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Nagpur News: विदर्भ के युवाओं को मौका देने के लिए फायरमैन भर्ती पर जल्द फैसला करने की मांग

Nagpur News: विदर्भ के युवाओं को मौका देने के लिए फायरमैन भर्ती पर जल्द फैसला करने की मांग
Vidarbha Fireman Recruitment CM Devendra Fadnavis Demand: विदर्भ के युवाओं को मौका देने के लिए फायरमैन भर्ती पर जल्द फैसला करने की मांग (Photo: RB / Jassi)

Vidarbha Fireman Recruitment CM Devendra Fadnavis Demand: नागपुर महानगरपालिका की फायरमैन भर्ती में नए सेवा प्रवेश नियम लागू होने के बाद पहले पात्र रहे कई अभ्यर्थी अपात्र हो गए हैं। नगरसेवक अतुल कोटेचा ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस को पत्र लिखकर पुराने नियमों के तहत आवेदन करने वाले युवाओं को मौका देने, नियुक्ति के बाद नया प्रशिक्षण पूरा कराने और भर्ती प्रक्रिया पर जल्द फैसला लेने की मांग की है।

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Asfi Shadab
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फायरमैन भर्ती में बदलाव से युवाओं की बढ़ी चिंता

Vidarbha Fireman Recruitment CM Devendra Fadnavis Demand: नागपुर महानगरपालिका के अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग में अग्निशामक फायरमैन रेस्क्यूअर पद की भर्ती प्रक्रिया में शैक्षणिक योग्यता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नागपुर महानगरपालिका के मनोनीत नगरसेवक अतुल कोटेचा ने इस मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।

कोटेचा के अनुसार, भर्ती विज्ञापन प्रकाशित करते समय लागू सेवा प्रवेश नियमों के तहत महाराष्ट्र अग्निशमन सेवा अकादमी, राज्य अग्निशमन प्रशिक्षण केंद्र, महाराष्ट्र राज्य तकनीकी शिक्षा मंडल (एमएसबीटी) और अखिल भारतीय स्थानीय स्वराज्य संस्था (ऐल्सग) के प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को वैध योग्यता माना गया था। इसी आधार पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आवेदन किया।

लेकिन 9 जून 2026 के शासन निर्णय के तहत संशोधित नियमों में एमएसबीटी और ऐल्सग के पाठ्यक्रमों को मान्यता सूची से हटा दिया गया, जिससे कई पात्र अभ्यर्थी अपात्र हो गए। इससे अभ्यर्थियों, प्रशिक्षण संस्थाओं और अन्य हितधारकों की ओर से आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं, और मामले के न्यायालय में जाने की आशंका भी जताई जा रही है।

मुख्यमंत्री से जल्द फैसला लेने की मांग

पत्र में यह भी उल्लेख है कि 7 जनवरी 2026 को नगर विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में एमएसबीटी और ऐल्सग उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को नियुक्ति के बाद दो वर्ष के भीतर राज्य अग्निशमन प्रशिक्षण केंद्र का प्रशिक्षण पूरा करने की शर्त पर मौका देने पर सकारात्मक चर्चा हुई थी।

कोटेचा ने मांग की है कि संशोधित नियम-2026 प्रकाशित होने तक कम से कम छह माह का प्रशिक्षण पूरा कर चुके अभ्यर्थियों को मौजूदा भर्ती प्रक्रिया में पात्र माना जाए, और नियुक्ति के बाद दो साल के भीतर नए नियमों के अनुसार प्रशिक्षण पूरा करने की शर्त रखी जाए।

अब निगाहें राज्य सरकार के जवाब पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि भर्ती प्रक्रिया प्रभावित सैकड़ों अभ्यर्थियों के लिए किस दिशा में आगे बढ़ती है।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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