Rashtra Bharat Logo

Khushishala Rajasthan: ‘खुशीशाला’ से बच्चों के चेहरे पर लौटेगी मुस्कान, अब स्कूलों में पढ़ाई के साथ खुश रहना भी सीखेंगे बच्चे

Khushishala Rajasthan: ‘खुशीशाला’ से बच्चों के चेहरे पर लौटेगी मुस्कान, अब स्कूलों में पढ़ाई के साथ खुश रहना भी सीखेंगे बच्चे
Khushishala Rajasthan : ‘खुशीशाला’ से बच्चों के चेहरे पर लौटेगी मुस्कान, अब स्कूलों में पढ़ाई के साथ खुश रहना भी सीखेंगे बच्चे ( Image - AI )

School Happiness Program : राजस्थान सरकार ने 'खुशीशाला' पहल शुरू की है, जिसके तहत सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाई के साथ मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत बनाने पर भी जोर दिया जाएगा। खेल, कहानियों और गतिविधियों के जरिए बच्चों का आत्मविश्वास, व्यवहार और सीखने की क्षमता विकसित की जाएगी, जबकि शिक्षकों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

Updated:
·by
Priyanka C. Mishra
Priyanka C. Mishra
Share:

विषयसूची

पढ़ाई के साथ मन का भी होगा ख्याल

Khushishala Rajasthan: अगर कोई बच्चा स्कूल में चुप-चुप रहने लगे, छोटी-सी बात पर गुस्सा करने लगे या पढ़ाई में मन न लगाए, तो अक्सर इसे उसकी आदत समझ लिया जाता है। लेकिन कई बार इसके पीछे तनाव, डर या मन की कोई परेशानी होती है। अब राजस्थान सरकार चाहती है कि स्कूल ऐसे बच्चों को सिर्फ पढ़ाएं ही नहीं, बल्कि उन्हें समझें भी। इसी सोच के साथ राज्य में ‘खुशीशाला’ नाम की नई पहल शुरू की गई है। इस कार्यक्रम का मकसद बच्चों को ऐसी जगह देना है, जहां वे खुलकर हंस सकें, अपनी बात कह सकें और बिना किसी डर के सीख सकें।

1,500 सरकारी स्कूलों से हुई है शुरुआत

शुरुआत फिलहाल करीब 1,500 सरकारी स्कूलों से हुई है, लेकिन आने वाले समय में इसे 12 हजार से ज्यादा स्कूलों तक पहुंचाने की तैयारी है। आज बच्चों की जिंदगी पहले जैसी आसान नहीं रही। छोटी उम्र में ही पढ़ाई का दबाव, प्रतियोगिता, मोबाइल की लत और बदलती पारिवारिक परिस्थितियां उनके व्यवहार पर असर डाल रही हैं। कई बच्चे अपनी परेशानियां किसी से कह नहीं पाते और धीरे-धीरे तनाव में रहने लगते हैं। यही वजह है कि अब स्कूलों में सिर्फ किताबें नहीं पढ़ाई जाएंगी, बल्कि बच्चों को अपनी भावनाओं को समझना, गुस्से को संभालना, दोस्ती निभाना और मुश्किल समय में खुद को मजबूत रखना भी सिखाया जाएगा।

दो जिलों में किया गया था पहला प्रयोग

इस योजना को सीधे पूरे राज्य में लागू नहीं किया गया। सबसे पहले साल 2024 में सिरोही और बांसवाड़ा के सरकारी स्कूलों में इसका ट्रायल किया गया। यहां शिक्षकों ने बच्चों के साथ खेल, कहानियां, समूह गतिविधियां और बातचीत के जरिए काम किया। कुछ महीनों बाद जो नतीजे सामने आए, उन्होंने सभी को हैरान कर दिया। बच्चों में पहले से ज्यादा आत्मविश्वास दिखा। वे कक्षा में खुलकर बोलने लगे और पढ़ाई में भी उनकी रुचि बढ़ी। आंकड़ों के मुताबिक 53 फीसदी बच्चों के सामाजिक और भावनात्मक व्यवहार में सुधार हुआ, जबकि बालिकाओं में यह सुधार 69 फीसदी तक पहुंच गया।

अब हर स्कूल में होगा एक ऐसा शिक्षक जो बच्चों को समझेगा

सरकार चाहती है कि हर सरकारी स्कूल में कम से कम एक ऐसा शिक्षक हो, जो बच्चों की मानसिक और भावनात्मक जरूरतों को समझ सके। इसके लिए 11,305 शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे पहले 165 शिक्षक प्रशिक्षित किए जा चुके हैं। राज्य के 33 डाइट संस्थानों में भी शिक्षकों को तैयार किया जा रहा है, ताकि वे आगे दूसरे शिक्षकों को भी प्रशिक्षित कर सकें।

खेल-खेल में सीखेंगे जरूरी बातें

खुशीशाला की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें बच्चों पर किसी तरह का अतिरिक्त पढ़ाई का बोझ नहीं डाला जाएगा। वे खेल खेलेंगे, कहानियां सुनेंगे, चित्र बनाएंगे, दोस्तों के साथ मिलकर गतिविधियां करेंगे और इसी दौरान सीखेंगे कि अपनी भावनाओं को कैसे समझना है, दूसरों की बात कैसे सुननी है और छोटी-छोटी समस्याओं का हल कैसे निकालना है। यानी सीखने का तरीका पूरी तरह बच्चों की दुनिया के मुताबिक होगा।

शिक्षकों की सोच भी बदलेगी

इस कार्यक्रम में सिर्फ बच्चों को नहीं, बल्कि शिक्षकों को भी नई तरह की ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्हें तीन दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद 21 दिन का ऑडियो लर्निंग प्रोग्राम होगा, जिसमें उन्हें बताया जाएगा कि अगर कोई बच्चा उदास रहता है, गुस्सा करता है या खुद में सिमटने लगता है तो उसे कैसे समझें और उसकी मदद कैसे करें।

राजस्थान ने उठाया नई सोच वाला कदम

Khushishala Rajasthan: राजस्थान सरकार का कहना है कि स्कूल सिर्फ अच्छे अंक लाने की जगह नहीं होने चाहिए। स्कूल ऐसी जगह होने चाहिए, जहां बच्चा सुरक्षित महसूस करे, अपनी बात खुलकर कह सके और हर दिन खुशी के साथ सीखने आए। अगर यह पहल सफल रही, तो आने वाले समय में 12 हजार से ज्यादा स्कूलों और लाखों बच्चों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। आखिरकार, एक खुश बच्चा ही बेहतर तरीके से सीख सकता है। शायद इसी सोच को सच करने की कोशिश है ‘खुशीशाला’, जहां पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों की मुस्कान को भी उतनी ही अहमियत दी जाएगी।


Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।
Priyanka C. Mishra

Priyanka C. Mishra

प्रियंका सी. मिश्रा वरिष्ठ हिंदी कंटेंट राइटर और पत्रकार हैं, जिन्हें समाचार लेखन, डिजिटल कंटेंट निर्माण, स्क्रिप्टिंग, रिपोर्टिंग और विश्लेषण के क्षेत्र में व्यापक अनुभव प्राप्त है। वे सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक विषयों के साथ-साथ बॉलीवुड, ज्योतिष, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल जैसे विविध विषयों पर तथ्यपरक और शोध आधारित लेखन करती हैं। जटिल मुद्दों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करना उनकी विशेषता है, जिससे उनकी सामग्री व्यापक पाठक वर्ग के लिए सहज और विश्वसनीय बनती है। अनुभव : हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री में कार्य करते हुए उन्होंने समाचार लेखन, फीचर स्टोरी, विश्लेषणात्मक लेख और यूट्यूब स्क्रिप्टिंग में मजबूत पहचान बनाई है। विभिन्न समसामयिक और जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता उन्हें एक बहुमुखी कंटेंट विशेषज्ञ के रूप में स्थापित करती है। वर्तमान फोकस : वे समाचार, सोशल ट्रेंड्स, एंटरटेनमेंट, ज्योतिष, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर डिजिटल ऑडियंस के लिए जानकारीपूर्ण और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करती हैं। उनकी प्राथमिकता तथ्यों की सटीकता, निष्पक्ष प्रस्तुति और पाठकों के लिए उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराना है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • समाचार लेखन और विश्लेषण : राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक विषयों पर स्पष्ट और संतुलित रिपोर्टिंग एवं विश्लेषण। • बॉलीवुड और एंटरटेनमेंट : फिल्म, सेलिब्रिटी और मनोरंजन जगत से जुड़े ट्रेंड्स और अपडेट्स पर लेखन। • ज्योतिष और लाइफस्टाइल : ज्योतिष, स्वास्थ्य, रिलेशनशिप और दैनिक जीवन से जुड़े विषयों पर सरल एवं उपयोगी कंटेंट निर्माण। • यूट्यूब स्क्रिप्टिंग और डिजिटल कंटेंट : डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक, ऑडियंस-केंद्रित और रिसर्च आधारित स्क्रिप्ट तैयार करने में विशेषज्ञता। • हिंदी कंटेंट निर्माण : सरल, प्रभावी और SEO-फ्रेंडली हिंदी कंटेंट तैयार करने का अनुभव। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, निष्पक्ष दृष्टिकोण और संवेदनशील लेखन शैली के कारण प्रियंका सी. मिश्रा ने पाठकों के बीच एक विश्वसनीय हिंदी कंटेंट राइटर और डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल के रूप में अपनी पहचान बनाई है। समाचार और डिजिटल मीडिया के प्रति उनकी प्रतिबद्धता तथा विविध विषयों पर निरंतर लेखन अनुभव उनकी विशेषज्ञता और विश्वसनीयता को मजबूत बनाता है।