महानुभाव साहित्य में योगदान के लिए डॉ. भारतभूषण शास्त्री को मिलेगा प्रतिष्ठित स्मृति पुरस्कार

राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के भगवान श्री चक्रधर स्वामी अध्यासन के प्रमुख डॉ. भारतभूषण शास्त्री का चयन प्रतिष्ठित स्वर्गीय रावसाहेब जी. एम. ठवरे स्मृति पुरस्कार के लिए किया गया है। उन्हें महानुभाव साहित्य के अध्ययन, शोध, संरक्षण और प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।
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Bharatbhushan Shastri: महानुभाव साहित्य के अध्ययन, शोध और संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के भगवान श्री चक्रधर स्वामी अध्यासन के प्रमुख डॉ. भारतभूषण शास्त्री का चयन प्रतिष्ठित स्वर्गीय रावसाहेब जी. एम. ठवरे स्मृति पुरस्कार के लिए किया गया है।
इस सम्मान की घोषणा परमार्ग साधना महानुभाव आश्रम, मनसर की ओर से खंदारकर बाबा महानुभाव ने की। यह पुरस्कार 5 जुलाई 2026 (रविवार) को आयोजित महानुभाव पंथीय गुणवंत विद्यार्थी गुणगौरव समारोह में विशिष्ट अतिथियों के हाथों प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन वेंकटेश बैंक्वेट्स हॉल, संजुबा स्कूल के निकट, बीएसएनएल कार्यालय के सामने, अयोध्या नगर, नागपुर में होगा।
शोध कार्यों को मिली पहचान
डॉ. भारतभूषण शास्त्री ने महानुभाव साहित्य, विशेष रूप से संस्कृत सूत्रपाठ के अध्ययन और अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। उनके शोध ने महानुभाव साहित्य के विभिन्न पहलुओं को नई दृष्टि से सामने लाने का काम किया है। उनके शोध कार्यों से विद्यार्थियों, शोधार्थियों और साहित्य के अध्येताओं को काफी लाभ मिला है।
साहित्य संरक्षण में अहम योगदान
उन्होंने लंबे समय से महानुभाव साहित्य के संरक्षण, संवर्धन, अनुसंधान और प्रचार-प्रसार के लिए लगातार कार्य किया है। उनके प्रयासों से इस साहित्यिक परंपरा को नई पहचान और मजबूती मिली है। उनके शोध कार्य अकादमिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ महानुभाव परंपरा की सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को संरक्षित करने में भी उपयोगी साबित हुए हैं।
डॉ. भारतभूषण शास्त्री की विद्वत्ता, साहित्य के प्रति समर्पण और लंबे समय से की जा रही साहित्य सेवा को सम्मानित करने के उद्देश्य से उन्हें यह प्रतिष्ठित स्मृति पुरस्कार प्रदान किया जा रहा है। उनके चयन पर राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय परिवार तथा साहित्य जगत ने खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।

