नागपुर विश्वविद्यालय में कृषि दिवस के रूप में मनाई गई पूर्व सीएम वसंतराव नाईक की जयंती

राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री वसंतराव नाईक की जयंती कृषि दिवस के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई और कृषि, ग्रामीण विकास तथा किसानों के लिए उनके योगदान को याद किया गया।
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Vasantrao Naik Jayanti: राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और हरित क्रांति के प्रणेता वसंतराव नाईक की जयंती आज बुधवार को कृषि दिवस के रूप में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के जमनालाल बजाज प्रशासनिक भवन स्थित सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्या विभाग के प्रभारी उपकुलसचिव गणेश कुमकुमवार द्वारा वसंतराव नाईक के चित्र पर पुष्पहार अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इस मौके पर विश्वविद्यालय के अधिकारी और कर्मचारियों ने भी उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम में कई गणमान्य रहे मौजूद
कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग के प्रभारी अधीक्षक शैलेश राठोड, आस्थापना विभाग के प्रभारी अधीक्षक राकेश कोपुलवार, मनोज मोरे, योगेश केवटे, वासुदेव हरडे, प्रभाकर गेडाम, कवडू भोयर, कार्तिक हरडे, प्रदीप झोडे, अनिल खरे, नरेंद्र पवार, आसिफ शेख, गणेश रोका, दिनकर क्षीरसागर सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
कृषि और ग्रामीण विकास में योगदान को किया याद
कार्यक्रम में वक्ताओं ने वसंतराव नाईक के कृषि, ग्रामीण विकास और महाराष्ट्र की प्रगति में दिए गए योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि वसंतराव नाईक ने अपने दूरदर्शी नेतृत्व और कृषि सुधारों के माध्यम से राज्य को नई दिशा दी। किसानों के हित में बनाई गई उनकी नीतियां और हरित क्रांति में उनका योगदान आज भी प्रेरणा का स्रोत हैं।
कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय परिवार ने वसंतराव नाईक के आदर्शों पर चलने तथा कृषि और ग्रामीण विकास के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया।

