नागपुर में खराब सड़क मरम्मत को लेकर ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की मांग

Amrut 2 Road Repair Contractor Blacklist Demand Nagpur: नागपुर में अमृत-2 योजना के तहत सिविल लाइंस, सीपी क्लब और रविनगर क्षेत्र में पाइपलाइन कार्य के बाद हुई सड़क मरम्मत की गुणवत्ता पर नगरसेवक अभिजीत झा ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने, भुगतान रोकने, स्वतंत्र गुणवत्ता जांच कराने, खराब काम दोबारा कराने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। आयुक्त ने स्थल निरीक्षण का आश्वासन दिया।
विषयसूची
अमृत-2 योजना के सड़क कार्य पर उठे सवाल
Amrut 2 Road Repair Contractor Blacklist Demand Nagpur: नागपुर महानगरपालिका के प्रभाग क्रमांक 14 अंतर्गत सिविल लाइंस, सीपी क्लब तथा रविनगर शासकीय कॉलोनी क्षेत्र में अमृत-2 योजना के तहत पाइपलाइन कार्य के बाद हुई घटिया सड़क मरम्मत को लेकर नगरसेवक एवं स्थायी समिति सदस्य अभिजीत झा ने महानगरपालिका आयुक्त डॉ. विपीन इटनकर से ठेकेदार एम/एस अभी इंजीनियरिंग को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की है।
आयुक्त को सौंपे शिकायत पत्र में झा ने बताया कि कई स्थानों पर सड़कें ऊंची-नीची छोड़ी गई हैं, निम्न गुणवत्ता की भराई की गई है और जगह-जगह गड्ढे दिखाई दे रहे हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायत के बावजूद विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
झा ने यह भी बताया कि इस ठेकेदार के खिलाफ पहले भी महानगरपालिका आर्थिक दंड और पुलिस शिकायत दर्ज कर चुकी है, फिर भी कार्य की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ। उन्होंने राजनीतिक संरक्षण और जलप्रदाय विभाग के अधिकारियों की लापरवाही का आरोप लगाते हुए थर्ड पार्टी गुणवत्ता जांच, ठेकेदार के भुगतान रोकने, निकृष्ट कार्य दोबारा कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
ठेकेदार पर कार्रवाई और गुणवत्ता जांच की मांग
आयुक्त डॉ. विपीन इटनकर ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित क्षेत्रों का स्वयं स्पॉट निरीक्षण करने का आश्वासन दिया।
नगरसेवक अभिजीत झा ने कहा, “प्रभाग के नागरिकों की जान से खिलवाड़ करने वाले घटिया गुणवत्ता के कार्य किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। राजनीतिक संरक्षण के बल पर मनमानी करने वाले ठेकेदारों और उन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी ही चाहिए। संबंधित ठेकेदार को तत्काल ब्लैकलिस्ट किया जाए और उसके सभी भुगतान रोके जाएं। जब तक पूरे क्षेत्र की सड़कें दोबारा गुणवत्तापूर्ण तरीके से नहीं बन जातीं, तब तक हम इस मुद्दे पर लगातार संघर्ष और फॉलो-अप जारी रखेंगे।”
आयुक्त के आश्वासन के बाद अब देखना यह होगा कि स्पॉट निरीक्षण के बाद महानगरपालिका ठेकेदार के विरुद्ध क्या ठोस कार्रवाई करती है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

