सरकारी डॉक्टर के यहां मिला फ्लैटों और लग्जरी कारों का जखीरा

सरकारी अस्पताल में बड़े पद पर तैनात डॉक्टर के पास इतनी संपत्ति आखिर कैसे जुटी? ACB की जांच में 8 आलीशान फ्लैट, लग्जरी कारें, सोना, प्लॉट और करोड़ों के निवेश की परतें खुली हैं। अब जांच इस बात पर टिकी है कि इन संपत्तियों का असली स्रोत क्या है और क्या इनमें से कुछ बेनामी तरीके से हासिल की गईं?
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8 फ्लैट, जैगुआर-ऑडी और 517 ग्राम सोना
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में सरकारी अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच ने नया मोड़ ले लिया है। तेलंगाना एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने निजाम्स इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (नीम्स) के एडिशनल मेडिकल सुपरिंटेंडेंट और एडिशनल प्रोफेसर डॉ. नोरी लक्ष्मी भास्कर के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाशी अभियान चलाया।
शुरुआती तलाशी में एजेंसी ने करीब 6.13 करोड़ रुपये की दस्तावेजी कीमत वाली संपत्तियों का पता लगाया। एसीबी को कुछ ऐसे दस्तावेज और संपत्तियां मिली हैं, जिनकी कड़ियां डॉक्टर के रिश्तेदारों, परिचितों और नीम्स से जुड़े कुछ कर्मचारियों तक पहुंचती हैं। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं इनमें से कुछ संपत्तियां दूसरे लोगों के नाम पर तो नहीं रखी गई थीं।
म्यूचुअल फंड में 29.55 लाख का निवेश
तलाशी में एसीबी ने डॉक्टर से जुड़े आठ आवासीय फ्लैटों के दस्तावेज मिलने की जानकारी दी। इसके अलावा चार खुले प्लॉट तथा 800 वर्ग गज का एक प्लॉट भी जांच में सामने आया। बैंक खातों में करीब 41 लाख रुपये, पोस्ट ऑफिस में लगभग 12 लाख रुपये, निजी वित्तीय संस्थानों में करीब 35 लाख रुपये और म्यूचुअल फंड में लगभग 29.55 लाख रुपये के निवेश का पता चला।
1.33 करोड़ रुपये के हैंड लोन भी दिए
तलाशी के दौरान सामने आए चल-अचल सामान में महंगी गाड़ियों ने भी ध्यान खींचा। एसीबी के अनुसार, सूची में जैगुआर, ऑडी और टाटा नेक्सॉन जैसी कारें शामिल हैं। इसके अलावा चार दोपहिया वाहन भी मिले। इलेक्ट्रॉनिक सामान की कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई गई है।
एजेंसी ने करीब 517.8 ग्राम सोने के आभूषण मिलने की जानकारी दी है। इसके साथ ही एक ऐसे फ्लैट में करीब 1.30 करोड़ रुपये के निवेश का भी पता चला है, जो ऋण वसूली अधिकरण (डीआरटी) के समक्ष विवाद में बताया गया है। डॉक्टर ने अलग-अलग लोगों को करीब 1.33 करोड़ रुपये के हैंड लोन भी दिए थे।
नाई के घर से 4.94 लाख नकद मिले
तलाशी में नीम्स में काम करने वाले एक नाई के घर से करीब 4.94 लाख रुपये नकद मिलने की रिपोर्ट है। एसीबी यह जांच कर रही है कि इस कर्मचारी के डॉक्टर के साथ कोई वित्तीय संबंध था या नहीं और बरामद रकम का मामले में क्या संबंध है। इसके अलावा महेश्वरम में तीन कृषि भूमि के दस्तावेज मिले, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 57 लाख रुपये बताई गई है। बंजारा हिल्स की एमएलए कॉलोनी में लगभग 2.7 करोड़ रुपये की बुक वैल्यू वाले खुले प्लॉट का भी पता चला है। इस संपत्ति का बाजार मूल्य बुक वैल्यू से कई गुना अधिक हो सकता है। एजेंसी अब यह भी जांच रही है कि इन संपत्तियों का वास्तविक लाभार्थी कौन है।
200 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है बाजार कीमत?
शुरुआती जांच में एसीबी ने जिन संपत्तियों की दस्तावेजी कीमत करीब 6.13 करोड़ रुपये बताई थी, उनके बारे में एजेंसी ने कहा था कि वास्तविक बाजार मूल्य कई गुना अधिक हो सकता है। ताजा तलाशी में नई संपत्तियां सामने आने के बाद कुछ रिपोर्टों में डॉक्टर से कथित रूप से जुड़ी संपत्तियों का बाजार मूल्य 200 करोड़ रुपये से अधिक होने की संभावना बताई गई है। हालांकि यह आंकड़ा जांच के अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं, बल्कि सामने आई संपत्तियों के संभावित बाजार मूल्य के आकलन के तौर पर देखा जाना चाहिए।
आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज
- सीबी ने डॉ. नोरी लक्ष्मी भास्कर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(b) और 13(2) के तहत आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है।
- एजेंसी संपत्तियों के दस्तावेज, बैंक लेन-देन, निवेश और कथित सहयोगियों के वित्तीय संबंधों की जांच कर रही है। फिलहाल यह मामला जांच के चरण में है।
- एसीबी की ओर से सामने रखी गई संपत्तियां और आरोप अदालत में अंतिम रूप से सिद्ध होना बाकी हैं।
- जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इनमें से कितनी संपत्तियां डॉक्टर की वैध आय से मेल खाती हैं और किन संपत्तियों को आय से अधिक संपत्ति के मामले में शामिल किया जाता है।

