दिलीप घोष का ममता बनर्जी पर निशाना, बोले-जीरो जीरो मिल जाए तो क्या होगा ,जीरो ही रहेगा

भाजपा नेता दिलीप घोष ने ममता बनर्जी, फुटबॉल, वामदलों और नंदीग्राम को लेकर बयान दिया। उन्होंने फुटबॉल के लिए लंबी योजना की जरूरत बताई और ममता पर निशाना साधा।
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वामदलों से संभावित गठबंधन पर दिलीप घोष ने कसा तंज
भाजपा नेता दिलीप घोष ने फुटबॉल, ममता बनर्जी, विपक्षी दलों की राजनीति और नंदीग्राम उपचुनाव समेत कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी। न्यूटाउन के इको पार्क में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने सरकार के फैसलों पर अपनी राय रखी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा।
मेसी विवाद के बाद 22 हजार दर्शकों को फ्री टिकट देने के फैसले का स्वागत
मेसी से जुड़े विवाद के बाद मुख्यमंत्री की ओर से 22 हजार दर्शकों को भारत-उरुग्वे मैच के लिए मुफ्त टिकट दिए जाने के फैसले पर दिलीप घोष ने इसे अच्छा कदम बताया। उन्होंने कहा कि फुटबॉल प्रेमियों को जिस तरह की परेशानी हुई, उसके बाद उन्हें लगता है कि सरकार ने उनके साथ न्याय किया है।
ब्राजील से सीखने की जरूरत, फुटबॉल में लंबी योजना की मांग
फुटबॉल को लेकर दिलीप घोष ने कहा कि ब्राजील भारत से काफी आगे है और इससे यह पता चलता है कि देश अभी विश्व स्तर की मुख्यधारा से पीछे है। उन्होंने कहा कि भारत को फुटबॉल में मजबूत बनाने के लिए लंबी अवधि की योजना बनानी होगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा पीढ़ी के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देकर अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने की जरूरत है। उनके मुताबिक खेल की जानकारी रखने वाले लोगों को खेल व्यवस्था में जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।
ममता बनर्जी के पुराने पैर की चोट पर फिर टिप्पणी
ममता बनर्जी के पैर में चोट के पुराने मामले का जिक्र करते हुए दिलीप घोष ने कहा कि उन्होंने पहले भी इस मुद्दे पर बयान दिया था। उन्होंने दावा किया कि चुनाव खत्म होने के बाद सब ठीक हो गया था। हालांकि यह उनका राजनीतिक दावा है और इसे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया गया है।
जीरो जीरो मिल जाए तो क्या होगा, जीरो ही रहेगा
वामदलों के साथ ममता बनर्जी के संभावित राजनीतिक समीकरण पर पूछे गए सवाल के जवाब में दिलीप घोष ने तंज कसते हुए कहा,जीरो जीरो मिल जाए तो क्या होगा जीरो ही होगा. नंदीग्राम में उपचुनाव के अंतिम दिन के संदर्भ में दिलीप घोष ने मुस्लिम मतदाताओं को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राज्य के मुस्लिम मतदाता अभी तक भाजपा को वोट नहीं देते रहे हैं और उन्हें विकास के मुद्दे पर विचार करना चाहिए।
रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल
एडिट: शिंकी सिंह

