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प्रेमानंद महाराज की जान को खतरा? CM योगी से Z+ सुरक्षा की मांग

प्रेमानंद महाराज की जान को खतरा? CM योगी से Z+ सुरक्षा की मांग
Premanand Maharaj Security: प्रेमानंद महाराज की जान को खतरा? CM योगी से Z+ सुरक्षा की मांग ( Image - AI )

प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। CM योगी से Z+ सुरक्षा की मांग के साथ आश्रम से जुड़े विवादों की जांच की मांग भी उठी है।

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Priyanka C. Mishra
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आश्रम से जुड़े विवादों ने बढ़ाई चिंता

प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर वृंदावन में चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है। पिछले दो दिनों में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अलग-अलग पत्र भेजकर महाराज की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की गई है। इनमें उन्हें Z+ सुरक्षा देने के साथ-साथ श्रीहित राधा केली कुंज आश्रम और उसके आसपास की गतिविधियों की जांच कराने का अनुरोध किया गया है।

सुरक्षा की मांग उठाने वालों में श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा फलाहारी भी शामिल हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में दावा किया है कि आश्रम से जुड़े लोगों के बीच मतभेद बढ़ रहे हैं और वहां दो अलग-अलग गुट सक्रिय होने की स्थिति सामने आ रही है। पत्र में आश्रम के आसपास कथित संपत्ति संबंधी गतिविधियों और संदिग्ध लोगों की मौजूदगी की जांच कराने की मांग भी की गई है।

CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की मांग

दिनेश शर्मा फलाहारी के पत्र के मुताबिक, आश्रम से जुड़े विवादों के कारण प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर आशंका पैदा हुई है। पत्र में दावा किया गया है कि कुछ लोग धार्मिक गतिविधियों की आड़ में संपत्ति से जुड़े मामलों में सक्रिय हो सकते हैं। इसी संदर्भ में आश्रम के सेवादारों का पुलिस सत्यापन कराने, संदिग्ध गतिविधियों की जांच करने और परिसर में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की मांग की गई है।

पत्र में यह भी कहा गया है कि आश्रम से जुड़े लोगों की गतिविधियों और संपत्तियों की जांच से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। आरोप लगाने वालों का कहना है कि यदि किसी प्रभावशाली धार्मिक संस्था से जुड़े लोगों के बीच विवाद पैदा हो रहा है तो प्रशासन को समय रहते सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करनी चाहिए।

रसिक दुलारी की मौत के बाद बढ़ी चर्चा

इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि में प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत भी महत्वपूर्ण है। 25 सितंबर को वह वृंदावन में गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल से नीचे गिर गए थे। अस्पताल ले जाने के बाद उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस की शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हुआ और CCTV फुटेज भी जांच का हिस्सा बनी। हालांकि मौत से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच अभी जारी बताई गई है।

पोस्टमार्टम में शरीर पर कई चोटें सामने आने के बाद मामले को लेकर चर्चाएं और तेज हुईं। पुलिस ने घटनास्थल से मिले सामान को भी जांच के लिए भेजा है। परिवार की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि इस घटना का प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा से कोई सीधा संबंध है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर जांच एजेंसियां घटना के परिस्थितिजन्य पहलुओं को देख रही हैं।

किशोर शिष्य के लापता होने से भी उठा विवाद

इसी बीच प्रेमानंद महाराज से जुड़े 17 वर्षीय शिष्य अनुज चौधरी के लापता होने का मामला भी सामने आया। वह जुलाई से लापता था और उसके परिवार ने वृंदावन स्थित आश्रम के बाहर प्रदर्शन भी किया था। परिवार ने आश्रम प्रबंधन पर पर्याप्त जानकारी नहीं देने और CCTV फुटेज उपलब्ध नहीं कराने के आरोप लगाए थे।

पुलिस की कार्रवाई और एक स्थानीय व्यक्ति से मिली सूचना के बाद अनुज को आखिरकार मथुरा जिले के बरसाना क्षेत्र के एक आश्रम से खोज लिया गया। यानी जिस किशोर के लंबे समय से लापता होने की बात सामने आ रही थी, वह सुरक्षित मिल गया। इस घटनाक्रम ने आश्रम की व्यवस्थाओं और वहां आने वाले नाबालिगों की निगरानी को लेकर बहस जरूर तेज कर दी।

बेलवन आश्रम में हैं प्रेमानंद महाराज

रिपोर्टों के मुताबिक, हालिया घटनाओं के बीच प्रेमानंद महाराज केली कुंज से अलग होकर बेलवन स्थित आश्रम में रह रहे हैं। सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्रों में भी इस स्थिति का उल्लेख किया गया है। मामला तूल पकड़ने के बीच समर्थकों और संतों के बीच भी चर्चा हुई। रिपोर्ट के अनुसार, प्रेमानंद महाराज और आश्रम के वरिष्ठ संतों ने धरना-प्रदर्शन अथवा भीड़ जुटाने से बचने की सलाह दी है।


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प्रियंका सी. मिश्रा वरिष्ठ हिंदी कंटेंट राइटर और पत्रकार हैं, जिन्हें समाचार लेखन, डिजिटल कंटेंट निर्माण, स्क्रिप्टिंग, रिपोर्टिंग और विश्लेषण के क्षेत्र में व्यापक अनुभव प्राप्त है। वे सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक विषयों के साथ-साथ बॉलीवुड, ज्योतिष, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल जैसे विविध विषयों पर तथ्यपरक और शोध आधारित लेखन करती हैं। जटिल मुद्दों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करना उनकी विशेषता है, जिससे उनकी सामग्री व्यापक पाठक वर्ग के लिए सहज और विश्वसनीय बनती है। अनुभव : हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री में कार्य करते हुए उन्होंने समाचार लेखन, फीचर स्टोरी, विश्लेषणात्मक लेख और यूट्यूब स्क्रिप्टिंग में मजबूत पहचान बनाई है। विभिन्न समसामयिक और जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता उन्हें एक बहुमुखी कंटेंट विशेषज्ञ के रूप में स्थापित करती है। वर्तमान फोकस : वे समाचार, सोशल ट्रेंड्स, एंटरटेनमेंट, ज्योतिष, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर डिजिटल ऑडियंस के लिए जानकारीपूर्ण और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करती हैं। उनकी प्राथमिकता तथ्यों की सटीकता, निष्पक्ष प्रस्तुति और पाठकों के लिए उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराना है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • समाचार लेखन और विश्लेषण : राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक विषयों पर स्पष्ट और संतुलित रिपोर्टिंग एवं विश्लेषण। • बॉलीवुड और एंटरटेनमेंट : फिल्म, सेलिब्रिटी और मनोरंजन जगत से जुड़े ट्रेंड्स और अपडेट्स पर लेखन। • ज्योतिष और लाइफस्टाइल : ज्योतिष, स्वास्थ्य, रिलेशनशिप और दैनिक जीवन से जुड़े विषयों पर सरल एवं उपयोगी कंटेंट निर्माण। • यूट्यूब स्क्रिप्टिंग और डिजिटल कंटेंट : डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक, ऑडियंस-केंद्रित और रिसर्च आधारित स्क्रिप्ट तैयार करने में विशेषज्ञता। • हिंदी कंटेंट निर्माण : सरल, प्रभावी और SEO-फ्रेंडली हिंदी कंटेंट तैयार करने का अनुभव। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, निष्पक्ष दृष्टिकोण और संवेदनशील लेखन शैली के कारण प्रियंका सी. मिश्रा ने पाठकों के बीच एक विश्वसनीय हिंदी कंटेंट राइटर और डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल के रूप में अपनी पहचान बनाई है। समाचार और डिजिटल मीडिया के प्रति उनकी प्रतिबद्धता तथा विविध विषयों पर निरंतर लेखन अनुभव उनकी विशेषज्ञता और विश्वसनीयता को मजबूत बनाता है।