पुणे में पत्रकार निखिल सुक्रे से कथित मारपीट पर मुंबई प्रेस क्लब ने जताई नाराजगी

पुणे में पत्रकार निखिल सुक्रे के साथ मारपीट: पुणे में आंदोलन की कवरेज के दौरान ‘जय महाराष्ट्र’ के पत्रकार निखिल सुक्रे से कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। मुंबई प्रेस क्लब ने घटना की निंदा करते हुए पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रेस क्लब ने पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और बिना डर के काम करने के अधिकार को सुनिश्चित करने की अपील की है।
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पुणे में पत्रकार से कथित मारपीट पर प्रेस क्लब की प्रतिक्रिया
पुणे में पत्रकार निखिल सुक्रे के साथ मारपीट: मुंबई/पुणे: मुंबई प्रेस क्लब ने पुणे में आंदोलन की कवरेज के दौरान ‘जय महाराष्ट्र’ के पत्रकार निखिल सुक्रे के साथ हुई कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार की कड़ी निंदा की है। इस घटना में कथित रूप से शामिल एक व्यक्ति को पुलिस ने बाद में हिरासत में लिया है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना विधायक रोहित पवार के नेतृत्व में आयोजित विरोध प्रदर्शन की कवरेज के दौरान हुई। मुंबई प्रेस क्लब की ओर से जारी बयान में कहा गया कि निखिल सुक्रे प्रदर्शन से जुड़े समाचार संकलन के लिए मौके पर मौजूद थे, इसी दौरान उनके साथ कथित तौर पर मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया। प्रेस क्लब ने घटना को गंभीर बताते हुए पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र रूप से काम करने के अधिकार पर चिंता जताई है।
प्रेस क्लब ने पुलिस से मामले की तत्काल और निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही घटना के वास्तविक तथ्यों और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका कानून के अनुसार स्पष्ट करने का आग्रह किया गया है। क्लब का कहना है कि पत्रकारों को भय, धमकी या किसी भी तरह के शारीरिक हस्तक्षेप के बिना अपने पेशेवर दायित्व निभाने में सक्षम होना चाहिए।
निष्पक्ष जांच और पत्रकारों की सुरक्षा की मांग
बयान में कहा गया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पत्रकारों की भूमिका महत्वपूर्ण है और समाचार संकलन के दौरान उन्हें सुरक्षित वातावरण मिलना आवश्यक है। मुंबई प्रेस क्लब ने निखिल सुक्रे के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए राजनीतिक नेताओं और सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजकों से पत्रकारों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने की अपील की है।
आगे क्या: प्रेस क्लब पुणे और महाराष्ट्र के पत्रकार संगठनों के साथ लगातार संवाद बनाए रखेगा और उसका कहना है कि निष्पक्ष जांच से सभी तथ्य सामने आने चाहिए तथा कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई होनी चाहिए।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

