई बर्तन धो रहा है, तो कोई पंगत में भोजन परोस रहा है। हर कोई इस मंत्र को जी रहा है कि ‘सेवा ही सच्ची साधना है’।

समानता का जीवंत पाठ

लंगर में जब आप चारों ओर नजर दौड़ाते हैं, तो आपको एक अद्भुत दृश्य दिखाई देता है। यहां न कोई छोटा है, न कोई बड़ा। न कोई अमीर है, न कोई गरीब। सभी लोग एक ही पंक्ति में जमीन पर बैठकर भोजन कर रहे हैं। यह व्यवस्था समाज को यह सिखाती है कि भगवान की नजर में सभी बराबर हैं।

बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं, पुरुष – सभी को एक जैसा सम्मान और एक जैसा भोजन परोसा जाता है। यह परंपरा सिख धर्म की देन है, लेकिन इसका संदेश पूरी मानवता के लिए है।

Nanded Hind Di Chadar 2026: लंगर सेवा में दिख रहा समानता और सेवाभाव का अद्भुत दृश्य
Nanded Hind Di Chadar 2026: लंगर सेवा में दिख रहा समानता और सेवाभाव का अद्भुत दृश्य

सुव्यवस्थित प्रबंधन की मिसाल

इतनी बड़ी संख्या में लोगों को भोजन कराना कोई आसान काम नहीं है। लेकिन जिला प्रशासन, नांदेड महानगरपालिका और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के बेहतरीन समन्वय से यह कार्य बखूबी संपन्न हो रहा है।

स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य जांच के लिए अलग से टीम तैनात है। भोजन की गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। यह प्रबंधन यह साबित करता है कि जब सामूहिक प्रयास होते हैं, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता।

आज के समय में लंगर परंपरा की प्रासंगिकता

आज जब समाज में जाति, धर्म और भाषा के नाम पर विभाजन की दीवारें खड़ी की जा रही हैं, तब लंगर जैसी परंपरा हमें एकता का पाठ पढ़ाती है। यह बताती है कि असली धर्म प्रेम, सेवा और समानता में है, न कि आडंबरों में।

Nanded Hind Di Chadar 2026: लंगर सेवा में दिख रहा समानता और सेवाभाव का अद्भुत दृश्य

नांदेड का यह आयोजन पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है। यह दर्शाता है कि हमारी सांस्कृतिक विरासत में ऐसे मूल्य मौजूद हैं जो समाज को जोड़ने का काम करते हैं। ‘हिंद-दी-चादर’ कार्यक्रम के माध्यम से गुरु तेग बहादुर साहिब की शहादत को याद करते हुए, हम उनके द्वारा दिखाए गए त्याग और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा ले सकते हैं।

यह लंगर सेवा हमें सिखाती है कि सच्ची आस्था वह है जो हमें दूसरों की सेवा के लिए प्रेरित करे, और सच्ची समानता वह है जो केवल शब्दों में नहीं, बल्कि व्यवहार में दिखाई दे।


Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Gangesh Kumar

Rashtra Bharat में Writer, Author और Editor। राजनीति, नीति और सामाजिक विषयों पर केंद्रित लेखन। BHU से स्नातक और शोधपूर्ण रिपोर्टिंग व विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं।