सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल
दुनिया भर में बढ़ती अनिश्चितता के बीच सोने और चांदी की कीमतों में अगले सप्ताह भी मजबूती बने रहने की पूरी संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजार में चल रही उथल-पुथल और व्यापारिक तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश की तरफ रुख कर रहे हैं। इसका सीधा असर सोने और चांदी की मांग पर देखने को मिल रहा है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर सोने और चांदी दोनों ने ही रिकॉर्ड ऊंचाई को छू लिया है। पिछले सप्ताह सोने की कीमतों में करीब 9.5 प्रतिशत की जबरदस्त तेजी देखी गई। शुक्रवार को सोना 1,59,226 रुपये प्रति 10 ग्राम के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। वहीं चांदी ने भी पहली बार तीन लाख रुपये प्रति किलोग्राम का आंकड़ा पार कर लिया।
निवेशकों की नजर किन बातों पर
अगले सप्ताह कारोबारियों और निवेशकों का ध्यान कई महत्वपूर्ण घटनाओं पर रहेगा। सबसे पहले अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में व्यापार शुल्क को लेकर हो रही सुनवाई पर सभी की नजर टिकी हुई है। इसके अलावा अमेरिका की फेडरल रिजर्व यानी केंद्रीय बैंक जो ब्याज दरों के बारे में फैसला करेगी, उसका भी बाजार पर गहरा असर पड़ सकता है।
भारत में एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए जाने वाले केंद्रीय बजट 2026-27 पर भी सभी की निगाहें हैं। इस बजट में सोने पर आयात शुल्क और अन्य राजकोषीय नीतियों में जो बदलाव होंगे, उनका सीधा असर घरेलू सोने के बाजार पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों की राय
जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड में जिंस और मुद्रा शोध के उपाध्यक्ष प्रणव मेर का कहना है कि सोने की कीमतों में सकारात्मक रुख बना रहेगा। उनके मुताबिक अगर कीमतों में थोड़ी भी गिरावट आती है तो यह खरीदारी का सुनहरा अवसर होगा। उनका मानना है कि ट्रंप के व्यापार शुल्क मामले में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर सबका ध्यान केंद्रित रहेगा।
प्रणव मेर ने यह भी कहा कि निवेशकों की नजर अमेरिका, भारत और जर्मनी के मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर रहेगी। इसके साथ ही चीन के व्यापार और निवेश से जुड़े आंकड़े भी महत्वपूर्ण रहेंगे। फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की टिप्पणियां भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
एमसीएक्स में सोने-चांदी का प्रदर्शन
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में पिछले सप्ताह सोने के वायदा भाव में 13,520 रुपये यानी 9.5 प्रतिशत की जबरदस्त तेजी देखी गई। शुक्रवार को सोना 1,59,226 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।
चांदी में भी लगातार तेजी बनी रही। सप्ताह के दौरान चांदी में 46,937 रुपये यानी 16.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। सबसे खास बात यह रही कि चांदी ने पहली बार तीन लाख रुपये प्रति किलोग्राम का आंकड़ा पार कर लिया। यह चांदी के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग
एंजल वन के विशेषज्ञ प्रथमेश माल्या के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण सुरक्षित निवेश की मांग में तेजी आई है। पिछले सप्ताह एमसीएक्स में सोने की कीमत 1.43 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से बढ़कर लगभग 1.6 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई।
प्रथमेश माल्या ने बताया कि अमेरिका द्वारा ईरान की ओर युद्ध पोत भेजने और ईरानी तेल नेटवर्क पर प्रतिबंध लगाने के फैसले से बाजार में जोखिम और बढ़ गया है। इस तरह की घटनाओं के कारण निवेशक अपना पैसा सुरक्षित जगहों पर लगाना चाहते हैं, और सोना-चांदी सबसे सुरक्षित माने जाते हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में रिकॉर्ड स्तर
सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी ने रिकॉर्ड स्तर छुए हैं। कॉमेक्स में सोने के वायदा भाव में पिछले सप्ताह 384.3 डॉलर यानी 8.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। शुक्रवार को सोना 4,991.40 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
चांदी ने भी इतिहास रचा है। चांदी की कीमतों में 12.7 अमेरिकी डॉलर यानी 14.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह पहली बार 100 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गई। अंत में चांदी 101.33 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई। यह चांदी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
भू-राजनीतिक और आर्थिक कारण
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के जिंस विशेषज्ञ मानव मोदी ने कहा कि चांदी ने पहली बार 100 डॉलर का आंकड़ा पार किया, जबकि कॉमेक्स में सोना 5,000 अमेरिकी डॉलर से कुछ नीचे रहा। भू-राजनीतिक और मैक्रोइकोनॉमिक यानी व्यापक आर्थिक कारणों में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच कीमतों में पूरे सप्ताह उतार-चढ़ाव बना रहा।
मानव मोदी ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन और कुछ यूरोपीय संघ के देशों पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की थी। इस घोषणा के बाद सोने की मांग में तेजी आई। हालांकि बाद में दावोस में ट्रंप की शुल्क को लेकर नरम टिप्पणियों के बाद कीमतों में आई तेजी कुछ हद तक कम हुई। इन टिप्पणियों से उनके रुख में नरमी के संकेत मिले।
ब्याज दरों में बदलाव की संभावना
फेडरल रिजर्व के इस महीने ब्याज दर में कोई बदलाव की संभावना नहीं है। प्रणव मेर का कहना है कि हालांकि कमजोर श्रम बाजार की स्थिति को देखते हुए इस साल कम से कम दो बार ब्याज दरों में कटौती का अनुमान जताया जा रहा है।
जब ब्याज दरें कम होती हैं तो सोने और चांदी में निवेश करना ज्यादा फायदेमंद हो जाता है। क्योंकि बैंकों में पैसा रखने पर कम ब्याज मिलता है, इसलिए लोग अपना पैसा सोने और चांदी में लगाना पसंद करते हैं।
ईटीएफ निवेशकों की बढ़ती रुचि
व्यापार शुल्क पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले ईटीएफ यानी एक्सचेंज ट्रेडेड फंड निवेशकों ने सोना और चांदी की खरीद जारी रखी है। यह दिखाता है कि संस्थागत निवेशकों को भी सोने और चांदी की कीमतों में और तेजी की उम्मीद है।
ईटीएफ के माध्यम से सोने और चांदी में निवेश करना आसान होता है और इससे बाजार में तरलता भी बनी रहती है। जब बड़े निवेशक सोना-चांदी खरीदते हैं तो इससे कीमतों में और तेजी आती है।
बजट का असर
एक फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2026-27 से सोने के बाजार पर असर पड़ने की उम्मीद है। अगर सरकार सोने पर आयात शुल्क में कोई बदलाव करती है तो इसका सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ेगा।
पिछले कुछ बजटों में सोने पर आयात शुल्क में बदलाव किए गए हैं। अगर इस बार शुल्क कम किया जाता है तो सोना सस्ता हो सकता है, लेकिन अगर शुल्क बढ़ाया जाता है तो कीमतें और बढ़ सकती हैं।
निवेशकों के लिए सलाह
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सोने या चांदी की कीमतों में कोई गिरावट आती है तो यह खरीदारी का अच्छा मौका होगा। लंबी अवधि में सोना और चांदी हमेशा सुरक्षित निवेश माने गए हैं।
हालांकि निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार ही निवेश करें। सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव होता रहता है, इसलिए सावधानी से निवेश करना जरूरी है।
बाजार में छुट्टी
घरेलू जिंस बाजार 77वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार को बंद रहेंगे। मंगलवार से बाजार फिर से खुलेगा और तब कीमतों की दिशा साफ होगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगले सप्ताह बाजार में अच्छी खासी गतिविधि देखने को मिल सकती है। खासकर केंद्रीय बजट के दिन और उसके बाद के दिनों में कीमतों में अच्छी हलचल हो सकती है।
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