नागपुर के तरुण श्रीवास्तव बने रीजनल ग्रैंड मास्टर-डिजिग्नेट, (आर जी एल डब्ल्यू) में संभालेंगे तीन वर्ष का कार्यकाल

नागपुर के तरुण श्रीवास्तव रीजनल ग्रैंड लॉज ऑफ वेस्टर्न इंडिया के रीजनल ग्रैंड मास्टर-डिजिग्नेट नियुक्त हुए हैं। 3 अक्टूबर 2026 को रायपुर में ग्रैंड मास्टर जी. के. सेल्वराजन ने घोषणा की। वे सुभाष एल. सराफ का स्थान लेंगे और तीन वर्ष का कार्यकाल संभालेंगे। 1998 से फ्रीमेसनरी से जुड़े श्रीवास्तव अब महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और छत्तीसगढ़ में नेतृत्व करेंगे।
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नागपुर के तरुण श्रीवास्तव बने रीजनल ग्रैंड मास्टर-डिजिग्नेट, आर जी एल डब्ल्यू आई में संभालेंगे तीन वर्ष का कार्यकाल
तरुण श्रीवास्तव नागपुर ग्रैंड मास्टर डिजिग्नेट: नागपुर, 5 अक्टूबर। नागपुर के तरुण श्रीवास्तव को रीजनल ग्रैंड लॉज ऑफ वेस्टर्न इंडिया (आर जी एल डब्ल्यू आई) का रीजनल ग्रैंड मास्टर-डिजिग्नेट नियुक्त किया गया है। ग्रैंड लॉज ऑफ इंडिया के ग्रैंड मास्टर एम. डब्ल्यू. ब्रो. जी. के. सेल्वराजन, ओएसएम ने 3 अक्टूबर 2026 को रायपुर में आयोजित विशेष बैठक में उनके नाम की घोषणा की।
श्रीवास्तव वर्तमान रीजनल ग्रैंड मास्टर आर. डब्ल्यू. ब्रो. सुभाष एल. सराफ का स्थान लेंगे और तीन वर्ष का कार्यकाल संभालेंगे। वे नागपुर से इस प्रतिष्ठित पद पर पहुंचने वाले चौथे व्यक्ति होंगे। आर जी एल डब्ल्यू आई के अधिकार क्षेत्र में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और छत्तीसगढ़ शामिल हैं।
फ्रीमेसनरी में सफर
तरुण श्रीवास्तव ने 21 जून 1998 को लॉज त्रिमूर्ति नंबर 294, नागपुर से फ्रीमेसनरी की शुरुआत की। वर्ष 2005 में वे लॉज के वर्शिपफुल मास्टर बने और इसी दौरान RGLWI बेस्ट स्टीवर्डशिप अवॉर्ड प्राप्त किया। वर्ष 2010 में वे ‘द एशलर’ के संपादक बने। 2013 में उन्हें आर. डब्ल्यू. ब्रो. योगराज गुरुवारा ट्रॉफी और 2018 में ग्रैंड फेस्टिवल के दौरान प्रशंसा ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। 2019 में वे ग्रैंड बोर्ड ऑफ जनरल पर्पजेस के लिए चार वर्ष के कार्यकाल हेतु निर्वाचित हुए।
वर्तमान में वे आर जी एल डब्ल्यू आई के डिप्टी रीजनल ग्रैंड मास्टर तथा रीजनल ग्रैंड चैप्टर ऑफ वेस्टर्न इंडिया के सेकंड प्रिंसिपल हैं। उन्होंने फ्रीमेसनरी में 50 से अधिक लोगों को जोड़ने में भूमिका निभाई है। वे मार्क मास्टर मेसन और रॉयल आर्क मेरिनर लॉज की स्थापना से भी जुड़े रहे हैं।
शिक्षा और सामाजिक कार्य
श्रीवास्तव ने मेसोनिक शिक्षा के सर्टिफिकेट और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के शुरुआती बैच पूरे किए और बाद में ग्रैंड लॉज ऑफ इंडिया में ट्यूटर के रूप में भी सेवाएं दीं। नागपुर के पंचवटी वृद्धाश्रम परियोजना में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
2023 में उन्हें 25 वर्ष की सेवा के लिए एलटीएस ज्वेल इन क्राफ्ट, 21 सितंबर 2025 को अहमदाबाद में एलटीएस ज्वेल इन चैप्टर और 3 अक्टूबर 2026 को रायपुर में एलटीएस ज्वेल इन मार्क प्रदान किया गया।
लगभग तीन दशकों की सेवा, नेतृत्व, शिक्षा और सामाजिक कार्यों के बाद उनकी नई जिम्मेदारी पश्चिमी भारत के चार राज्यों में फ्रीमेसनरी को आगे बढ़ाने की है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

