नागपुर में कचरा ठेकेदारों की जांच पूरी, दोषियों पर होगी कार्रवाई; विधानसभा में उठा बाढ़ मुआवजे का मुद्दा

नागपुर महानगरपालिका के कचरा संग्रहण कार्य में कथित अनियमितताओं की जांच पूरी हो गई है। राज्य सरकार को जांच रिपोर्ट मिल चुकी है। विधानसभा में सरकार ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विधायक विकास ठाकरे ने बाढ़ पीड़ितों के मुआवजे का मुद्दा भी उठाया।
विषयसूची
Nagpur News: नागपुर महानगरपालिका के कचरा संग्रहण कार्य का जिम्मा संभाल रही एजी एनवायरो (AG Enviro) और बीवीजी इंडिया (BVG India) के कामकाज में कथित अनियमितताओं की जांच पूरी हो चुकी है। जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को मिल गई है और रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी नगर विकास राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने बुधवार को महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र में दी।
विधानसभा में उठा जांच रिपोर्ट का मुद्दा
पश्चिम नागपुर के विधायक विकास ठाकरे ने सदन में सरकार द्वारा पहले दिए गए आश्वासन का हवाला देते हुए दोनों कचरा ऑपरेटरों की जांच रिपोर्ट और कार्रवाई का मुद्दा उठाया। इसके जवाब में राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने कहा कि जांच पूरी हो चुकी है और रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

कंपनियों पर लगाए गंभीर आरोप
विकास ठाकरे ने आरोप लगाया कि नवंबर 2019 से दोनों कंपनियों की नियुक्ति के बाद लगातार कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि कचरे का वजन बढ़ाने के लिए उसमें पत्थर, मिट्टी और मृत पशुओं के अवशेष तक मिलाए गए। इसके अलावा कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से कई गड़बड़ियां हुईं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घर-घर नियमित कचरा संग्रहण नहीं किया गया, शहर के कचरा ब्लैक स्पॉट खत्म नहीं किए गए और गीले व सूखे कचरे का अलग-अलग संग्रहण और परिवहन भी नहीं किया गया। इसका खामियाजा शहर के नागरिकों को भुगतना पड़ा।
ठेका बढ़ाने पर भी उठाए सवाल
विधायक ठाकरे ने कहा कि खराब प्रदर्शन और लगातार शिकायतों के बावजूद दोनों कंपनियों के ठेकों को पांच साल बाद भी बढ़ा दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि नगर निगम की महासभा ने दोनों कंपनियों का ठेका रद्द करने का प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन प्रशासन ने उस पर अमल नहीं किया।
बाढ़ पीड़ितों के मुआवजे का मुद्दा भी उठाया
सदन में विकास ठाकरे ने वर्ष 2023 और पिछले साल अतिवृष्टि तथा बाढ़ से प्रभावित नागपुर के लोगों को अब तक उचित मुआवजा नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के बाढ़ पीड़ितों को केवल 10 हजार रुपये की सहायता दी गई, जबकि घरों में घुसे कीचड़ और कचरे की सफाई पर ही इससे अधिक खर्च आ गया। उन्होंने सरकार से मांग की कि बाढ़ से हुए वास्तविक नुकसान का आकलन कर प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा दिया जाए।

