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दक्षिण नागपुर में स्कूल वैनों की जांच की उठी मांग, शिवसेना ने पुलिस को सौंपा ज्ञापन

दक्षिण नागपुर में स्कूल वैनों की जांच की उठी मांग, शिवसेना ने पुलिस को सौंपा ज्ञापन
दक्षिण नागपुर में स्कूल वैनों की जांच की उठी मांग, शिवसेना ने पुलिस को सौंपा ज्ञापन

दक्षिण नागपुर में स्कूल वैनों की सुरक्षा और यातायात नियमों के उल्लंघन का मुद्दा गरमा गया है। शिवसेना ने अजनी यातायात पुलिस को ज्ञापन सौंपकर नाबालिग चालकों, बिना सत्यापन चल रही वैनों और नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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Dipali Kumari
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Nagpur School Van News: दक्षिण नागपुर में स्कूल वैनों द्वारा यातायात नियमों के कथित उल्लंघन और विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर शिवसेना ने आवाज उठाई है। कल शनिवार को दक्षिण नागपुर शिवसेना के पदाधिकारियों ने अजनी यातायात नियंत्रण शाखा के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुरेश वासेकर को ज्ञापन सौंपकर स्कूल वैनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

वाहन चालक अक्सर करते हैं नियमों की अनदेखी

यह ज्ञापन विधानसभा संयोजक विशाल कोरके और धम्मा सोनटक्के के नेतृत्व में सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि हुडकेश्वर, नरसाला, पिपला, बेसा, भगत ले-आउट और रिंग रोड के आसपास स्थित कई स्कूलों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं स्कूल वैन और निजी वाहनों से आवागमन करते हैं। इन क्षेत्रों में कई स्थानों पर यातायात सिग्नलों की कमी और पुलिस निगरानी पर्याप्त नहीं होने के कारण वाहन चालक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।

 नाबालिग चालक चला रहे कई स्कूल वैन

शिवसेना ने आरोप लगाया कि कई स्कूल वैन नाबालिग चालक चला रहे हैं। इसके अलावा स्कूल वैन के नाम पर निजी नंबर वाले वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। कई वाहनों पर चालक और मालिक का मोबाइल नंबर अंकित नहीं है तथा पुलिस सत्यापन भी नहीं कराया गया है। कुछ मामलों में चालकों द्वारा शराब के नशे में वाहन चलाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। वहीं कई वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा और अन्य जरूरी दस्तावेजों की भी नियमित जांच नहीं हो रही है।

ज्ञापन के माध्यम से शिवसेना ने मांग की कि स्कूल वैन चालकों, वाहन मालिकों और अभिभावकों के लिए जागरूकता एवं मार्गदर्शन कार्यशालाएं आयोजित की जाएं। साथ ही यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों और मालिकों के खिलाफ सख्त एवं त्वरित कार्रवाई की जाए, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

इस दौरान नीलिमा शास्त्री, राकेश भोंदले, निरंजन नाकाडे, अतुल डहाके, रुपेश ठाकरे, आजाद ठाकुर, अखिलेश भुगावकर सहित शिवसेना के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।