बंगाल की राजनीति में बढ़ी सियासी हलचल! टीएमसी भवन पर कब्जे के आरोप से लेकर 21 जुलाई कार्यक्रम तक विवाद तेज

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। तृणमूल भवन पर कब्जे के आरोप, सांसद अभिषेक बनर्जी को वॉयस सैंपल देने के अदालत के निर्देश और 21 जुलाई के कार्यक्रम को लेकर पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेद ने राज्य की सियासत को फिर गर्मा दिया है।
विषयसूची
West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर मतभेद खुलकर सामने आते दिखाई दे रहे हैं। पार्टी के कुछ विधायकों पर तृणमूल भवन पर कब्जा करने का आरोप लगाया गया है, वहींके शहीद दिवस कार्यक्रम को लेकर भी पार्टी के भीतर अलग-अलग राय सामने आ रही है।
ऋतब्रत बनर्जी समेत कई विधायकों पर लगा आरोप
जानकारी के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के तृणमूल भवन पर ऋतब्रत बनर्जी समेत पार्टी के कुछ विधायकों द्वारा कब्जा करने का आरोप लगाया गया है। इस मामले ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।
अभिषेक बनर्जी को वॉयस सैंपल देने का निर्देश
इधर, टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को चुनाव के दौरान दिए गए एक बयान से जुड़े एफआईआर मामले में अदालत ने अपना वॉयस सैंपल देने का निर्देश दिया है। अदालत के इस आदेश के बाद यह मामला भी राजनीतिक रूप से चर्चा का विषय बन गया है।
21 जुलाई के कार्यक्रम को लेकर बढ़ा विवाद
वहीं 21 जुलाई के शहीद दिवस कार्यक्रम को लेकर भी पार्टी के भीतर मतभेद बढ़ते नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले ही 21 जुलाई का कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है। दूसरी ओर, टीएमसी विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने भी उसी दिन अलग से कार्यक्रम आयोजित करने का ऐलान किया है, जिससे पार्टी के अंदर असहमति की चर्चा तेज हो गई है।
इसी बीच 21 जुलाई की घटना की जांच की मांग को लेकर टीएमसी सांसद काकली घोष दस्तीदार ने विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने की मांग की है।

