Vikas Thakre Nagpur: नागपुर में 30 जनवरी को शहीद दिवस के मौके पर एक खास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में नागपुर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पश्चिम नागपुर से विधायक विकास ठाकरे ने महात्मा गांधी के विचारों की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब देश में नफरत और विभाजन का माहौल बनाया जा रहा है, तब गांधी जी के सत्य और अहिंसा के विचार ही देश को एकजुट रख सकते हैं।
व्हरायटी चौक पर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पहार चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। यह कार्यक्रम नागपुर शहर कांग्रेस कमेटी और वैश्विक अहिंसा दिवस आयोजन समिति के साथ मिलकर आयोजित किया गया था।
गांधी जी के विचारों की आज भी है जरूरत
विकास ठाकरे ने अपने भाषण में स्पष्ट किया कि महात्मा गांधी ने जिन मूल्यों की नींव रखी थी, वे आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि सत्य और अहिंसा केवल शब्द नहीं हैं, बल्कि ये वो मूल्य हैं जिन पर हमारा देश खड़ा है। गांधी जी ने बिना हथियार उठाए, केवल अपने विचारों और सत्य की ताकत से अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया था।
आज जब देश में असहिष्णुता का माहौल बनाया जा रहा है, लोगों को धर्म, जाति और भाषा के आधार पर बांटा जा रहा है, तब गांधी जी के विचारों को याद करना और उन पर चलना बेहद जरूरी हो गया है। विकास ठाकरे ने कहा कि यदि हम इन मूल्यों से दूर हुए तो यह देश की एकता और अखंडता के लिए बेहद खतरनाक साबित होगा।
संवैधानिक मूल्यों को कमजोर करने के प्रयास
विधायक विकास ठाकरे ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि महात्मा गांधी के विचारों पर आधारित भारत एक समावेशी, लोकतांत्रिक और संविधान के प्रति निष्ठावान देश है। लेकिन आजकल सत्ता की लालसा में कुछ लोग संवैधानिक मूल्यों को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि संविधान हमारे देश की आधारशिला है और इसे कमजोर करना देश की जनता के साथ विश्वासघात है। गांधी जी ने हमेशा समानता, बंधुत्व और सामाजिक न्याय की बात की थी। आज भी हमें इन्हीं मूल्यों को अपने जीवन में उतारना होगा।
कांग्रेस पार्टी का संकल्प
विकास ठाकरे ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से गांधी जी के विचारों पर चलने वाली पार्टी रही है। पार्टी सत्य, अहिंसा, समानता, बंधुत्व और सामाजिक न्याय के विचारों के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी। कांग्रेस यह सुनिश्चित करेगी कि देश में संविधान के मूल्यों की रक्षा हो और लोकतंत्र मजबूत बने।
उन्होंने कहा कि चाहे कितनी भी मुश्किलें आएं, कांग्रेस पार्टी गांधी जी के रास्ते पर चलते हुए देश की एकता और अखंडता की रक्षा करेगी। पार्टी के कार्यकर्ता और नेता इस संकल्प के साथ आगे बढ़ेंगे कि देश में किसी भी तरह की नफरत या विभाजन को जगह नहीं मिलेगी।
नागपुर में बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ता
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता, नगरसेवक और कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने गांधी जी की प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पित किया और दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री और वैश्विक अहिंसा दिवस आयोजन समिति के अध्यक्ष विलास मुत्तेमवार भी मौजूद थे।
विधान परिषद सदस्य अभिजीत वंजारी के साथ-साथ कांग्रेस के कई पदाधिकारी भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में कहा कि गांधी जी के विचार आज भी देश के लिए मार्गदर्शक हैं और इन्हें अपनाकर ही देश को सही दिशा में ले जाया जा सकता है।
शहीद दिवस का महत्व
30 जनवरी का दिन भारतीय इतिहास में शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन 1948 में नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। गांधी जी ने अपना पूरा जीवन देश की आजादी और सामाजिक समरसता के लिए समर्पित कर दिया था। उनकी शहादत को याद करते हुए हर साल इस दिन को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है।
इस दिन देशभर में गांधी जी को श्रद्धांजलि दी जाती है और उनके विचारों को याद किया जाता है। नागपुर में भी यह कार्यक्रम उसी भावना के साथ आयोजित किया गया था।
लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता की रक्षा का संकल्प
Vikas Thakre Nagpur: कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने एक साथ मिलकर संकल्प लिया कि वे गांधी जी के विचारों पर चलेंगे और देश के लोकतंत्र, राष्ट्रीय एकता और संविधान की रक्षा करेंगे। सभी ने कहा कि चाहे कितनी भी कोशिश की जाए, देश को तोड़ा नहीं जा सकता। भारत की विविधता ही इसकी ताकत है और इसे बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है।
विकास ठाकरे ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा कि आज के युवाओं को गांधी जी के विचारों को समझना और अपनाना बेहद जरूरी है। केवल तभी हम एक मजबूत और समृद्ध भारत का निर्माण कर सकते हैं। नफरत से नहीं, प्रेम से ही देश आगे बढ़ सकता है। अहिंसा और सत्य की राह पर चलकर ही हम सच्चे अर्थों में गांधी जी को सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं।
कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने इस संदेश को अपने दिल में बसाया और यह प्रतिज्ञा ली कि वे अपने जीवन में गांधी जी के आदर्शों को अपनाएंगे। नागपुर का यह कार्यक्रम एक बार फिर साबित करता है कि महात्मा गांधी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और उन पर चलकर ही देश को सही दिशा में ले जाया जा सकता है।