विमान हादसे में अजित पवार का असमय निधन
Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र की राजनीति को बड़ा झटका लगा है। राज्य के उप-मुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष अजित पवार का बुधवार की सुबह विमान हादसे में निधन हो गया। यह दुखद घटना बारामती एयरपोर्ट पर घटी जब उनका चार्टर्ड विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पूरे राज्य में शोक की लहर है और राजनीतिक गलियारों में सन्नाटा छाया हुआ है।
अजित पवार एक अनुभवी राजनेता थे जिन्होंने महाराष्ट्र की राजनीति में अहम भूमिका निभाई। उनके अचानक निधन से राज्य की राजनीति में एक बड़ा खालीपन आ गया है। बारामती उनका गढ़ था और वहीं पर उनकी आखिरी यात्रा इतनी दुखद हो जाएगी, यह किसी ने नहीं सोचा था।
Indian media reporting the crash of a business jet this morning has claimed the life of Maharashtra Deputy Chief Minister Ajit Pawar and 4 others. The aircraft was attempting a second approach to Baramati Airport when it crashed. https://t.co/0RKiD9sZVU pic.twitter.com/1kcoWgc3I1
— Flightradar24 (@flightradar24) January 28, 2026
विमान की पूरी यात्रा का ब्यौरा
फ्लाइट रडार की जानकारी के अनुसार, बम्बार्डियर लियरजेट 45 विमान जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर VT-SSK था, दिल्ली की वीएसआर एविएशन कंपनी के नाम पर रजिस्टर्ड था। यह विमान छोटी दूरी की यात्राओं के लिए बेहद उपयुक्त माना जाता है और आमतौर पर इसकी सुरक्षा रिकॉर्ड अच्छी रही है।
विमान के उड़ान रिकॉर्ड बताते हैं कि 25 जनवरी की रात 10 बजकर 11 मिनट पर यह विमान सूरत से उड़ा और रात 11 बजकर 9 मिनट पर मुंबई पहुंच गया। अगले दिन यानी 26 जनवरी को शाम 4 बजकर 57 मिनट पर यह फिर से सूरत के लिए रवाना हुआ और शाम 5 बजकर 26 मिनट पर वहां उतर गया।
इसके बाद 26 जनवरी की रात 11 बजकर 46 मिनट पर विमान फिर से सूरत से उड़ा और देर रात 12 बजकर 22 मिनट पर मुंबई आ गया। उस समय से यह विमान 27 जनवरी को पूरा दिन मुंबई एयरपोर्ट पर खड़ा रहा।
हादसे की घड़ी
28 जनवरी की सुबह 8 बजकर 10 मिनट पर यह विमान अजित पवार को लेकर मुंबई से बारामती के लिए रवाना हुआ। मुंबई से बारामती की दूरी कम है और यह यात्रा सामान्य तौर पर एक घंटे से भी कम समय में पूरी हो जाती है। लेकिन इस बार कुछ अलग हुआ।
जब विमान बारामती एयरपोर्ट पर पहुंचा तो लैंडिंग के दौरान कुछ तकनीकी समस्या आई। पहली बार लैंडिंग की कोशिश नाकाम रही। इसके बाद पायलट ने फिर से कोशिश करने का फैसला किया और विमान को हवा में एक चक्कर लगाकर दोबारा लैंडिंग के लिए तैयार किया।
दूसरी लैंडिंग में हुआ हादसा
दूसरी बार जब विमान बारामती की हवाई पट्टी की तरफ बढ़ रहा था, तभी यह भयानक हादसा हो गया। विमान अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया और जमीन से टकरा गया। इस हादसे में विमान में सवार सभी लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें अजित पवार भी शामिल थे।
हवाई हादसों के जानकार बताते हैं कि लैंडिंग के दौरान होने वाले हादसे सबसे खतरनाक होते हैं। खासकर जब दूसरी बार कोशिश की जा रही हो तो तनाव और दबाव दोनों ज्यादा होते हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि आखिर हादसे की असली वजह क्या थी।
राजनीतिक हलकों में शोक की लहर
अजित पवार के निधन की खबर सुनते ही पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस तुरंत बारामती के लिए रवाना हो गए। पवार परिवार के सभी सदस्य भी मौके पर पहुंच गए।
राजनीतिक दलों ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए। विधानसभा में शोक प्रस्ताव पारित किया गया। प्रधानमंत्री से लेकर विपक्ष के नेताओं तक सभी ने शोक जताया और पवार परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
अजित पवार का राजनीतिक सफर
अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति में एक अहम नाम थे। उन्होंने कई बार विधायक और मंत्री के रूप में राज्य की सेवा की। बारामती उनका राजनीतिक गढ़ था जहां से उन्होंने लगातार चुनाव जीते।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में उनकी भूमिका बेहद अहम थी। पार्टी के संगठन को मजबूत करने में उनका बड़ा योगदान रहा। वे जमीनी स्तर के नेता थे और जनता से सीधा संवाद रखते थे।
परिवार और समाज सेवा
अजित पवार केवल एक राजनेता ही नहीं थे बल्कि समाज सेवा में भी उनकी गहरी रुचि थी। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई योजनाएं शुरू कीं। किसानों के हित में उन्होंने हमेशा आवाज उठाई।
उनके परिवार में पत्नी और बच्चे हैं जो इस समय गहरे दुख में हैं। पूरा पवार परिवार महाराष्ट्र की राजनीति में सक्रिय रहा है और अजित पवार उसके महत्वपूर्ण स्तंभ थे।
जांच शुरू
विमान हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक टीम भेजी है जो हादसे की वजह का पता लगाएगी। विमान के ब्लैक बॉक्स को खोजने की कोशिश की जा रही है जिससे हादसे के समय क्या हुआ था, इसका पता चल सके।
हवाई सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जांच में कई पहलुओं को देखा जाएगा। मौसम की स्थिति, विमान की तकनीकी हालत, पायलट का अनुभव और एयरपोर्ट की सुविधाएं, सभी की जांच होगी।
राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र सरकार ने घोषणा की है कि अजित पवार का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ गुरुवार को किया जाएगा। राज्य में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। इस दौरान सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।
बारामती में अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हजारों लोग उन्हें आखिरी श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंच रहे हैं। राज्य के सभी जिलों से लोग बारामती आ रहे हैं।
आगे की राजनीति पर असर
अजित पवार के निधन से महाराष्ट्र की राजनीति पर गहरा असर पड़ेगा। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को एक मजबूत नेता का नुकसान हुआ है। पार्टी के भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
राज्य सरकार में भी उनकी अनुपस्थिति महसूस होगी। उप-मुख्यमंत्री के रूप में वे कई महत्वपूर्ण फैसले लेते थे और उनकी राजनीतिक समझ का सभी सम्मान करते थे।
अजित पवार का जाना महाराष्ट्र की राजनीति के लिए एक बड़ा नुकसान है। एक अनुभवी नेता, कुशल प्रशासक और जनता के हमदर्द का इस तरह अचानक चले जाना दुखद है। उनकी विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब नई पीढ़ी के नेताओं पर होगी। पूरा देश इस कठिन घड़ी में पवार परिवार के साथ खड़ा है।