Nagpur Animal Shelter Attack: पशु शेल्टर में आधी रात को नशेड़ी का तांडव, पुलिस कार्रवाई पर भड़के संचालक

Nagpur Animal Shelter Attack: नागपुर के पशु शेल्टर में नशे में धुत व्यक्ति का आतंक, तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी। पुलिस की ढिलाई और कार्रवाई पर उठे सवालों की पूरी खबर पढ़ें।
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डेढ़ घंटे तक तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी
Nagpur Animal Shelter Attack: स्वतंत्रता दिवस की रात नागपुर स्थित एक पशु शेल्टर में एक नशे में धुत व्यक्ति द्वारा जमकर उत्पात मचाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। करीब डेढ़ घंटे तक चले इस हंगामे में आरोपी ने न केवल शेल्टर में भारी तोड़फोड़ की, बल्कि कर्मचारियों और बेजुबान जानवरों की जान को भी खतरे में डाल दिया। घटना के बाद समय पर मदद न पहुंचने और पुलिस द्वारा मामूली कार्रवाई कर आरोपी को छोड़ देने पर शेल्टर संचालकों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
घटना का खौफनाक मंजर: 90 मिनट तक चला
यह घटना 15 अगस्त की रात करीब 3 बजे से 4:30 बजे के बीच की है। शेल्टर संचालकों के अनुसार आरोपी ने जबरन शेल्टर की बाउंड्री और दरवाजे तोड़ दिए। उसने वहां मौजूद केयरटेकर पर हमला किया और उसका मोबाइल छीनने की कोशिश की। रेस्क्यू वैन के शीशे भारी पत्थरों से चकनाचूर कर दिए। आरोपी यहीं नहीं रुका उसने केयरटेकर्स और वहां मौजूद जानवरों पर भी पत्थर फेंके तथा जान से मारने की धमकियां दीं। चूंकि यह शेल्टर एक सुनसान इलाके में स्थित है इसलिए रात के समय वहां आसपास कोई आवाजाही नहीं होती। अंदर मौजूद लोगों ने मदद के लिए लगातार तेज हॉर्न भी बजाए लेकिन तत्काल कोई सहायता नहीं मिल सकी।
बेजुबानों ने निभाई रक्षक की भूमिका
इस खौफनाक रात में एक बेहद मार्मिक पहलू भी देखने को मिला। संचालकों ने बताया कि जिन बेजुबान कुत्तों की वे जान बचाते हैं, उन्हीं जानवरों ने उस रात उनकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। शेल्टर के कुत्तों ने हमलावर की मौजूदगी को समय रहते भांप लिया और उसे देखकर सतर्क हो गए। वे हमलावर के सामने निडर होकर डटकर खड़े रहे, जिससे अंदर मौजूद कर्मचारियों को संभलने का मौका मिला।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस पूरी घटना में पुलिस के ढुलमुल रवैये ने शेल्टर संचालकों को गहरा आघात पहुंचाया है। रात 3:30 बजे पुलिस हेल्पलाइन 112 पर फोन किया गया लेकिन कोई सहायता समय पर नहीं पहुंची। इसके बाद पुलिस स्टेशन के लैंडलाइन पर भी संपर्क किया गया। जब कोई पुलिसकर्मी नहीं आया तो संचालकों को जान जोखिम में डालकर खुद प्रताप नगर से करीब 16 किलोमीटर दूर घटनास्थल से पुलिस स्टेशन जाना पड़ा। वे पुलिस से पहले ही वहां पहुंच गए थे। संचालकों का सीधा आरोप है कि आरोपी का मेडिकल कराने और सख्त FIR दर्ज करने की मांग के बावजूद पुलिस ने केवल एनसी दर्ज की और उसे जाने दिया।
क्या हैं शेल्टर संचालकों की मांगें
शेल्टर संचालकों ने प्रशासन से मांगें की हैं। आरोपी के खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज किया जाए। आरोपी किस नशे में था और रात के समय उसे वह नशीला पदार्थ कहां से मिला इसकी गहराई से जांच हो। शेल्टर वहां काम करने वाले कर्मचारियों केयरटेकर्स और जानवरों की पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

