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नागपुर विश्वविद्यालय में रेशम पालन, मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन के नए कौशल आधारित प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू

नागपुर विश्वविद्यालय में रेशम पालन, मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन के नए कौशल आधारित प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू
Nagpur University sericulture beekeeping mushroom courses: नागपुर विश्वविद्यालय में रेशम पालन, मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन के नए कौशल आधारित प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू (Photo: RB / Jassi)

Nagpur University sericulture beekeeping mushroom courses: राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के सीएसबीआर केंद्र ने रेशम पालन, मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन के कौशल आधारित प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इन पाठ्यक्रमों में व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों, किसानों और युवाओं को स्वरोजगार तथा रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।

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Asfi Shadab
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रेशम, मधुमक्खी और मशरूम उत्पादन के नए कौशल पाठ्यक्रम शुरू

Nagpur University sericulture beekeeping mushroom courses: नागपुर, 6 जुलाई 2026: राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के रेशम पालन एवं जैव संसाधन प्रबंधन अनुसंधान केंद्र (सीएसबीआर) ने रेशम पालन, मधुमक्खी पालन तथा मशरूम उत्पादन पर कौशल आधारित प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। इनका उद्देश्य विद्यार्थियों, किसानों और विदर्भ के युवक-युवतियों को स्वरोजगार व उद्यमिता के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है।

केंद्र में 60 दिवसीय रेशम पालन प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम तथा दो सप्ताह के मधुमक्खी पालन एवं मशरूम उत्पादन प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके अलावा स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए 15 दिवसीय ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण (4 क्रेडिट), किसानों के लिए दो माह का रेशम पालन प्रशिक्षण, एक वर्षीय डिप्लोमा इन सेरिकल्चर तथा पीजी डिप्लोमा इन सेरिकल्चर बायोटेक्नोलॉजी भी संचालित किए जा रहे हैं।

Nagpur University sericulture beekeeping mushroom courses: नागपुर विश्वविद्यालय में रेशम पालन, मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन के नए कौशल आधारित प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू
Nagpur University sericulture beekeeping mushroom courses: नागपुर विश्वविद्यालय में रेशम पालन, मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन के नए कौशल आधारित प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू (Photo: RB / Jassi)

प्रशिक्षण पूरा करने के बाद रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे

केंद्र किसानों को तकनीकी परामर्श, खेतों का दौरा और समस्याओं के समाधान की सुविधा भी देता है। पीएचडी, एमएससी बायोटेक और बीएससी बायोटेक के विद्यार्थियों को शोध कार्य के लिए आधुनिक प्रयोगशाला उपकरण भी उपलब्ध कराए जाते हैं।

केंद्र की निदेशक डॉ. (श्रीमती) वी. टी. धुर्वे हैं। मार्गदर्शन में डॉ. सुरेश कुमार रैना (अंतरराष्ट्रीय सलाहकार, आईसीआईपीई (ICIPE), केन्या), डॉ. मनोज एम. राय, डॉ. मोहन के. राठौड़ तथा सहायक प्राध्यापक नयन कुंभारे शामिल हैं। प्रशिक्षण का संचालन प्रशिक्षक सचिन कराडभाजणे करेंगे।

पाठ्यक्रम में रेशम कीट पालन, मधुमक्खी प्रबंधन, वैज्ञानिक मशरूम उत्पादन, मूल्य संवर्धन और उद्यमिता के अवसरों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। पूर्ण करने पर प्रतिभागियों को स्वरोजगार व कृषि-जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिलेंगे।

Nagpur University sericulture beekeeping mushroom courses: नागपुर विश्वविद्यालय में रेशम पालन, मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन के नए कौशल आधारित प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू
Nagpur University sericulture beekeeping mushroom courses: नागपुर विश्वविद्यालय में रेशम पालन, मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन के नए कौशल आधारित प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू (Photo: RB / Jassi)

रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।