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नागपुर विश्वविद्यालय में पदार्थ विज्ञान पर पहला प्रशिक्षण शिविर सफलतापूर्वक पूरा हुआ

नागपुर विश्वविद्यालय में पदार्थ विज्ञान पर पहला प्रशिक्षण शिविर सफलतापूर्वक पूरा हुआ
Nagpur University functional materials bootcamp: नागपुर विश्वविद्यालय में पदार्थ विज्ञान पर पहला प्रशिक्षण शिविर सफलतापूर्वक पूरा हुआ (Image: AI)

Nagpur University functional materials bootcamp: राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग और एमआरएसआई नागपुर शाखा ने 22 जून से 4 जुलाई 2026 तक पदार्थ विज्ञान पर पहला प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया। इसमें विद्यार्थियों, शोधार्थियों और युवा शिक्षकों को आधुनिक शोध तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। समापन समारोह में प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।

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Asfi Shadab
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पदार्थ विज्ञान की पढ़ाई को मिला नया बढ़ावा

Nagpur University functional materials bootcamp: नागपुर। राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग और मटेरियल्स रिसर्च सोसायटी ऑफ इंडिया (एमआरएसआई), नागपुर शाखा के संयुक्त तत्वावधान में “फंक्शनल मैटेरियल्स डिज़ाइन एंड स्ट्रक्चर–प्रॉपर्टी को-रिलेशन” विषय पर पहला बूट कैंप 22 जून से 4 जुलाई 2026 तक सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।

दो सप्ताह के इस आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्नातकोत्तर विद्यार्थियों, शोधार्थियों और युवा प्राध्यापकों को एडवांस्ड फंक्शनल मैटेरियल्स से संबंधित गहन प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों के व्याख्यान, प्रयोगशाला आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण, संवादात्मक चर्चा और समस्या समाधान सत्र शामिल थे। प्रतिभागियों को मैटेरियल्स सिंथेसिस, एक्स-रे डिफ्रैक्शन एक्सआरडी (XRD), रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी, एफटीआईआर (FTIR), इम्पीडेंस स्पेक्ट्रोस्कोपी तथा डाइलेक्ट्रिक स्पेक्ट्रोस्कोपी जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।

भौतिकी विभागाध्यक्ष डॉ. संजय ढोबले ने कहा, “अत्याधुनिक प्रयोगशाला सुविधाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को अनुभवात्मक शिक्षा देना तथा कक्षा शिक्षण और आधुनिक शोध के बीच की दूरी कम करना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।”

आधुनिक प्रयोगशाला में मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण

बूट कैंप की समन्वयक डॉ. स्मिता आचार्य ने बताया, “ऊर्जा भंडारण, ऊर्जा संग्रहण, सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक मैटेरियल्स तथा सतत प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए सक्षम शोधकर्ताओं के निर्माण में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।”

समापन समारोह में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और सफल प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय ने इसे शोध, नवाचार और उन्नत पदार्थ विज्ञान के क्षेत्र में अपनी प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया तथा कुलगुरु डॉ. मनाली क्षीरसागर व प्र-कुलगुरु डॉ. अखिलेश पेशवे के मार्गदर्शन के प्रति आभार व्यक्त किया।

विश्वविद्यालय के अनुसार, ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आगे भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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