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नागपुर, विश्वविद्यालय की कराटे टीम की लड़कियों से ट्रेन में बदसलूकी, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने झाड़ा पल्ला

नागपुर, विश्वविद्यालय की कराटे टीम की लड़कियों से ट्रेन में बदसलूकी, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने झाड़ा पल्ला
Nagpur University karate team girls misbehavior train: नागपुर विश्वविद्यालय की कराटे टीम की लड़कियों से फाल्कम एक्सप्रेस में बदसलूकी, कोच अलग बर्थ में थे, आरपीएफ भी देर से पहुंची। (Photo by Reporter जस्सी)

Nagpur University karate team girls misbehavior train: नागपुर विश्वविद्यालय की लड़कियों की कराटे टीम प्रतियोगिता के लिए उड़ीसा जा रही थी। भुवनेश्वर के बाद फालकम एक्सप्रेस ट्रेन में सफर के दौरान कुछ मनचलों ने छात्राओं के साथ बदसलूकी की। छात्राओं ने अपने परिजनों को वीडियो भेजकर जानकारी दी। बाद में अगले स्टेशन पर आरपीएफ पहुंची और कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे।

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Asfi Shadab
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नागपुर विश्वविद्यालय की कराटे टीम की लड़कियों के साथ ट्रेन में बदसलूकी

Nagpur University karate team girls misbehavior train: नागपुर। नागपुर विश्वविद्यालय की महिला कराटे टीम के साथ ओडिशा जाते समय ट्रेन में बदसलूकी की घटना सामने आई है। घटना रविवार सुबह ट्रेन नंबर 12704 फाल्कम एक्सप्रेस में उस समय हुई जब टीम की लड़कियां बालेश्वर के लिए सफर कर रही थीं।

टीम में 10 से 12 लड़कियां थीं, जो पहले पुरी-अहमदाबाद ट्रेन से सुबह 11 बजे नागपुर से ओडिशा के लिए रवाना हुई थीं। भुवनेश्वर पहुंचने के बाद उन्होंने फाल्कम एक्सप्रेस पकड़ी। नागपुर विश्वविद्यालय की ओर से टीम के साथ एक लेडी कोच और एक जेंट्स कोच भेजे गए थे, लेकिन दोनों कोच अलग बर्थ में थे और लड़कियां अलग-अलग बर्थ में बंटी हुई थीं।

इसी दौरान ट्रेन में सवार कुछ मनचले लड़कों ने लड़कियों के साथ बदसलूकी की। घबराई हुई लड़कियों ने रोते हुए अपने माता-पिता से संपर्क किया और वीडियो भी शेयर किया। आरपीएफ को तुरंत फोन किया गया, लेकिन वह मौके पर देर से पहुंची। अगले स्टेशन पर आरपीएफ ने कुछ आरोपी युवकों को हिरासत में लिया।

सफर के दौरान मनचलों की हरकत से छात्राएं डरीं, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना की जानकारी मिलने पर जब नागपुर विश्वविद्यालय के खेल विभाग से संपर्क किया गया, तो सभी अधिकारियों ने टालमटोल भरे जवाब दिए। यह घटना विश्वविद्यालय प्रशासन की उस लापरवाही को उजागर करती है, जिसमें मेडल आने पर श्रेय लेने वाली यूनिवर्सिटी, खिलाड़ियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी से मुंह फेर लेती है।

विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।