Rashtra Bharat Logo

नागपुर विश्वविद्यालय में शहीदों को श्रद्धांजलि

नागपुर विश्वविद्यालय में शहीदों को श्रद्धांजलि
Nagpur University Martyrs Tribute: नागपुर विश्वविद्यालय में शहीदों को मौन श्रद्धांजलि

Nagpur University Martyrs Tribute: राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में गांधी जी की पुण्यतिथि पर शहीदों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कुलगुरु डॉ. मानाली क्षीरसागर की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।

Updated:
·by
Asfi Shadab
Asfi Shadab
Share:

विषयसूची

नागपुर विश्वविद्यालय में शहीदों को मौन श्रद्धांजलि

राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में आज एक भावपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देश की आजादी के लिए अपनी जान गंवाने वाले शहीदों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। यह कार्यक्रम शुक्रवार 30 जनवरी 2026 को जमनालाल बजाज प्रशासनिक भवन के सभागृह में हुआ।

कुलगुरु की अध्यक्षता में हुआ कार्यक्रम

इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय कुलगुरु डॉ. मानाली क्षीरसागर ने की। कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. राजू हिवसे भी मुख्य रूप से मौजूद थे। विश्वविद्यालय के सभी विभागों के प्रमुख और कर्मचारी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

गांधी जी की पुण्यतिथि का विशेष महत्व

आज का दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि है। इस दिन पूरे देश में शहीदों को याद किया जाता है। महाराष्ट्र सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने इस बारे में एक परिपत्र भी जारी किया था। इस परिपत्र के अनुसार देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सभी शहीदों की याद में दो मिनट का मौन रखा जाता है।

शहीदों के बलिदान को याद करना जरूरी

हमारे देश की आजादी के लिए अनगिनत वीर योद्धाओं ने अपनी जान दी है। इन शहीदों के बलिदान को याद रखना हमारा कर्तव्य है। उनके त्याग और बलिदान की वजह से ही आज हम एक स्वतंत्र देश में सांस ले रहे हैं। यही कारण है कि हर साल 30 जनवरी को पूरे देश में शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है।

विश्वविद्यालय में व्यापक उपस्थिति

इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में वित्त एवं लेखा अधिकारी श्री हरीश पालीवाल भी उपस्थित थे। विभिन्न विद्याशाखाओं के अधिष्ठाता, शैक्षणिक विभागों के प्रमुख, शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी बड़ी संख्या में इस कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी ने मिलकर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

शिक्षा संस्थानों की जिम्मेदारी

शिक्षा संस्थानों का यह दायित्व है कि वे अपने छात्रों और कर्मचारियों में देशभक्ति की भावना जगाएं। नागपुर विश्वविद्यालय ने इस कार्यक्रम के जरिए यह दिखाया है कि वे अपनी इस जिम्मेदारी को समझते हैं। ऐसे कार्यक्रम युवाओं में राष्ट्रीय चेतना जगाने का काम करते हैं।

गांधी जी के आदर्शों का महत्व

महात्मा गांधी ने अहिंसा और सत्य के रास्ते पर चलकर देश को आजादी दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उनके आदर्श आज भी हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। गांधी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें याद करना और उनके आदर्शों को अपनाना हमारा कर्तव्य है।

शहीद दिवस का संदेश

30 जनवरी को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमारी आजादी मुफ्त में नहीं मिली है। इसके लिए हजारों लोगों ने अपनी जान गंवाई है। हमें इन शहीदों के सपनों का भारत बनाने के लिए मेहनत करनी चाहिए।

समाज में एकता की जरूरत

आज के समय में देश में एकता और भाईचारा बनाए रखना बहुत जरूरी है। शहीदों ने जिस भारत का सपना देखा था, वह एक ऐसा देश था जहां सभी धर्म और जाति के लोग मिलकर रहें। हमें उनके इस सपने को पूरा करने के लिए काम करना चाहिए।

नागपुर विश्वविद्यालय का यह कार्यक्रम एक अच्छी शुरुआत है। ऐसे कार्यक्रम समाज में राष्ट्रीय भावना को मजबूत बनाते हैं और युवाओं को सही दिशा देते हैं।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।
Asfi Shadab

Asfi Shadab

असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।